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Kannauj News: फर्जी अस्पतालों और क्लीनिक पर प्रशासन की नजरें टेढ़ी
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कन्नौज। संक्रामक बीमारियों के बढ़ते दायरे के बीच गांव-गांव फैले झोलाछाप और बिना लाइसेंस के संचालित अस्पताल और क्लीनिक पर प्रशासन की निगाहें टेढ़ी हुई हैं। स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान डीएम ने इन सभी पर कार्रवाई करने के लिए कहा है।
कलक्ट्रेट के गांधी सभागार में स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम शुभ्रांत शुक्ला ने कहा कि फर्जी अस्पताल और क्लीनिक हर हाल में बंद कराया जाएं। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि प्राइवेट हाॅस्पिटलों का सत्यापन करवाएं। आरबीएसके के स्क्रीनिंग के दौरान बच्चों की विभिन्न प्रकार की बीमारियों का मोबाइल हेल्थ टीमों की ओर से परीक्षण किया जाता है। इसमें बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनवाड़ी, आपस में समन्वय स्थापित कर छह माह से 19 साल तक के बच्चों के परीक्षण में तेजी लाने को कहा। साथ ही वैक्सीनेशन की धीमी गति पाए जाने पर बढ़ाने को कहा। बैठक में सीएमओ डॉ. विनोद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना निदेशक सहित संबंधित कई अधिकारी मौजूद रहे।
इनसेट-- -- -
ई-कवच में खराब मिला उमर्दा, गुगरापुर, जलालाबाद का प्रदर्शन
डीएम ने ई-कवच पर फीडिंग में उमर्दा, गुगरापुर, जलालाबाद, तालग्राम, सौरिख का प्रदर्शन खराब पाया है। उन्होंने इसमें सुधार करने कहा है। एएनसी चेकअप में सुधार लाने और रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़ाने के लिए कहा। नसबंदी कैंप लगाने और हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के सीएचओ को मिनी फैमिली प्लानिंग कार्यक्रम से जोड़ने के लिए कहा। डीएम ने बताया कि 162 हेल्थ वेलनेस सेंटर के सापेक्ष 31 हेल्थ सेंटर क्रियाशील नहीं हैं, इन्हें क्रियाशील किया जाए।
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आभा कार्ड जरूरी, आधार कार्ड की तरह करता है काम
डीएम ने कहा कि आभा कार्ड बहुत ही उपयोगी है, सभी लोगों का बना होना आवश्यक है। आभा कार्ड के जरिए स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एक क्लिक पर मिल जाएंगी। हर उम्र के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी डाटाबेस ऑनलाइन स्टडी करने के लिए आभा एक डिजिटल कार्ड के रूप में काम करेगा। यह आधार कार्ड की तरह है जो लोगों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों को ऑनलाइन सुरक्षित रखता है। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा का लाभ सभी लाभार्थियों को मिलना चाहिए। लाभार्थी जननी सुरक्षा के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त भारत अभियान के कार्य में फोकस करने को कहा। कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। रोगियों के खातो में समय से धनराशि मिल जानी चाहिए। अभियान चलाकर रोगियों को चिह्नित किया जाए।
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कलक्ट्रेट के गांधी सभागार में स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम शुभ्रांत शुक्ला ने कहा कि फर्जी अस्पताल और क्लीनिक हर हाल में बंद कराया जाएं। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि प्राइवेट हाॅस्पिटलों का सत्यापन करवाएं। आरबीएसके के स्क्रीनिंग के दौरान बच्चों की विभिन्न प्रकार की बीमारियों का मोबाइल हेल्थ टीमों की ओर से परीक्षण किया जाता है। इसमें बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनवाड़ी, आपस में समन्वय स्थापित कर छह माह से 19 साल तक के बच्चों के परीक्षण में तेजी लाने को कहा। साथ ही वैक्सीनेशन की धीमी गति पाए जाने पर बढ़ाने को कहा। बैठक में सीएमओ डॉ. विनोद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना निदेशक सहित संबंधित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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ई-कवच में खराब मिला उमर्दा, गुगरापुर, जलालाबाद का प्रदर्शन
डीएम ने ई-कवच पर फीडिंग में उमर्दा, गुगरापुर, जलालाबाद, तालग्राम, सौरिख का प्रदर्शन खराब पाया है। उन्होंने इसमें सुधार करने कहा है। एएनसी चेकअप में सुधार लाने और रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़ाने के लिए कहा। नसबंदी कैंप लगाने और हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के सीएचओ को मिनी फैमिली प्लानिंग कार्यक्रम से जोड़ने के लिए कहा। डीएम ने बताया कि 162 हेल्थ वेलनेस सेंटर के सापेक्ष 31 हेल्थ सेंटर क्रियाशील नहीं हैं, इन्हें क्रियाशील किया जाए।
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आभा कार्ड जरूरी, आधार कार्ड की तरह करता है काम
डीएम ने कहा कि आभा कार्ड बहुत ही उपयोगी है, सभी लोगों का बना होना आवश्यक है। आभा कार्ड के जरिए स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एक क्लिक पर मिल जाएंगी। हर उम्र के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी डाटाबेस ऑनलाइन स्टडी करने के लिए आभा एक डिजिटल कार्ड के रूप में काम करेगा। यह आधार कार्ड की तरह है जो लोगों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों को ऑनलाइन सुरक्षित रखता है। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा का लाभ सभी लाभार्थियों को मिलना चाहिए। लाभार्थी जननी सुरक्षा के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त भारत अभियान के कार्य में फोकस करने को कहा। कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। रोगियों के खातो में समय से धनराशि मिल जानी चाहिए। अभियान चलाकर रोगियों को चिह्नित किया जाए।