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Kannauj News: ओपीडी के बाहर निकाला ब्लड, वीडियो वायरल
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तिर्वा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच सोमवार को ओपीडी परिसर के बाहर एक महिला मरीज का ब्लड सैंपल लेते युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक महिला मरीज का ब्लड सैंपल लेता दिखाई दे रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है।
महिला मरीज का सैंपल लेने वाला युवक किसी निजी पैथोलॉजी का बताया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में कई प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को जांच के लिए मना कर दिया जाता है। इसके बाद ओपीडी परिसर के आसपास मौजूद निजी लैब के कर्मचारी मरीजों से संपर्क कर सैंपल लेते हैं। इसके एवज में मरीजों को जांच के लिए अतिरिक्त रकम खर्च करनी पड़ती है।
ओपीडी परिसर के बाहर निजी लैब के युवकों द्वारा सैंपल लेने का यह कोई पहला मामला नहीं है। यदि आरोप सही हैं तो सवाल उठता है कि अस्पताल परिसर में निजी लैब से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर रोक क्यों नहीं लग पा रही है। खास बात यह है कि वायरल वीडियो में सुरक्षा कर्मी की मौजूदगी भी दिखाई दे रही है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। मरीजों और तीमारदारों ने मेडिकल प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है।
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उनका कहना है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में जांच की सुविधा होने के बावजूद यदि मरीजों को बाहर से जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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महिला मरीज का सैंपल लेने वाला युवक किसी निजी पैथोलॉजी का बताया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में कई प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को जांच के लिए मना कर दिया जाता है। इसके बाद ओपीडी परिसर के आसपास मौजूद निजी लैब के कर्मचारी मरीजों से संपर्क कर सैंपल लेते हैं। इसके एवज में मरीजों को जांच के लिए अतिरिक्त रकम खर्च करनी पड़ती है।
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ओपीडी परिसर के बाहर निजी लैब के युवकों द्वारा सैंपल लेने का यह कोई पहला मामला नहीं है। यदि आरोप सही हैं तो सवाल उठता है कि अस्पताल परिसर में निजी लैब से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर रोक क्यों नहीं लग पा रही है। खास बात यह है कि वायरल वीडियो में सुरक्षा कर्मी की मौजूदगी भी दिखाई दे रही है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। मरीजों और तीमारदारों ने मेडिकल प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है।
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उनका कहना है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में जांच की सुविधा होने के बावजूद यदि मरीजों को बाहर से जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।