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तालाबंदी के दौरान कर्मचारियों से नोकझोंक
अमर उजाला/कन्नौज
Updated Wed, 31 Aug 2016 12:12 AM IST
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रजिस्ट्री दफ्तर में तालाबंदी करते अधिवक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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हसेरन तहसील में सौरिख क्षेत्र के गांवों को शामिल किए जाने के विरोध में वकीलों को चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को अधिवक्ताओं ने तहसील कार्यालयों में तालाबंदी की। इस दौरान कर्मचारियों से तीखी झड़पे हुईं। वकीलों ने जुलूस निकालकर जमकर नारेबाजी की। साथ ही चेतावनी दी यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। प्रदेश सरकार ने जनपद में हसेरन को नई तहसील का दर्जा दिया है।
इसके तहत सौरिख क्षेत्र के कई गांव को शामिल करने का गजट भी प्रकाशित कराया है। इसके विरोध में बार एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलन के दूसरे दिन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार सिंह, महासचिव सुशील पांडेय के नेतृत्व में जुटे अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही तहसील कार्यालयों में तालाबंदी कर दी। तालाबंदी के दौरान कुछ वकीलों की कर्मचारियों से तीखी नोकझोंक और झड़प हो गई।
हड़ताली वकीलों ने कहा है कि प्रकाशित कराए गए गजट को निरस्त नहीं किया जाएगा तब तक वह लोग हड़ताल पर रहकर न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। साथ ही चेतावनी दी इस आंदोलन में संगठन का धरना-प्रदर्शन ताला बंदी और अधिकारियों का घेराव भी किया जाएगा। यदि सरकार ने क्षेत्रीय जनता की सुविधाओं को ध्यान में नहीं रखा और अपनी दमनकारी नीति जारी रखी तो अधिवक्ता समाज भविष्य में यह आंदोलन सड़क तक ले जाएगा।
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इस दौरान ललितप्रताप सिंह, विशाल दुबे, रानू, अनुपम बाजपेई, आलोक दीक्षित, रूपेश दुबे, संजीव कुमार दुबे, इबने अली, अमित दुबे, पीके सिंह, सुधाकर अग्निहोत्री, पुरुषोत्तम दिलीप, फहीम जमा खां, राममुनीश्वर पांडेय, अंकुर मिश्रा, विमलेश, कृष्णतीर्थ मिश्रा, सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद सिंह राठौर, महासचिव पंकज मिश्रा आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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इसके तहत सौरिख क्षेत्र के कई गांव को शामिल करने का गजट भी प्रकाशित कराया है। इसके विरोध में बार एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलन के दूसरे दिन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार सिंह, महासचिव सुशील पांडेय के नेतृत्व में जुटे अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही तहसील कार्यालयों में तालाबंदी कर दी। तालाबंदी के दौरान कुछ वकीलों की कर्मचारियों से तीखी नोकझोंक और झड़प हो गई।
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हड़ताली वकीलों ने कहा है कि प्रकाशित कराए गए गजट को निरस्त नहीं किया जाएगा तब तक वह लोग हड़ताल पर रहकर न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। साथ ही चेतावनी दी इस आंदोलन में संगठन का धरना-प्रदर्शन ताला बंदी और अधिकारियों का घेराव भी किया जाएगा। यदि सरकार ने क्षेत्रीय जनता की सुविधाओं को ध्यान में नहीं रखा और अपनी दमनकारी नीति जारी रखी तो अधिवक्ता समाज भविष्य में यह आंदोलन सड़क तक ले जाएगा।
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इस दौरान ललितप्रताप सिंह, विशाल दुबे, रानू, अनुपम बाजपेई, आलोक दीक्षित, रूपेश दुबे, संजीव कुमार दुबे, इबने अली, अमित दुबे, पीके सिंह, सुधाकर अग्निहोत्री, पुरुषोत्तम दिलीप, फहीम जमा खां, राममुनीश्वर पांडेय, अंकुर मिश्रा, विमलेश, कृष्णतीर्थ मिश्रा, सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद सिंह राठौर, महासचिव पंकज मिश्रा आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।