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मंदी के बाद अब आलू पर झुलसे की मार

Sat, 24 Dec 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कन्नौज
ब्यूरो, अमर उजाला कन्नौज Updated Sat, 24 Dec 2016 12:04 AM IST
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After the recession hit scorched potatoes
खेत में खड़ी आलू की फसल में लगा झुलसा रोग। - फोटो : Amar ujala

आलू पर छाई मंदी के बाद अब झुलसे की मार से किसान परेशान हैं। मौसम के बिगड़े मिजाज और मंडी में गिर रहे भाव के चलते किसानों को आलू से अब मुनाफे की उम्मीद लगभग खत्म होती जा रही है। कोहरे के चलते आलू व सरसों की फसल में सबसे अधिक नुकसान है।

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पिछले कई दिनों से पड़ रहे कोहरे के कारण आलू की बेल मुरझाने लगी है। किसानों ने जब खेतों में जाकर तो लगभग 50 फीसदी आलू की फसल झुलसे की चपेट में आ गई थी। किसानों ने झुलसे की रोकथाम के लिए खेत में पानी लगाया और दवाई का भी छिड़काव किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
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मौसम के बदले मिजाज के कारण आलू की बेल नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है। वहीं, सरसों की फसल में भी कोहरे के कारण नुकसान हो रहा है। ग्राम हाथिन निवासी किसान वीरेंद्र सिंह ने बताया कि लगातार पड़ रहे कोहरे से आलू में झुलसे की संभावना अधिक हो जाती है।
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क्षेत्र के कई गांवों में इस समय आलू झुलसे की चपेट में है। कृषि रक्षा इकाई से लाई गई दवाई भी कारगर नहीं हो रही है। वहीं, नगला दुर्गा निवासी सुरेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि आलू में झुलसे के प्रकोप को देखते हुए किसानों ने खेत में पानी भी लगाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। ग्राम पलिया निवासी शिवानंद दुबे ने बताया कि एक तरफ किसान आलू पर मंदी की मार से जूझ रहा है तो दूसरी तरफ मौसम भी उसका साथ नहीं दे रहा है। ऐसे में किसान दोहरी मार झेल रहा है।

ग्राम कपूरपुर निवासी एजाज खां ने बताया कि नोटबंदी के चलते किसानों के पास पैसा नहीं है। ऊपर से आलू में मुनाफे की उम्मीद भी खत्म होती जा रही है। यदि ऐसा ही मौसम रहा तो सरसों सहित अन्य दलहनी और तिलहनी फसलों में भी अपेक्षित मुनाफा नहीं हो सकेगा।

अरहर पर पड़ी पाले की मार, किसान परेशान
 क्षेत्र में चार दिन से पाला पड़ने के बाद अरहर फसल के पौधे सूखने लगे है। दोबारा कोहरे की मार से फसल के ऊपर कम पैदावार का खतरा मंडराने लगा है। अरहर उत्पादन करने वाले किसान मायूस दिखाई दे रहे है। किसानों के लिए अरहर पिछले साल भी घाटे का सौदा रही है।
किसान राम प्रसाद, ऊदल सिंह, रामाधार, बालस्टर सिंह, नीरज कुमार आदि का कहना है कि क्षेत्र में चार दिन से पड़ रहे पाले से अरहर फसल को नुकसान हो रहा है। जबकि इस फसल पर इस समय फूल और फलियां बन रहीं हैं। जिससे फसल के पौधे कोहरे की मार से सूखने लगे है।


वहीं असंचित खेतों पर खड़ी फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान दिखाई दे रहा है। प्रधानों के पास सिंचाई का साधन न होने के कारण पाला कई दिनों तक पड़ा तो फसल पूरी तरह से चौपट हो जाएगी। वहीं, सिंचित फसल पर भी पाले का असर दिखाई दे रहा है। उत्पादन प्रभावित होगा। जिससे किसानों के सामने आर्थिक समस्या खड़ी है।
 

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