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Kannauj News: सिपाही हत्याकांड में डीएम से मांगा जवाब तलब
Thu, 28 Mar 2024 01:48 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Thu, 28 Mar 2024 01:48 AM IST
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कन्नौज। तीन महीने पहले विशुनगढ़ थाना क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर की गोली से जान गंवाने वाले सिपाही सचिन राठी प्रकरण में मानव अधिकार आयोग ने डीएम से जवाब तलब किया है। मानवाधिकार कार्यकर्ता राजहंस बंसल ने इस बारे में उप्र मानव अधिकार में प्रकरण से जुड़ी शिकायत की थी। उन्होंने सिपाही के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था।
घटना 25 दिसंबर 2023 की है। विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के धरनीधीरपुर नगरिया निवासी हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ को कोर्ट से जारी एक समन तामील कराने पहुंची पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। एक गोली सिपाही सचिन राठी की जांघ में लगी थी। उसे जख्मी हालत में पहले छिबरामऊ 100 शैया अस्पताल ले जाया गया था। हालत नाजुक देख उसे बाद में कानपुर रेफर कर दिया गया था। वहां कुछ ही घंटों बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। उसकी मौत पर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हुए थे।
परिवार ने भी नाराजगी जताई थी। इसी मामले में गाजियाबाद निवासी मानविधकार कार्यकर्ता राजहंस बंसल ने 31 दिसंबर को राज्य मानव अधिकार आयोग को पत्र लिखकर इस प्रकरण को उठाया था। उन्होंने इसके पीछे सरकारी अस्पतालों में इलाज के दौरान लापरवाही की बात कही थी। उन्होंने चिट्ठी में कहा था कि 200 करोड़ की लागत से बने अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। अस्पताल बदहाली का शिकार है। घायल सिपाही को नाजुक हालत में पहुंचने पर जो दवा मिलनी चाहिए थी, वहां उपलब्ध ही नहीं थी। ऐसे में प्राथमिक इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही की गई। इसी वजह से सिपाही की जान चली गई। इसी मामले में आयोग ने तीन जनवरी 2024 को आदेश पारित कर इससे जुड़ी रिपोर्ट मांगी थी। पांच मार्च तक रिपोर्ट मुहैया कराने को कहा गया था। बताया गया है कि जिला प्रशासन की ओर से इससे जुड़ी कोई रिपोर्ट आयोग को नहीं भेजी गई है। खुद डीएम को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर या किसी माध्यम से रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
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डीएम बोले, आयोग को भेजी जाएगी रिपोर्ट
इस मामले में डीएम शुभ्रांत शुक्ला ने बताया कि मानव अधिकार आयोग की ओर से जो भी जानकारी मांगी गई है। उसे समय रहते उपलब्ध करवाया जाएगा। रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है।
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घटना 25 दिसंबर 2023 की है। विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के धरनीधीरपुर नगरिया निवासी हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ को कोर्ट से जारी एक समन तामील कराने पहुंची पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। एक गोली सिपाही सचिन राठी की जांघ में लगी थी। उसे जख्मी हालत में पहले छिबरामऊ 100 शैया अस्पताल ले जाया गया था। हालत नाजुक देख उसे बाद में कानपुर रेफर कर दिया गया था। वहां कुछ ही घंटों बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। उसकी मौत पर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हुए थे।
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परिवार ने भी नाराजगी जताई थी। इसी मामले में गाजियाबाद निवासी मानविधकार कार्यकर्ता राजहंस बंसल ने 31 दिसंबर को राज्य मानव अधिकार आयोग को पत्र लिखकर इस प्रकरण को उठाया था। उन्होंने इसके पीछे सरकारी अस्पतालों में इलाज के दौरान लापरवाही की बात कही थी। उन्होंने चिट्ठी में कहा था कि 200 करोड़ की लागत से बने अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। अस्पताल बदहाली का शिकार है। घायल सिपाही को नाजुक हालत में पहुंचने पर जो दवा मिलनी चाहिए थी, वहां उपलब्ध ही नहीं थी। ऐसे में प्राथमिक इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही की गई। इसी वजह से सिपाही की जान चली गई। इसी मामले में आयोग ने तीन जनवरी 2024 को आदेश पारित कर इससे जुड़ी रिपोर्ट मांगी थी। पांच मार्च तक रिपोर्ट मुहैया कराने को कहा गया था। बताया गया है कि जिला प्रशासन की ओर से इससे जुड़ी कोई रिपोर्ट आयोग को नहीं भेजी गई है। खुद डीएम को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर या किसी माध्यम से रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
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डीएम बोले, आयोग को भेजी जाएगी रिपोर्ट
इस मामले में डीएम शुभ्रांत शुक्ला ने बताया कि मानव अधिकार आयोग की ओर से जो भी जानकारी मांगी गई है। उसे समय रहते उपलब्ध करवाया जाएगा। रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है।