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कैंसर अस्पताल का सपना नहीं हो सका पूरा
अमर उजाला ब्यूरो कन्नााज।
Updated Mon, 28 Dec 2015 11:37 PM IST
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शासन से जीओ न हो पाने के कारण रिवाइज स्टीमेट का बजट नहीं मिल सका। मेडिकल कालेज कैंपस में बन रहे राजकीय ह्दय रोग संस्थान व राजकीय कैंसर अस्पतालों के भवन का निर्माण अधर में लटके हैं। यह दोनों अस्पताल पांच मंजिला बन रहे हैं।
इनके भवन तो लगभग बनकर तैयार हैं, पर फिनिशिंग, इलेक्ट्रिक व सेनीटेशन का काम अधूरा पड़ा है। पूर्व में दोनों अस्पताल कम बजट में बन रहे थे। बाद में शासन के निर्देश आने पर इनका क्षेत्रफल व सुविधाएं बढ़ा दी गई। इस कारण निर्माण का बजट भी बढ़ गया।
जिसके चलते कार्रदाई संस्था ने रिवाइज स्टीमेट शासन को भेजा। एक सप्ताह पहले मंत्रिमंडल की हुई बैठक में रिवाइज स्टीमेट को स्वीकृत कर दिया गया। स्वीकृत करने के बाद जीओ के लिए दोनों अस्पतालों की फाइल राज्यपाल के कार्यालय जीओ के लिए भेज दी गई।
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वहां से अभी तक दोनों अस्पतालों का जीओ जारी नहीं हुआ है। कार्रदाई संस्था राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक बी.आर सिंह का कहना है कि रिवाइज स्टीमेट का जीओ स्वीकृत होते ही काम तेजी से शुरू करा दिया जाएगा। बजट मिलने के बाद जून 2016 तक दोनों अस्पतालों के भवनों को तैयार कर मेडिकल कालेज प्रशासन को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
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इनके भवन तो लगभग बनकर तैयार हैं, पर फिनिशिंग, इलेक्ट्रिक व सेनीटेशन का काम अधूरा पड़ा है। पूर्व में दोनों अस्पताल कम बजट में बन रहे थे। बाद में शासन के निर्देश आने पर इनका क्षेत्रफल व सुविधाएं बढ़ा दी गई। इस कारण निर्माण का बजट भी बढ़ गया।
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जिसके चलते कार्रदाई संस्था ने रिवाइज स्टीमेट शासन को भेजा। एक सप्ताह पहले मंत्रिमंडल की हुई बैठक में रिवाइज स्टीमेट को स्वीकृत कर दिया गया। स्वीकृत करने के बाद जीओ के लिए दोनों अस्पतालों की फाइल राज्यपाल के कार्यालय जीओ के लिए भेज दी गई।
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वहां से अभी तक दोनों अस्पतालों का जीओ जारी नहीं हुआ है। कार्रदाई संस्था राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक बी.आर सिंह का कहना है कि रिवाइज स्टीमेट का जीओ स्वीकृत होते ही काम तेजी से शुरू करा दिया जाएगा। बजट मिलने के बाद जून 2016 तक दोनों अस्पतालों के भवनों को तैयार कर मेडिकल कालेज प्रशासन को हैंडओवर कर दिया जाएगा।