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बेरोजगार महिलाओं को दीपिका ने दिखाई समृद्धि की राह
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सिलाई करतीं दीपिका।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। दीपिका ने अपने हौसलों से खुद को तो आर्थिक रूप से मजबूत किया ही, बेरोजगार महिलाओं को भी समृद्धि की राह दिखाई है। वह अब भी अपने मिशन पर लगी हैं। बेहतर कार्य के लिए इन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है।
उमर्दा ब्लाक के फगुहा में रहने वाली दीपिका की शादी आलोक कुमार के साथ हुई थी। वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। इससे मुश्किल से घर का खर्च चल पाता था। शादी के बाद दो बच्चे हो गए। इनकी पढ़ाई में दिक्कत आने लगी। इस पर दीपिका ने घर की चौखट लांघ कर कुछ करने की ठानी। इसमें उन्हें 12 वीं तक पढ़े होने का फायदा मिला। शुरुआत में पति समेत अन्य परिजनों ने रोका, दीपिका ने अपने हौसले को डिगने नहीं दिया।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर सिलाई की ट्रेनिंग ली। शुरुआत में सिलाई से परिवार का भरण-पोषण किया। वर्ष 2017 में राधा कृष्ण महिला स्वयं सहायता समूह की शुरुआत की। महिलाओं को सिलाई सिखाने लगीं। महिलाओं को रोजगार मिलने से स्थिति सुधरने लगी। स्वयं सहायता समूह की मदद से दीपिका की स्थिति भी मजबूत होने लगी। समूह में 36 से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं। दीपिका को बेहतर कार्य के लिए कई सम्मान मिल चुके हैं।
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पति को खुलवाया फास्ट फूड कार्नर
दीपिका की मेहनत रंग लाई तो आर्थिक तंगी दूर होने लगी। बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे हैं। पति आलोक कुमार को फास्ट फूड कार्नर खुलवा दिया। इससे आमदनी और बढ़ गई।
सिलाई ट्रेनिंग सेंटर को दे रहीं प्रशिक्षण
दीपिका की शोहरत से अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण के लिए बुलाना शुरू कर दिया है। वह पांच अधिक सिलाई ट्रेनिंग सेंटरों पर प्रशिक्षण दे रही हैं। इनमें आरसेटी के दो ट्रेनिंग सेंटर हैं।
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उमर्दा ब्लाक के फगुहा में रहने वाली दीपिका की शादी आलोक कुमार के साथ हुई थी। वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। इससे मुश्किल से घर का खर्च चल पाता था। शादी के बाद दो बच्चे हो गए। इनकी पढ़ाई में दिक्कत आने लगी। इस पर दीपिका ने घर की चौखट लांघ कर कुछ करने की ठानी। इसमें उन्हें 12 वीं तक पढ़े होने का फायदा मिला। शुरुआत में पति समेत अन्य परिजनों ने रोका, दीपिका ने अपने हौसले को डिगने नहीं दिया।
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राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर सिलाई की ट्रेनिंग ली। शुरुआत में सिलाई से परिवार का भरण-पोषण किया। वर्ष 2017 में राधा कृष्ण महिला स्वयं सहायता समूह की शुरुआत की। महिलाओं को सिलाई सिखाने लगीं। महिलाओं को रोजगार मिलने से स्थिति सुधरने लगी। स्वयं सहायता समूह की मदद से दीपिका की स्थिति भी मजबूत होने लगी। समूह में 36 से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं। दीपिका को बेहतर कार्य के लिए कई सम्मान मिल चुके हैं।
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पति को खुलवाया फास्ट फूड कार्नर
दीपिका की मेहनत रंग लाई तो आर्थिक तंगी दूर होने लगी। बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे हैं। पति आलोक कुमार को फास्ट फूड कार्नर खुलवा दिया। इससे आमदनी और बढ़ गई।
सिलाई ट्रेनिंग सेंटर को दे रहीं प्रशिक्षण
दीपिका की शोहरत से अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण के लिए बुलाना शुरू कर दिया है। वह पांच अधिक सिलाई ट्रेनिंग सेंटरों पर प्रशिक्षण दे रही हैं। इनमें आरसेटी के दो ट्रेनिंग सेंटर हैं।