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रात 10 बजे के बाद बैंड बजा तो कार्रवाई
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कन्नौज। देर रात तक बजने वाले डीजे और बैंडबाजों पर बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए सख्ती से रोक लगाने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। डीजीपी ने आदेश जारी किए हैं कि पूरे जिले में अभियान चलाकर प्रथम चरण में गेस्ट हाउस मालिकों और मैनेजरों को चेतावनी दी जाए। इसके बाद भी आदेश का पालन नहीं होता है तो वर व कन्या पक्ष के साथ गेस्ट हाउस मालिक और मैनेजर समेत बैंडबाजा संचालक के खिलाफ कार्रवाई करें।
बरातों का सीजन शुरू हो चुका है। अक्सर रिहायशी इलाकों में स्थित गेस्ट हाउस और लॉन में देर रात तक बैंडबाजे व डीजे भी बजता है। इससे ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है। साथ ही यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। देर रात तक नाच गाना होने के कारण गोली चलने तक चलने की घटनाएं हो जाती हैं। यूपी और सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। अन्य बोर्ड और प्राइमरी स्तर पर भी परीक्षाएं जल्द शुरू होंगी। ऐसे में देर रात तक डीजे और बैंडबाजे के शोर के कारण परीक्षार्थियों को खासी परेशानी होती है। इसे देखते हुए डीजीपी ने सख्त रुख दिखाया है।
यूं सुप्रीम कोर्ट ने रात 10 बजे के बाद बैंडबाजे और डीजे पर रोक लगा रखी है। पुलिस की लापरवाही से यह आदेश प्रभावी नहीं हो सका। प्रदेश के डीजीपी ने सभी पुलिस कप्तानों को आदेश दिए हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाए। सबसे पहले थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी गेस्ट हाउस मालिक और मैनेजर को नोटिस जारी करें। गेस्ट हाउस बुकिंग करते समय आयोजक को खासतौर पर रात दस बजे के बाद बैंडबाजे और डीजे बजाने की रोक की बाबत बताया जाए। इसके बाद अभियान चलाकर रात को निकलने वाली बरातों में बैंडबाजा और डीजे बजने पर कार्रवाई की जाए। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि नोटिस और मुनादी कर गेस्ट हाउस मालिक और मैनेजरों को रात 10 बजे के बाद डीजे व बैंडबाजा न बजाने के लिए गाइड लाइन की जानकारी दी जा रही है।
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अब शिफ्टों में नहीं बजेगा बैंड
सहालग तेज होने पर बैंडबाजा संचालक अक्सर रात नौ से दस और साढ़े दस बजे से 12 तक बैंड बजाने की बुकिंग कर लेते थे। पुलिस की सख्ती के बाद अब सिर्फ एक शिफ्ट में ही दस बजे से पहले बैंड बजेगा।
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बरातों का सीजन शुरू हो चुका है। अक्सर रिहायशी इलाकों में स्थित गेस्ट हाउस और लॉन में देर रात तक बैंडबाजे व डीजे भी बजता है। इससे ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है। साथ ही यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। देर रात तक नाच गाना होने के कारण गोली चलने तक चलने की घटनाएं हो जाती हैं। यूपी और सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। अन्य बोर्ड और प्राइमरी स्तर पर भी परीक्षाएं जल्द शुरू होंगी। ऐसे में देर रात तक डीजे और बैंडबाजे के शोर के कारण परीक्षार्थियों को खासी परेशानी होती है। इसे देखते हुए डीजीपी ने सख्त रुख दिखाया है।
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यूं सुप्रीम कोर्ट ने रात 10 बजे के बाद बैंडबाजे और डीजे पर रोक लगा रखी है। पुलिस की लापरवाही से यह आदेश प्रभावी नहीं हो सका। प्रदेश के डीजीपी ने सभी पुलिस कप्तानों को आदेश दिए हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाए। सबसे पहले थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी गेस्ट हाउस मालिक और मैनेजर को नोटिस जारी करें। गेस्ट हाउस बुकिंग करते समय आयोजक को खासतौर पर रात दस बजे के बाद बैंडबाजे और डीजे बजाने की रोक की बाबत बताया जाए। इसके बाद अभियान चलाकर रात को निकलने वाली बरातों में बैंडबाजा और डीजे बजने पर कार्रवाई की जाए। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि नोटिस और मुनादी कर गेस्ट हाउस मालिक और मैनेजरों को रात 10 बजे के बाद डीजे व बैंडबाजा न बजाने के लिए गाइड लाइन की जानकारी दी जा रही है।
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अब शिफ्टों में नहीं बजेगा बैंड
सहालग तेज होने पर बैंडबाजा संचालक अक्सर रात नौ से दस और साढ़े दस बजे से 12 तक बैंड बजाने की बुकिंग कर लेते थे। पुलिस की सख्ती के बाद अब सिर्फ एक शिफ्ट में ही दस बजे से पहले बैंड बजेगा।