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Kannauj News: सेना में भर्ती के एक माह बाद ही छोड़ थी आलोक तिवारी ने नौकरी
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छिबरामऊ। लखनऊ में एसटीएफ (स्पेशल टॉस्क फोर्स) द्वारा गिरफ्तार किए गए है विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भोजपुर निगोह का आलोक तिवारी सेना में भर्ती हुआ था। भर्ती के एक माह बाद ही इस्तीफा देकर नौकरी छोड़ दी थी। परिवार के भरण पोषण के लिए वह छिबरामऊ में बच्चों को कोचिंग पढ़ाता है।
ग्राम भोजपुर निगोह निवासी आलोक तिवारी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सेना में भर्ती हो गया लेकिन उसे यह नौकरी रास नहीं आई। भर्ती होने के एक माह बाद ही नासिक में ट्रेनिंग के दौरान उसने इस्तीफा दे दिया और गांव लौट आया। परिजनों की माने तो उसका घर आना जाना जरूर है लेकिन उसके बारे में किसी को ज्यादा जानकारी नहीं है। छिबरामऊ में वह किराए के मकान में रहकर बच्चों को कोचिंग पढ़ाने का काम करता है लेकिन किसी को यह जानकारी नहीं है कि वह रहता कहां है। उसके एक बेटा भी है। उसका एक भाई बैंक ऑफ इंडिया में कार्ररत है और दूसरा भाई दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। उसके पिता खेतीबाड़ी करते हैं। आलोक पर आरोप है कि वह आकाश कुमार निवासी गोवा सतौरा कन्नौज बनकर युवकों को सेना में भर्ती कराने का लालच देकर ठगी करता था। एसटीएफ ने उसके पास से फर्जी आधार कार्ड के अलावा कई अन्य दस्तावेज भी बरामद किए हैं। वहीं विशुनगढ़ थानाध्यक्ष भागमल सिंह ने बताया कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं है और न ही इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है।
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ग्राम भोजपुर निगोह निवासी आलोक तिवारी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सेना में भर्ती हो गया लेकिन उसे यह नौकरी रास नहीं आई। भर्ती होने के एक माह बाद ही नासिक में ट्रेनिंग के दौरान उसने इस्तीफा दे दिया और गांव लौट आया। परिजनों की माने तो उसका घर आना जाना जरूर है लेकिन उसके बारे में किसी को ज्यादा जानकारी नहीं है। छिबरामऊ में वह किराए के मकान में रहकर बच्चों को कोचिंग पढ़ाने का काम करता है लेकिन किसी को यह जानकारी नहीं है कि वह रहता कहां है। उसके एक बेटा भी है। उसका एक भाई बैंक ऑफ इंडिया में कार्ररत है और दूसरा भाई दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। उसके पिता खेतीबाड़ी करते हैं। आलोक पर आरोप है कि वह आकाश कुमार निवासी गोवा सतौरा कन्नौज बनकर युवकों को सेना में भर्ती कराने का लालच देकर ठगी करता था। एसटीएफ ने उसके पास से फर्जी आधार कार्ड के अलावा कई अन्य दस्तावेज भी बरामद किए हैं। वहीं विशुनगढ़ थानाध्यक्ष भागमल सिंह ने बताया कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं है और न ही इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है।
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