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Kannauj News: सौरिख के बीईओ पर प्रधानाध्यापक के लगाए आरोप निराधार
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कन्नौज। भ्रष्टाचार व उत्पीड़न के आरोप में सौरिख ब्लॉक के बीईओ को तत्कालीन अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने निलंबित करते हुए एडी बेसिक कानपुर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। इसके बाद एडी बेसिक ने पूरे मामले की जांच के बाद प्रधानाध्यापक के आरोपों को निराधार बताते हुए मामला समाप्त कर दिया है।
सौरिख ब्लॉक के ग्राम पिपरिया स्थित प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापक कल्पना पाल ने 24 अप्रैल को शपथ पत्र के साथ उच्चाधिकारियों से बीईओ विश्वनाथ पाठक की लिखित शिकायत की थी। आरोप था कि दिसंबर 2025 में स्कूल की मरम्मत कार्य के लिए 4,62,796 रुपये का बजट आया था। इस धनराशि को जारी करने और पास कराने के एवज में बीईओ उन पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 20 प्रतिशत सुविधा शुल्क देने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने सुविधा शुल्क देने से साफ मना कर दिया, तो बीईओ ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। इसके अलावा चार बार सीसीएल निरस्त करने का भी आरोप लगाया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने सात मई को बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा था। 16 मई को तत्कालीन एडी बेसिक ने निलंबित कर दिया था। 22 जून को एडी बेसिक मनोज कुमार द्विवेदी ने पत्र जारी कर एसडीएम छिबरामऊ और बीएसए के पत्रों के आधार पर निलंबन निरस्त कर दिया था। एडी बेसिक ने जांच के बाद 28 सितंबर को प्रधानाध्यापक की ओर से बीईओ पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए मामले को समाप्त कर दिया है। बीईओ विश्वनाथ पाठक ने बताया कि प्रधानाध्यापक की ओर से जो भी आरोप लगाए गए थे, जांच के बाद निराधार निकले हैं।
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सौरिख ब्लॉक के ग्राम पिपरिया स्थित प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापक कल्पना पाल ने 24 अप्रैल को शपथ पत्र के साथ उच्चाधिकारियों से बीईओ विश्वनाथ पाठक की लिखित शिकायत की थी। आरोप था कि दिसंबर 2025 में स्कूल की मरम्मत कार्य के लिए 4,62,796 रुपये का बजट आया था। इस धनराशि को जारी करने और पास कराने के एवज में बीईओ उन पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 20 प्रतिशत सुविधा शुल्क देने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने सुविधा शुल्क देने से साफ मना कर दिया, तो बीईओ ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। इसके अलावा चार बार सीसीएल निरस्त करने का भी आरोप लगाया था।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने सात मई को बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा था। 16 मई को तत्कालीन एडी बेसिक ने निलंबित कर दिया था। 22 जून को एडी बेसिक मनोज कुमार द्विवेदी ने पत्र जारी कर एसडीएम छिबरामऊ और बीएसए के पत्रों के आधार पर निलंबन निरस्त कर दिया था। एडी बेसिक ने जांच के बाद 28 सितंबर को प्रधानाध्यापक की ओर से बीईओ पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए मामले को समाप्त कर दिया है। बीईओ विश्वनाथ पाठक ने बताया कि प्रधानाध्यापक की ओर से जो भी आरोप लगाए गए थे, जांच के बाद निराधार निकले हैं।
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