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बिना तैयारी शुरू किया रैन बसेरा
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ट्रामा सेंटर के रैन बसेरे में बेड पर रखा कंबल।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। डीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ट्रामा सेंटर में रैन बसेरा शुरू कर दिया है। यहां पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। पांच महिलाओं व पांच पुरुषों के लिए बेडों की व्यवस्था की गई है। यहां के कंबल पतले हैं। भीषण गलन में इनसे सर्दी बचना मुश्किल है। वार्डों में भर्ती मरीजों का भी यही हाल है। अधिकतर मरीजों के परिजन अपने साथ घर से रजाई व कंबल लाए हैं। यह इन्हें ओढ़कर सर्दी से निजात पा रहे हैं।
जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान रैन बसेरा शुरू कराने के निर्देश दिए थे। इस पर सीएमएस ने खाली पड़े ट्रामा सेंटर के दो कमरों में पांच पुरुषों व पांच महिलाओं के लिए बेड डलवा दिए। तीमारदारों को ओढ़ने के लिए पतला कंबल दिया गया है। भीषण गलन में इससे सर्दी नहीं बचती है। इससे तीमारदार रैन बसेरे में रुक नहीं रहे हैं। सर्दी से बचाव के वार्डों में भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
सीएमएस डॉ.यूसी चतुर्वेदी ने बताया कि रैन बसेरे का संचालन शुरू कर दिया गया है। इंतजाम की बाबत बताया कि अस्पताल में जो कंबल उपलब्ध हैं, वहीं दिए गए हैं। अधिक सर्दी को देखते हुए दो-दो कंबल देने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ वार्डों को हीटर भी दिए जा रहे हैं। रैन बसेरे में भी हीटर लगवाया जाएगा। हीटर लगने से तीमारदारों को दिक्कत नहीं होगी।
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मरीजों के लिए बना रैन बसेरा नहीं हो सका खाली
करोड़ों रुपये की लागत से जिला अस्पताल के परिसर में कई साल पहले बनवाए गए रैन बसेरे पर अस्पताल पुलिस चौकी का कब्जा है। इससे यहां भर्ती होने वाले मरीज इधर-उधर भटकते हैं। अस्पताल प्रशासन पुलिस को रैन बसेरा खाली करने के लिए कई बार नोटिस जारी कर चुका है। कब्जा बरकरार है। इससे सर्दी व गर्मी में तीमारदार अस्पताल की गैलरी में रात गुजारते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत महिला तीमारदारों को होती है।
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जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान रैन बसेरा शुरू कराने के निर्देश दिए थे। इस पर सीएमएस ने खाली पड़े ट्रामा सेंटर के दो कमरों में पांच पुरुषों व पांच महिलाओं के लिए बेड डलवा दिए। तीमारदारों को ओढ़ने के लिए पतला कंबल दिया गया है। भीषण गलन में इससे सर्दी नहीं बचती है। इससे तीमारदार रैन बसेरे में रुक नहीं रहे हैं। सर्दी से बचाव के वार्डों में भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
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सीएमएस डॉ.यूसी चतुर्वेदी ने बताया कि रैन बसेरे का संचालन शुरू कर दिया गया है। इंतजाम की बाबत बताया कि अस्पताल में जो कंबल उपलब्ध हैं, वहीं दिए गए हैं। अधिक सर्दी को देखते हुए दो-दो कंबल देने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ वार्डों को हीटर भी दिए जा रहे हैं। रैन बसेरे में भी हीटर लगवाया जाएगा। हीटर लगने से तीमारदारों को दिक्कत नहीं होगी।
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मरीजों के लिए बना रैन बसेरा नहीं हो सका खाली
करोड़ों रुपये की लागत से जिला अस्पताल के परिसर में कई साल पहले बनवाए गए रैन बसेरे पर अस्पताल पुलिस चौकी का कब्जा है। इससे यहां भर्ती होने वाले मरीज इधर-उधर भटकते हैं। अस्पताल प्रशासन पुलिस को रैन बसेरा खाली करने के लिए कई बार नोटिस जारी कर चुका है। कब्जा बरकरार है। इससे सर्दी व गर्मी में तीमारदार अस्पताल की गैलरी में रात गुजारते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत महिला तीमारदारों को होती है।