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Kannauj News: किसान पहचान पत्र की धीमी प्रगति पर मांगा जवाब
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कन्नौज। केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ किसानों तक पारदर्शी ढंग से पहुंचाने के लिए किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) को अनिवार्य किया जा रहा है। इस दिशा में प्रगति की समीक्षा जिलाधिकारी स्तर पर प्रतिदिन हो रही है। इसके चलते कई अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो चुकी है। इसी क्रम में फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर सीडीओ राम कृपाल चौधरी ने जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश से स्पष्टीकरण मांगा है।
सीडीओ ने कहा कि जिले की प्रगति संतोषजनक नहीं है, जिससे जिले की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने डीपीआरओ को कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इस पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। यह उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना है। सीडीओ ने डीपीआरओ को तय समय सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। फार्मर रजिस्ट्री की धीमी गति को लेकर डीएम गंभीर हैं और प्रतिदिन इसकी समीक्षा कर रहे हैं।
इस समीक्षा के दौरान जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है, उन पर कार्रवाई भी की जा रही है। किसान पहचान पत्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो। इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीडीओ ने स्पष्ट किया है कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य केवल पंचायती राज विभाग का नहीं है, बल्कि इसमें कृषि विभाग का सहयोग भी अत्यंत आवश्यक है। दोनों विभागों के अधिकारियों को मिलकर काम करना होगा ताकि किसानों का डेटा समय पर और सही ढंग से दर्ज हो सके।
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सीडीओ ने कहा कि जिले की प्रगति संतोषजनक नहीं है, जिससे जिले की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने डीपीआरओ को कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इस पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। यह उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना है। सीडीओ ने डीपीआरओ को तय समय सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। फार्मर रजिस्ट्री की धीमी गति को लेकर डीएम गंभीर हैं और प्रतिदिन इसकी समीक्षा कर रहे हैं।
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इस समीक्षा के दौरान जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है, उन पर कार्रवाई भी की जा रही है। किसान पहचान पत्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो। इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीडीओ ने स्पष्ट किया है कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य केवल पंचायती राज विभाग का नहीं है, बल्कि इसमें कृषि विभाग का सहयोग भी अत्यंत आवश्यक है। दोनों विभागों के अधिकारियों को मिलकर काम करना होगा ताकि किसानों का डेटा समय पर और सही ढंग से दर्ज हो सके।
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