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अगरबत्ती फैक्टरी में आग से झुलसे दूसरे मजदूर ने दम तोड़ा, हंगामा

Wed, 09 Jun 2021 11:37 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 09 Jun 2021 11:37 PM IST
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agarabattee phaiktaree mein aag se jhulase doosare majadoor ne dam toda, hangaama
कन्नौज/मानीमऊ। अगरबत्ती फैक्टरी में विस्फोट और आग से झुलसे दूसरे मजदूर शीलू ने मंगलवार की रात कानपुर के उर्सला अस्पताल में दम तोड़ दिया। इससे पहले एक मजदूर ज्ञानेंद्र की घटना के अगले दिन मौत हो गई थी। बुधवार की शाम ट्रैक्टर से शव लेकर पहुंचे परिजनों व ग्रामीणों ने हरदोई रोड व जीटी रोड के बीच ट्रैक्टर खड़ा कर जाम लगा दिया। पुलिस सख्ती करने लगी तो खदेड़ दिया। इसके बाद किसी अफसर की भी करीब जाने की हिम्मत नहीं हुई। सूचना पर डीएम, एसपी भी पहुंचे। यह दूर से हालात समझते रहे। ग्रामीणों की मांग थी कि दस लाख रुपये मुआवजा मिले। अगरबत्ती फैक्टरी में बारूद पीसने के मजदूर के बयान की जांच कराई जाए। फैक्टरी मालिक पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाए। करीब दो घंटे 50 मिनट बाद तहरीर लेकर जांच व फैक्टरी मालिक पर कार्रवाई का भरोसा देने पर जाम खत्म किया गया। इस दौरान जीटी रोड पर करीब दस किमी तक जाम में लोग जूझते रहे।
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अगरबत्ती फैक्टरी हरदोई तिराहा मड़हरपुर रोड पर है। इसके मालिक कन्नौज सदर के हाजीगंज निवासी अब्दुल वारी उर्फ राजू हैं। फैक्टरी में 23 मई को पाउडर पीसते समय आग लग गई थी। कहा जाता है कि विस्फोट भी हुआ था। इसमें चार लोग झुलस गए थे। गेटकीपर भाग गया था। जिला अस्पताल में भर्ती मुकेश ने बारूद पीसे जाने का बयान देकर खलबली मचा दी थी। हालांकि इसके बाद पंचायत चुनाव के चक्कर में पुलिस व प्रशासन व्यस्त हो गया। घटना के अगले दिन हरदोई जिले के धनीगंज मल्लावां निवासी सुरेशचंद्र के बेटे ज्ञानेंद्र की मौत उर्सला में हो गई थी। अब मंगलवार की रात इसी गांव के ब्रह्मप्रकाश के बेटे शीलू(35) ने कानपुर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। शाम को ट्रैक्टर से शव लेकर परिजन व ग्रामीण प्रदर्शन करने के लिए जीटी रोड पर आ गए। इन्होंने हरदोई रोड और जीटी रोड पर ट्रैक्टर बीचो बीच खड़ा कर लगभग चार बजे जाम लगा दिया।
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प्रमुख मार्ग होने के नाते दोनों ओर लंबा जाम लगता देख पुलिस हरकत में आई। पुलिस को देखते ही प्रदर्शन कर रहे पुरुष और महिलाएं नारेबाजी करने लगीं। सीओ शिव प्रताप सिंह व एएसपी डॉ. अरविंद पहुंच गए। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इनकी एक नहीं सुनी। पुलिस ने सख्ती कर हटाने की कोशिश की तो भीड़ उग्र हो गई। पुलिस को दूर तक खदेड़ दिया। इसके बाद पुलिस व प्रशासन के किसी अफसर ने करीब जाने की कोशिश नहीं की।
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वहीं जाम लगने से स्थिति खराब होती जा रही थी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने एसपी प्रशांत वर्मा के पहुंचने पर उनसे दो टूक कहा कि पुलिस ने ठीक से फैक्टरी की जांच नहीं की। घायल ने बारूद पीसने का बयान दिया था। जांच होती तो मामला सामने आ जाता। अब तक काफी चीजें इधर-उधर हो गई होंगी। प्रदर्शन कर रहे लोग डीएम को बुलाने पर अड़ गए। इसके बाद डीएम राकेश कुमार मिश्र पहुंचे। उनसे प्रत्येक मृतक को दस लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई। साथ ही कहा कि फैक्टरी मालिक के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाए। दोषी होने पर जेल भेजा जाए। काफी देर समझाने के बाद करीब दो घंटे 50 मिनट बाद जाम खत्म हुआ।

एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि जाम लगाने की वजह से लोगों को काफी दिक्कत हुई। परिवार की तकलीफ को देखते हुए प्रार्थना पत्र ले लिया गया है। विस्तृत जांच कराई जाएगी। फैक्टरी में गड़बड़ी मिली तो मालिक पर निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
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