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Kannauj News: रसायन से परहेज, जैविक खेती करने पर जोर
Tue, 18 Jul 2023 12:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Tue, 18 Jul 2023 12:33 AM IST
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कन्नौज। नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल (आयलसीड) योजनान्तर्गत सोमवार को खरीफ तिलहन मेला का आयोजन किया गया। इसके तहत विकास भवन में खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2023 व कृषि प्रदर्शनी भी लगी। गोष्ठी का शुभारंभ डीएम व सीडीओ ने किया। डीएम ने किसानों से खेती में रसायन का प्रयोग छोड़ने और जैविक खेती करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान डीएम शुभ्रांत शुक्ला ने कृषकों से अपील की कि किसान रासायनिक कृषि रक्षा उपायों के साथ जैविक कृषि रक्षा उपायों का प्रयोग करने, अति जल दोहन को नियंत्रित कर भूगर्भ जल को संरक्षित करने और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बचाने और मृदा स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के प्रति सतत प्रयासरत रहें। उन्होंने किसानों से खेतों में कृषि रक्षा रसायनों के छिड़काव करने से होने वाली मानवीय क्षति के बारे में चर्चा की। कहा कि जनपद की प्रत्येक कृषि रक्षा रसायन की दुकान पर कृषि रक्षा रसायन छिड़काव करते समय बरती जाने वाली सावधानियां अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराई जाएं। बैठकों व गोष्ठियों के माध्यम से भी कृषकों को जागरूक करें। जायद की फसलों को फसल बीमा योजना में शामिल कराने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे जाने को कहा।
डीएम ने कहा कि फसल अवशेष न जले। इसके लिए तंत्र को मजबूत करें, किसानों को जागरुक करें। फसल कटाई के बाद रोटावेटर, हैप्पी सीडर और अन्य ऐसे यंत्रों जिनका प्रयोग फसल अवशिष्टों को मिट्टी में मिलाने के लिए जागरु करें। चारे के रूप में उपयोग किए जाने वाले फसल अवशेष को नजदीकी गौशाला में भिजवा दिया करें। उप कृषि निदेशक ने किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डाॅ. अरविंद कुमार, ने किया। इस दौरान सीडीओ आरएन सिंह, एलडीएम, उप कृषि निदेशक, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, सचिव, कृषि उत्पादन, मण्डी परिषद के अधिकारी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के दौरान डीएम शुभ्रांत शुक्ला ने कृषकों से अपील की कि किसान रासायनिक कृषि रक्षा उपायों के साथ जैविक कृषि रक्षा उपायों का प्रयोग करने, अति जल दोहन को नियंत्रित कर भूगर्भ जल को संरक्षित करने और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बचाने और मृदा स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के प्रति सतत प्रयासरत रहें। उन्होंने किसानों से खेतों में कृषि रक्षा रसायनों के छिड़काव करने से होने वाली मानवीय क्षति के बारे में चर्चा की। कहा कि जनपद की प्रत्येक कृषि रक्षा रसायन की दुकान पर कृषि रक्षा रसायन छिड़काव करते समय बरती जाने वाली सावधानियां अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराई जाएं। बैठकों व गोष्ठियों के माध्यम से भी कृषकों को जागरूक करें। जायद की फसलों को फसल बीमा योजना में शामिल कराने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे जाने को कहा।
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डीएम ने कहा कि फसल अवशेष न जले। इसके लिए तंत्र को मजबूत करें, किसानों को जागरुक करें। फसल कटाई के बाद रोटावेटर, हैप्पी सीडर और अन्य ऐसे यंत्रों जिनका प्रयोग फसल अवशिष्टों को मिट्टी में मिलाने के लिए जागरु करें। चारे के रूप में उपयोग किए जाने वाले फसल अवशेष को नजदीकी गौशाला में भिजवा दिया करें। उप कृषि निदेशक ने किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डाॅ. अरविंद कुमार, ने किया। इस दौरान सीडीओ आरएन सिंह, एलडीएम, उप कृषि निदेशक, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, सचिव, कृषि उत्पादन, मण्डी परिषद के अधिकारी मौजूद रहे।
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