{"_id":"60d4d3038ebc3eb4412147d7","slug":"chhah-saal-pahale-bane-ovarahed-tainkon-se-shuroo-nahin-huee-jalaapoorti-girate-jalastar-se-nalakoop-bhee-naakaam-kannauj-news-knp636249297","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह साल पहले बने ओवरहेड टैंकों से शुरू नहीं हुई जलापूर्ति, गिरते जलस्तर से नलकूप भी नाकाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह साल पहले बने ओवरहेड टैंकों से शुरू नहीं हुई जलापूर्ति, गिरते जलस्तर से नलकूप भी नाकाम
विज्ञापन
कालिका देवी मंदिर के पास बनी टंकी।
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ (कन्नौज)। पेयजल के लिए 2192.08 लाख खर्च करने के बाद भी नगर में पानी का संकट है। साल 2014 में जल निगम को छिबरामऊ पेयजल पुनर्गठन योजना के लिए यह बजट स्वीकृत किया गया था। कार्य पूरा हो चुका है। नगर में बिछाई र्गइं पाइप लाइनों में जगह-जगह लीकेज है। इसकी वजह से छह साल बाद भी नगर के लोगों को पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। वहीं दूसरी ओर गिरते जलस्तर के कारण नगर पालिका परिषद के नलकूप भी लोगों की प्यास बुझाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
छिबरामऊ पेयजल पुनर्गठन योजना के लिए वर्ष 2014 में 2192.08 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। पेयजल व्यवस्था को तीन जोन में बांटा गया था। गंगेश्वरनाथ मंदिर, फर्रुखाबाद रोड स्थित इंदिरा आवास कालोनी और नहर निरीक्षण भवन में ओवरहेड टैंक बनाए गए थे। इसके अलावा इंदिरा आवास कालोनी, नहर कोठी, सैयदबाड़ा, आवास विकास कालोनी के पार्क संख्या एक, बनवारी नगर, मोहल्ला सराफान में नलकूप लगवाए गए थे। पूर्व विधायक अरविंद सिंह यादव के आवास के पास विवाद के चलते नलकूप की स्थापना नहीं हो सकी थी। पूरे नगर में पाइप लाइन डलवाई गई थीं। टेस्टिंग के दौरान पाइप जगह-जगह फट गए। इससे छह साल बाद भी परियोजना नगर पालिका को हैंडओवर नहीं हो सकी। हालांकि जल निगम ने कई बार प्रयास किया, लेकिन पाइप लाइनें लीकेज होने के कारण नगर पालिका के अधिकारी हाथ पीछे खींच लेते हैं।
ईओ ने डीएम, एक्सईएन को लिखे पत्र
नगर पालिका परिषद के ईओ सुरेंद्र केसरवानी ने बताया कि नगर पालिका परिसर, अस्पताल रोड, लकड़ी मंडी व हीरालाल कॉलेज के पास लगे नलकूपों से पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इन नलकूपों को रीबोर कराने और तालग्राम रोड पर गमा देवी मंदिर के पास नए नलकूप की स्थापना के लिए डीएम व जल निगम के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
छिबरामऊ पेयजल पुनर्गठन योजना के लिए वर्ष 2014 में 2192.08 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। पेयजल व्यवस्था को तीन जोन में बांटा गया था। गंगेश्वरनाथ मंदिर, फर्रुखाबाद रोड स्थित इंदिरा आवास कालोनी और नहर निरीक्षण भवन में ओवरहेड टैंक बनाए गए थे। इसके अलावा इंदिरा आवास कालोनी, नहर कोठी, सैयदबाड़ा, आवास विकास कालोनी के पार्क संख्या एक, बनवारी नगर, मोहल्ला सराफान में नलकूप लगवाए गए थे। पूर्व विधायक अरविंद सिंह यादव के आवास के पास विवाद के चलते नलकूप की स्थापना नहीं हो सकी थी। पूरे नगर में पाइप लाइन डलवाई गई थीं। टेस्टिंग के दौरान पाइप जगह-जगह फट गए। इससे छह साल बाद भी परियोजना नगर पालिका को हैंडओवर नहीं हो सकी। हालांकि जल निगम ने कई बार प्रयास किया, लेकिन पाइप लाइनें लीकेज होने के कारण नगर पालिका के अधिकारी हाथ पीछे खींच लेते हैं।
विज्ञापन
ईओ ने डीएम, एक्सईएन को लिखे पत्र
नगर पालिका परिषद के ईओ सुरेंद्र केसरवानी ने बताया कि नगर पालिका परिसर, अस्पताल रोड, लकड़ी मंडी व हीरालाल कॉलेज के पास लगे नलकूपों से पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इन नलकूपों को रीबोर कराने और तालग्राम रोड पर गमा देवी मंदिर के पास नए नलकूप की स्थापना के लिए डीएम व जल निगम के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन