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Kannauj News: निजी स्कूलों की मनमानी पर होगी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई
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कन्नौज। निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों को पाठ्य-पुस्तकें, ड्रेस और जूते-मोजे खरीदने के लिए बाध्य करना अब महंगा पड़ेगा। शिकायत सही पाए जाने पर स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बुधवार को कलक्ट्रेट गांधी सभागार में शुल्क, ड्रेस और पाठ्यपुस्तकों के निर्धारण पर बैठक में यह सख्त आदेश दिए।
डीएम ने अभिभावकों की बढ़ती शिकायतों को अनुचित बताते हुए कहा कि स्कूलों को मनमानी रोकने और शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा। विद्यालयों के आसपास पान-मसाला या गुटखा की दुकानें नहीं होनी चाहिए। छात्रों को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। विद्यालय पोशाक में पांच शैक्षणिक वर्षों से पहले कोई बदलाव नहीं होगा। सभी स्व वित्त पोषित विद्यालयों को उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 के तहत शुल्क निर्धारित करना होगा। बिना मान्यता के कक्षाएं चलाना या विद्यालय चलाना निषिद्ध है।
बैठक को संबोधित करते हुए एसपी विनोद कुमार ने विद्यालय सुरक्षा के लिए उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी और फायर सिस्टम अनिवार्य बताए। उन्होंने छात्राओं से जुड़े मामलों की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए। जिला विद्यालय निरीक्षक पप्पू सरोज ने सत्र 2026-27 से केवल एनसीईआरटी या परिषद पुस्तकों से पठन-पाठन का निर्देश दिया। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा परिषद की पुस्तकों की पाइरेसी रोकने को भी कहा। छात्रों पर गाइड या संदर्भ पुस्तकें खरीदने का दबाव नहीं बनाया जाएगा।
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परिवहन मानकों का पालन अनिवार्य
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी इज्या तिवारी ने पोर्टल पर शत प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने शपथ पत्र अपलोडिंग को भी अनिवार्य बताया। स्कूली वाहनों की फिटनेस 24 मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। इस पर उन्होंने विशेष जोर दिया। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार सहित संबंधित अधिकारी और प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
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डीएम ने अभिभावकों की बढ़ती शिकायतों को अनुचित बताते हुए कहा कि स्कूलों को मनमानी रोकने और शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा। विद्यालयों के आसपास पान-मसाला या गुटखा की दुकानें नहीं होनी चाहिए। छात्रों को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। विद्यालय पोशाक में पांच शैक्षणिक वर्षों से पहले कोई बदलाव नहीं होगा। सभी स्व वित्त पोषित विद्यालयों को उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 के तहत शुल्क निर्धारित करना होगा। बिना मान्यता के कक्षाएं चलाना या विद्यालय चलाना निषिद्ध है।
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बैठक को संबोधित करते हुए एसपी विनोद कुमार ने विद्यालय सुरक्षा के लिए उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी और फायर सिस्टम अनिवार्य बताए। उन्होंने छात्राओं से जुड़े मामलों की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए। जिला विद्यालय निरीक्षक पप्पू सरोज ने सत्र 2026-27 से केवल एनसीईआरटी या परिषद पुस्तकों से पठन-पाठन का निर्देश दिया। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा परिषद की पुस्तकों की पाइरेसी रोकने को भी कहा। छात्रों पर गाइड या संदर्भ पुस्तकें खरीदने का दबाव नहीं बनाया जाएगा।
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परिवहन मानकों का पालन अनिवार्य
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी इज्या तिवारी ने पोर्टल पर शत प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने शपथ पत्र अपलोडिंग को भी अनिवार्य बताया। स्कूली वाहनों की फिटनेस 24 मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। इस पर उन्होंने विशेष जोर दिया। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार सहित संबंधित अधिकारी और प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।