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Kannauj News: बहादुर बेटी ने खत्म कर दी नवाब सिंह की बादशाहत
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कन्नौज। पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह के राजनीतिक रसूख और इत्र नगरी में उसकी बादशाहत को एक बेटी ने अपनी बहादुरी से खत्म कर दिया। षड़यंत्रकारी बुआ ने चंद रुपयों के लालच में अपनी भतीजी को देह व्यापार के दलदल में धकेलना चाहा, लेकिन उसने पहली ही कोशिश में ऐसा प्रतिकार किया कि जिसकी चोट राजनीतिक गलियारों में भी पहुंच गई। बुआ के लाख मना करने पर भी उसने अपना मेडिकल परीक्षण कराया और डीएनए सैंपल दिया। अब डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आरोपी नवाब सिंह के भविष्य का फैसला कोर्ट तय करेगा।
11 अगस्त की रात जब लालची बुआ अपनी भतीजी को लेकर चौधरी चंदन सिंह डिग्री कॉलेज पहुंची और उसे पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव को सौंप दिया, तो उसने भी नहीं सोचा था कि उसे इस तरह की दरिंदगी झेलनी पड़ेगी। बेबस होकर वह चुपचाप सब कुछ सहती रही। बाद में उसने बुआ से मोबाइल मांगा और मां से बात करने को कहकर बाहर चली गई। बाहर जाकर उसने 112 नंबर मिलाया और पुलिस को सूचना दी। रात में ही पुलिस पहुंची तो डिग्री कॉलेज के एक कमरे में नवाब सिंह अस्त व्यस्त हालात में मिला।
अगले दिन 12 अगस्त को जब पुलिस पीड़िता को लेकर जिला अस्पताल पहुंची तो बुआ ने उससे मेडिकल परीक्षण न कराने के लिए कहा, लेकिन उसने बुआ की बात नहीं मानी और पुलिस से तत्काल मेडिकल परीक्षण कराने के लिए कहा। अस्पताल पहुंचे किशोरी के माता-पिता ने भी बुआ की करतूतों को उजागर किया और पुलिस की हर कार्रवाई में साथ देने का वादा किया। अगले दिन 13 अगस्त को किशोरी का आंतरिक मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसने कोर्ट में बयान दिए। जिसके आधार पर नवाब सिंह यादव पर दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाईं गईं। वैज्ञानिक साक्ष्य के लिए पुलिस ने जब डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया तो पीड़िता ने अपना सैंपल दिया।
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वहीं, पुलिस व डॉक्टरों की टीम जिला कारागार से आरोपी नवाब सिंह यादव का डीएनए सैंपल लेकर आई। सोमवार को डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब नवाब सिंह यादव को जमानत मिलने की अटकलें खत्म हो गईं हैं। इलेक्ट्रानिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अब पुलिस जल्द ही चार्जशीट तैयार करेगी और कोर्ट में दाखिल करेगी। इसके बाद ट्रायल शुरू होगा। शहर में उस बहादुर बेटी की प्रशंसा हो रही है, जिसने अपनी बहादुरी से नवाब सिंह की बादशाहत को खत्म कर दिया। जिसके सामने कोई बोलने की हिम्मत नहीं रखता था।
इनसेट
पीड़िता को मिलेंगे तीन लाख रुपये
राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र शर्मा ने भी रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष से पीड़िता को तीन लाख रुपये दिलाए जाने के आदेश जिला प्रोबेशन अधिकारी को दिए हैं। साथ ही बाल कल्याण समिति को पीड़िता की पैरवी के लिए एक सपोर्ट पर्सन नियुक्त करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल व एसपी अमित कुमार आनंद को पीड़िता को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए जाने के भी निर्देश दिए हैं।
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11 अगस्त की रात जब लालची बुआ अपनी भतीजी को लेकर चौधरी चंदन सिंह डिग्री कॉलेज पहुंची और उसे पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव को सौंप दिया, तो उसने भी नहीं सोचा था कि उसे इस तरह की दरिंदगी झेलनी पड़ेगी। बेबस होकर वह चुपचाप सब कुछ सहती रही। बाद में उसने बुआ से मोबाइल मांगा और मां से बात करने को कहकर बाहर चली गई। बाहर जाकर उसने 112 नंबर मिलाया और पुलिस को सूचना दी। रात में ही पुलिस पहुंची तो डिग्री कॉलेज के एक कमरे में नवाब सिंह अस्त व्यस्त हालात में मिला।
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अगले दिन 12 अगस्त को जब पुलिस पीड़िता को लेकर जिला अस्पताल पहुंची तो बुआ ने उससे मेडिकल परीक्षण न कराने के लिए कहा, लेकिन उसने बुआ की बात नहीं मानी और पुलिस से तत्काल मेडिकल परीक्षण कराने के लिए कहा। अस्पताल पहुंचे किशोरी के माता-पिता ने भी बुआ की करतूतों को उजागर किया और पुलिस की हर कार्रवाई में साथ देने का वादा किया। अगले दिन 13 अगस्त को किशोरी का आंतरिक मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसने कोर्ट में बयान दिए। जिसके आधार पर नवाब सिंह यादव पर दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाईं गईं। वैज्ञानिक साक्ष्य के लिए पुलिस ने जब डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया तो पीड़िता ने अपना सैंपल दिया।
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वहीं, पुलिस व डॉक्टरों की टीम जिला कारागार से आरोपी नवाब सिंह यादव का डीएनए सैंपल लेकर आई। सोमवार को डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब नवाब सिंह यादव को जमानत मिलने की अटकलें खत्म हो गईं हैं। इलेक्ट्रानिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अब पुलिस जल्द ही चार्जशीट तैयार करेगी और कोर्ट में दाखिल करेगी। इसके बाद ट्रायल शुरू होगा। शहर में उस बहादुर बेटी की प्रशंसा हो रही है, जिसने अपनी बहादुरी से नवाब सिंह की बादशाहत को खत्म कर दिया। जिसके सामने कोई बोलने की हिम्मत नहीं रखता था।
इनसेट
पीड़िता को मिलेंगे तीन लाख रुपये
राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र शर्मा ने भी रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष से पीड़िता को तीन लाख रुपये दिलाए जाने के आदेश जिला प्रोबेशन अधिकारी को दिए हैं। साथ ही बाल कल्याण समिति को पीड़िता की पैरवी के लिए एक सपोर्ट पर्सन नियुक्त करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल व एसपी अमित कुमार आनंद को पीड़िता को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए जाने के भी निर्देश दिए हैं।