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Kannauj News: हुनर को निखार कर आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनें छात्राएं
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कन्नौज। वर्तमान समय में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वरोजगार और स्वावलंबन के लिए तकनीकी कौशल का होना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य के साथ राजकीय महिला महाविद्यालय बांगर में अमर उजाला की ओर से छात्राओं के लिए अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और उन्हें अपना हुनर निखार कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कौशल विकास मिशन के जिला प्रभारी एवं आईटीआई के प्रधानाचार्य अनुज कुमार मौर्य कहा कि छात्राओं के भीतर छिपी प्रतिभा को यदि सही दिशा और प्रशिक्षण मिले तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि समाज की आर्थिक स्थिति को भी सशक्त बना सकती हैं। सरकार की ओर से संचालित उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से छात्राओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिसका लाभ उठाकर वह घर बैठे या अपना संस्थान खोलकर स्वावलंबी बन सकती हैं। आईटीआई छिबरामऊ के प्रधानाचार्य संजीव कुमार पाल ने कहा कि कौशल विकास का उद्देश्य छात्राओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ इन अल्पकालिक कोर्सेज में पंजीकरण कराएं ताकि शिक्षा पूरी होने तक उनके हाथ में एक हुनर भी हो और आगे चलकर वह स्वावलंबी बन सकें। इन कोर्सेज के सफल समापन के बाद उन्हें सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र दिया जाएगा जो देश-विदेश में रोजगार के लिए मान्य होगा। कार्यक्रम में प्राचार्य रीतू सिंह, प्रवक्ता प्रेमप्रकाश सिंह, शैलेंद्र कुमार, नेहा मिश्रा, अंबरीन फातिमा भी उपस्थित थीं।
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कौशल विकास मिशन के जिला प्रभारी एवं आईटीआई के प्रधानाचार्य अनुज कुमार मौर्य कहा कि छात्राओं के भीतर छिपी प्रतिभा को यदि सही दिशा और प्रशिक्षण मिले तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि समाज की आर्थिक स्थिति को भी सशक्त बना सकती हैं। सरकार की ओर से संचालित उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से छात्राओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिसका लाभ उठाकर वह घर बैठे या अपना संस्थान खोलकर स्वावलंबी बन सकती हैं। आईटीआई छिबरामऊ के प्रधानाचार्य संजीव कुमार पाल ने कहा कि कौशल विकास का उद्देश्य छात्राओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ इन अल्पकालिक कोर्सेज में पंजीकरण कराएं ताकि शिक्षा पूरी होने तक उनके हाथ में एक हुनर भी हो और आगे चलकर वह स्वावलंबी बन सकें। इन कोर्सेज के सफल समापन के बाद उन्हें सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र दिया जाएगा जो देश-विदेश में रोजगार के लिए मान्य होगा। कार्यक्रम में प्राचार्य रीतू सिंह, प्रवक्ता प्रेमप्रकाश सिंह, शैलेंद्र कुमार, नेहा मिश्रा, अंबरीन फातिमा भी उपस्थित थीं।
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