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तहसीलदार से फोन कर किशोर बोला... मैं हूं एसडीएम का पुत्र
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किशोर से जानकारी लेते तहसीलदार अनिल कुमार।
- फोटो : KANNAUJ
तिर्वा (कन्नौज)। तहसीलदार के कक्ष में गुरुवार सुबह उस समय सभी हैरत में पड़ गए जब किशोर उम्र के लड़के का फोन आया। तहसीलदार के कॉल रिसीव करते ही दूसरी ओर से आवाज आई... मैं एसडीएम का पुत्र बोल रहा हूं। मुझे आर्थिक मदद की जरूरत है। यह सुनते ही तहसीलदार हक्के-बक्के रह गए। उन्होंने किशोर को दफ्तर बुलाया। उसकी बात सुनकर आर्थिक मदद की।
थाना ठठिया के हिम्मतपुर गांव निवासी किशोर उम्र का कहर अपनी नाबालिग बहन परवीन के साथ रहता है। पिता सलीम व मां अब इस दुनिया में नहीं हैं। गुरुवार सुबह कहर ने तहसीलदार के सीयूजी नंबर पर कॉल की। तहसीलदार अनिल कुमार सरोज के फोन रिसीव करते ही बोला, मैं एसडीएम का पुत्र बोल रहा हूं। आर्थिक मदद की जरूरत है। इस पर तहसीलदार ने किशोर को अपने दफ्तर बुलाया। किशोर के पहुंचने पर तहसीलदार ने पूछा, एसडीएम किस तरह से उसके पिता हैं। इस पर उसने जवाब दिया कि माता-पिता की करीब 11 साल पहले मौत हो गई थी। वह छोटी बहन के साथ रहता है। कोई उसकी जमीन न ले ले, इसलिए एसडीएम साहब उसके और बहन के संरक्षक बने हैं। मदद की जरूरत होने पर वह एसडीएम के पास आकर गुहार लगा लेता है। उसकी समस्या दूर हो जाती। तभी से वह एसडीएम को पिता की तरह मानता है।
तहसीलदार ने किशोर की समस्या पूछकर आर्थिक मदद की। तहसीलदार अनिल कुमार सरोज ने बताया कि किशोर को दैनिक जरूरतों के लिए मदद की जरूरत थी। उसे पूरा कर दिया गया।
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थाना ठठिया के हिम्मतपुर गांव निवासी किशोर उम्र का कहर अपनी नाबालिग बहन परवीन के साथ रहता है। पिता सलीम व मां अब इस दुनिया में नहीं हैं। गुरुवार सुबह कहर ने तहसीलदार के सीयूजी नंबर पर कॉल की। तहसीलदार अनिल कुमार सरोज के फोन रिसीव करते ही बोला, मैं एसडीएम का पुत्र बोल रहा हूं। आर्थिक मदद की जरूरत है। इस पर तहसीलदार ने किशोर को अपने दफ्तर बुलाया। किशोर के पहुंचने पर तहसीलदार ने पूछा, एसडीएम किस तरह से उसके पिता हैं। इस पर उसने जवाब दिया कि माता-पिता की करीब 11 साल पहले मौत हो गई थी। वह छोटी बहन के साथ रहता है। कोई उसकी जमीन न ले ले, इसलिए एसडीएम साहब उसके और बहन के संरक्षक बने हैं। मदद की जरूरत होने पर वह एसडीएम के पास आकर गुहार लगा लेता है। उसकी समस्या दूर हो जाती। तभी से वह एसडीएम को पिता की तरह मानता है।
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तहसीलदार ने किशोर की समस्या पूछकर आर्थिक मदद की। तहसीलदार अनिल कुमार सरोज ने बताया कि किशोर को दैनिक जरूरतों के लिए मदद की जरूरत थी। उसे पूरा कर दिया गया।
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