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Kannauj News: भाकियू ने चकबंदी विभाग के खिलाफ खोला मोर्चा
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पंचायत में किसानों की समस्याएं सुनते जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला
- फोटो : पंचायत में किसानों की समस्याएं सुनते जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला
छिबरामऊ। विशुनगढ़ क्षेत्र के सरदामई गांव में हाल ही संपन्न हुई चकबंदी प्रक्रिया के बाद अभिलेख वितरित किए गए। अभिलेख हाथों में आने के बाद किसानों ने उनके साथ खेल होने के बात कहते चकबंदी विभाग पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। सूचना पर पहुंचे किसान नेताओं ने चकबंदी विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला मुख्यालय पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
गांव के किसानों का आरोप है कि 34 साल बाद गांव की चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण होने पर 90 प्रतिशत किसान की जमीन का रकबा कम कर दिया गया है। चकबंदी प्रक्रिया में धांधली के विरोध में किसानों ने नारेबाजी करते प्रदर्शन किया। किसानों के साथ हुए खेला की सूचना पर पहुंचे भाकियू (किसान) जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला ने कहा कि बिना पैसे के किसी किसान का काम नहीं किया गया। भ्रष्ट अफसरों ने गरीब किसानों का हक छीन कर धनवान व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने का काम किया। चकबंदी प्रक्रिया में हो रहा भ्रष्टाचार बंद न हुआ तो गांव सभा के किसानों का साथ लेकर कलक्ट्रेट का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान आनंद तिवारी, ऋषि चौहान, शांति शर्मा, टिंकू शर्मा, अनिल नायक, मोहित राजपूत, तरुण त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
इनसेट
पैसे लिए फिर नहीं किया गया काम
किसान ओमकार शाक्य का कहना चकबंदी के नाम पर किसानों के साथ लूट की गई। धन उगाही के बाद भी किसानों के रकवे में कमी कर दी गई। जिनका रकवा 16 बीघा था, उन्हें 12 बीघा के अभिलेख दिए गए। चार बीघा जमीन आखिर कहां चली गई, इसका जवाब चकबंदी विभाग के अधिकारियों को देना होगा।
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इनसेट
सगे भाइयों में करा दिया मतभेद
धनसिंहपुर गांव के किसान अजमेर सिंह यादव का कहना है कि सुधार के नाम पर चकबंदी लेखपालों ने ठगने का काम किया। एक भाई का रकवा बढ़ा दिया तो दूसरे का कम करके सगे भाइयों का आपस में ही लड़ाने का काम किया है। चकबंदी प्रक्रिया के नाम पर पूरी गांव सभा से करीब दो करोड़ रुपए की लूट की गई।
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गांव के किसानों का आरोप है कि 34 साल बाद गांव की चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण होने पर 90 प्रतिशत किसान की जमीन का रकबा कम कर दिया गया है। चकबंदी प्रक्रिया में धांधली के विरोध में किसानों ने नारेबाजी करते प्रदर्शन किया। किसानों के साथ हुए खेला की सूचना पर पहुंचे भाकियू (किसान) जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला ने कहा कि बिना पैसे के किसी किसान का काम नहीं किया गया। भ्रष्ट अफसरों ने गरीब किसानों का हक छीन कर धनवान व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने का काम किया। चकबंदी प्रक्रिया में हो रहा भ्रष्टाचार बंद न हुआ तो गांव सभा के किसानों का साथ लेकर कलक्ट्रेट का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान आनंद तिवारी, ऋषि चौहान, शांति शर्मा, टिंकू शर्मा, अनिल नायक, मोहित राजपूत, तरुण त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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पैसे लिए फिर नहीं किया गया काम
किसान ओमकार शाक्य का कहना चकबंदी के नाम पर किसानों के साथ लूट की गई। धन उगाही के बाद भी किसानों के रकवे में कमी कर दी गई। जिनका रकवा 16 बीघा था, उन्हें 12 बीघा के अभिलेख दिए गए। चार बीघा जमीन आखिर कहां चली गई, इसका जवाब चकबंदी विभाग के अधिकारियों को देना होगा।
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सगे भाइयों में करा दिया मतभेद
धनसिंहपुर गांव के किसान अजमेर सिंह यादव का कहना है कि सुधार के नाम पर चकबंदी लेखपालों ने ठगने का काम किया। एक भाई का रकवा बढ़ा दिया तो दूसरे का कम करके सगे भाइयों का आपस में ही लड़ाने का काम किया है। चकबंदी प्रक्रिया के नाम पर पूरी गांव सभा से करीब दो करोड़ रुपए की लूट की गई।