फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Began to heat deteriorate hand pumps

गर्मी आते ही दगा देने लगे हैंडपंप

Thu, 02 Apr 2015 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कन्नौज
ब्यूरो/अमर उजाला, कन्नौज Updated Thu, 02 Apr 2015 11:43 PM IST
विज्ञापन
Began to heat deteriorate hand pumps

भीषण गर्मी का आगाज होते ही शहर में जगह-जगह लगे हैंडपंपों का गला सूखने लगा है। इसके चलते हैंडपंपों से पानी के स्थान पर हवा व दूषित जल निकल रहा है। गर्मी बढ़ते ही पेयजल खपत भी बढ़ी है। हैंडपंपों के खराब होने से नागरिकों को जलापूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता है।

विज्ञापन


लीकेज या अन्य समस्या से यदि जलापूर्ति प्रभावित होती है तो लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ता है। नगर पालिका की उपेक्षा के चलते कई हैंडपंपों का रिबोर दो वर्ष बीतने के बाद भी नहीं हो सका है। नगर पालिका की बोर्ड मीटिंग में भी इन हैंडपंपों को ठीक कराने का मुद्दा उठा जो विकास कार्यों के लिए आए पैसे को खर्च करने की जद्दोजहद में गुम हो गया।
विज्ञापन


पालिका प्रशासन विगत वित्तीय वर्ष में आए बजट को खर्च करने में इतना व्यस्त है कि नागरिकों की मूलभूत सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। उपकरणों की खराबी या जलस्तर नीचे जाने से हैंडपंप दगा दे रहे हैं। राहगीरों को प्यास बुझाने के लिए शीतल पेय पदार्थों का सहारा लेना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उपेक्षा के चलते शहर में करीब आधा सैकड़ा हैंडपंप ठूंठ बने हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए नगर पालिका के तमाम दावे हवाई साबित हुए हैं। शहर के मोहल्ला लालामिश्र निवासी धर्मवीर की मानें तो प्राथमिक विद्यालय के निकट लगा हैंडपंप करीब तीन साल से खराब पड़ा है। इसे ठीक कराने के लिए तहसील दिवस से लेकर नगरीय सुविधा समाधान दिवस के चक्कर लगाए लेकिन नतीजा शून्य रहा।

इसे ठीक करने के स्थान पर कर्मचारी हत्था व अन्य उपकरण भी खोल ले गए। ठूंठ बना हैंडपंप विद्यालय के बच्चों को चिढ़ा रहा है। एमडीएम खाने के बाद बच्चों को पानी पीने घर जाना पड़ता है। वहीं रसोइयों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है। नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया। लेकिन हैंडपंप को ठीक कराने के लिए न तो शिक्षा विभाग ने पहल की और न ही नगर पालिका ने रुचि दिखाई।

लालामिश्र निवासी अमित त्रिवेदी का कहना है कि मोहल्ले के कई हैंडपंप खराब पड़े हैं। वहीं कुछ हैंडपंप खारा या बदबूदार पानी दे रहे हैं। ऊंचे स्थान पर आए दिन जलापूर्ति प्रभावित रहती है। जलापूर्ति के अभाव में नागरिकों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ता है। दैनिक कार्यों में भी दूषित पानी का उपयोग करने को मजबूर होना पड़ता है। इससे बीमारियां फैलने का अंदेशा है। कई बार शिकायत के बाद भी खराब हैंडपंपों को ठीक कराने की सुधि नहीं ली गई।

हम्मालीपुरा निवासी नवाब बक्श ने बताया कि मोहल्ले के चौक व मस्जिद के निकट लगे हैंडपंप करीब दो साल से खराब पड़े हैं। हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए कई बार नगर पालिका व जलनिगम दफ्तर के चक्कर लगाए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। नागरिकों को जलापूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता है। वहीं राहगीरों को प्यास बुझाने के लिए भटकना पड़ता है। इसी के चलते घरेलू कनेक्शन उन्हें दरवाजे पर कराना पड़ा।

शेखपुरा निवासी ताहिर कुरैशी ने बताया कि मोहल्ले के अधिकांश हैंडपंप उपेक्षा के चलते ठूंठ बने हैं। पशुओं को बांधने के लिए खूंटे के रूप में इनका उपयोग हो रहा है। हजारों का बजट खर्च कर लगवाए गए हैंडपंप लोगों को चिढ़ा रहे हैं।

सरायमीरा स्थित तिर्वा क्रासिंग पर दिनभर काफी भीड़भाड़ रहती है। आला अफसर भी गुजरते हैं। क्रासिंग बंद होने पर यदि कोई प्यास बुझाने के लिए हैंडपंप की तलाश करे तो उसे काफी दूर तक खराब हैंडपंपों से हवा के सिवा कुछ निकलता नहीं मिलेगा। प्यास बुझाने के लिए को राहगीरों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। लोहिया चौराहे से लेकर कलेक्ट्रेट मोड़ तक खराब पड़े कई हैंडपंप बेमतलब साबित हो रहे हैं।


शहर के मकरंदनगर स्थित बिजली स्टोर के निकट लगा हैंडपंप काफी समय से खराब पड़ा है। रोजाना सैकड़ों की तादाद में किसान व उपभोक्ता ट्रांसफार्मर उठाने या अन्य काम से बिजली दफ्तर पहुंचते हैं। हैंडपंप खराब होने से शीतल पेय पदार्थों का सहारा लेना पड़ता है। इसके अलावा विद्यालय जाने वाले बच्चों को भी हैंडपंप खराब होने से पेयजल किल्लत से जूझना पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed