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Kannauj News: बैंक मित्र पर 20 हजार गबन का आरोप, जांच में निकला झूठा
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सिकंदरपुर। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के बैंक मित्र पर खाते से 20 हजार रुपये निकालने का लगाया गया आरोप बैंक की आंतरिक जांच में शुक्रवार को पूरी तरह बेबुनियाद साबित हुआ है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि बैंक मित्र द्वारा उक्त खाते से कोई लेनदेन नहीं किया गया था।
क्षेत्र के ग्राम हसनपुर सानी निवासी संजू पत्नी स्वर्गीय नमो नारायण ने बैंक मित्र आदित्य दुबे पर आरोप लगाया था कि उन्होंने खाते से 20 हजार रुपये निकाल लिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रबंधन ने इसकी आंतरिक जांच कराई। शाखा प्रबंधक अंकित यादव ने जांच के बाद बताया कि 26 जुलाई 2022 को संजू द्वारा जिस जमा व निकासी पर्ची का उपयोग किया गया था, उस पर किए गए हस्ताक्षरों का मिलान उनके मूल हस्ताक्षरों से कराया गया, जो बिल्कुल सही पाए गए।
बैंक प्रबंधक ने यह भी स्पष्ट किया कि इस लेनदेन को चार वर्ष बीत चुके हैं। इतने लंबे समय तक खाताधारक द्वारा कोई आपत्ति या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। अब अचानक वर्षों बाद बैंक मित्र पर यह आरोप लगाया गया। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि बैंक ने आदित्य दुबे को कई वर्षों से चंदरपुर क्षेत्र के कार्य के लिए नियुक्त कर रखा है। ऐसे में उनका संबंधित क्षेत्र के किसी व्यक्ति या लेनदेन से कोई सरोकार नहीं है। शाखा प्रबंधक ने कहा कि लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक हैं।
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क्षेत्र के ग्राम हसनपुर सानी निवासी संजू पत्नी स्वर्गीय नमो नारायण ने बैंक मित्र आदित्य दुबे पर आरोप लगाया था कि उन्होंने खाते से 20 हजार रुपये निकाल लिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रबंधन ने इसकी आंतरिक जांच कराई। शाखा प्रबंधक अंकित यादव ने जांच के बाद बताया कि 26 जुलाई 2022 को संजू द्वारा जिस जमा व निकासी पर्ची का उपयोग किया गया था, उस पर किए गए हस्ताक्षरों का मिलान उनके मूल हस्ताक्षरों से कराया गया, जो बिल्कुल सही पाए गए।
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बैंक प्रबंधक ने यह भी स्पष्ट किया कि इस लेनदेन को चार वर्ष बीत चुके हैं। इतने लंबे समय तक खाताधारक द्वारा कोई आपत्ति या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। अब अचानक वर्षों बाद बैंक मित्र पर यह आरोप लगाया गया। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि बैंक ने आदित्य दुबे को कई वर्षों से चंदरपुर क्षेत्र के कार्य के लिए नियुक्त कर रखा है। ऐसे में उनका संबंधित क्षेत्र के किसी व्यक्ति या लेनदेन से कोई सरोकार नहीं है। शाखा प्रबंधक ने कहा कि लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक हैं।
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