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बस हादसे में घायलों की मदद में किया जा रहा भेदभाव:अखिलेश
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घायलों से घटना की जानकारी लेते पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
- फोटो : KANNAUJ
तिर्वा(कन्नौज)। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि बस हादसे में घायलों की मदद में भेदभाव किया जा रहा है। यही वजह है कि दो घायलों को अभी तक चेक नहीं मिल सका। यह बात उन्होंने तिर्वा मेडिकल कालेज में घायलों से मुलाकात के दौरान कही।
अखिलेश यादव सोमवार को बस व ट्रक हादसे में घायलों को देखने मेडिकल कालेज पहुंचे थे। उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से बात कर अफसरों से उनके इलाज के बारे में जानकारी ली। सरकार की ओर से मिलने वाली मुआवजा राशि की जानकारी भी की। उन्होंने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि घटना के असली दोषी बस चलाने वाले हैं। पुलिस असली मालिक तक नहीं पहुंच पा रही है। बस से पहले भी घटनाएं हो चुकी हैं। मानक विहीन बसें चल रही हैं। सरकार ऐसी बसों का संचालन बंद कराए। सरकार अगर बस के अंदर बैठी सवारियों की संख्या जानना चाहती है तो उस जगह लगे टावर के माध्यम से पता कर सकती है कि घटना के समय कितने लोग मौजूद थे। सरकार एक नंबर को सार्वजनिक कर उसका प्रचार करे, इससे कि जिस घर से सदस्य बस में गए हैं, वह उसकी जानकारी निर्धारित नंबर पर दे सकें। सरकार ने घायलों को मुआवजा देने में भी जाति-धर्म का भेदभाव किया है। कई घायलों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है।
एनआरसी लागू होने पर गरीब नहीं दे पाएंगे कागजात
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि देश में भाजपा सरकार जो कानून लाई है, उसका समाजवादी पार्टी विरोध करती है। एनआरसी पर कहा कि ऐसे कई लोग हैं जो कि अपना रिकार्ड उपलब्ध नहीं करा पाएंगे। बंजारा व सपेरा समाज के लोगों से पूछिए, उनके पास उनकी जन्मतिथि व उनके पूर्वजों का कोई रिकार्ड है। आज भी लोग पन्नी तान कर जीवन यापन कर रहे हैं।
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अखिलेश यादव सोमवार को बस व ट्रक हादसे में घायलों को देखने मेडिकल कालेज पहुंचे थे। उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से बात कर अफसरों से उनके इलाज के बारे में जानकारी ली। सरकार की ओर से मिलने वाली मुआवजा राशि की जानकारी भी की। उन्होंने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि घटना के असली दोषी बस चलाने वाले हैं। पुलिस असली मालिक तक नहीं पहुंच पा रही है। बस से पहले भी घटनाएं हो चुकी हैं। मानक विहीन बसें चल रही हैं। सरकार ऐसी बसों का संचालन बंद कराए। सरकार अगर बस के अंदर बैठी सवारियों की संख्या जानना चाहती है तो उस जगह लगे टावर के माध्यम से पता कर सकती है कि घटना के समय कितने लोग मौजूद थे। सरकार एक नंबर को सार्वजनिक कर उसका प्रचार करे, इससे कि जिस घर से सदस्य बस में गए हैं, वह उसकी जानकारी निर्धारित नंबर पर दे सकें। सरकार ने घायलों को मुआवजा देने में भी जाति-धर्म का भेदभाव किया है। कई घायलों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है।
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एनआरसी लागू होने पर गरीब नहीं दे पाएंगे कागजात
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि देश में भाजपा सरकार जो कानून लाई है, उसका समाजवादी पार्टी विरोध करती है। एनआरसी पर कहा कि ऐसे कई लोग हैं जो कि अपना रिकार्ड उपलब्ध नहीं करा पाएंगे। बंजारा व सपेरा समाज के लोगों से पूछिए, उनके पास उनकी जन्मतिथि व उनके पूर्वजों का कोई रिकार्ड है। आज भी लोग पन्नी तान कर जीवन यापन कर रहे हैं।
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