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प्रधानाध्यापक, शिक्षामित्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका पर कार्रवाई
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कन्नौज। मलिकापुर प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी रवींद्र कुमार को यहां घोर लापरवाही मिली। तीन शिक्षामित्र रजिस्टर पर हाजिरी लगाकर चले गए थे। बच्चे मध्यांतर के बाद भी खेल रहे थे। विद्यालय में हर तरफ गंदगी पसरी थी। मिडडे मील रजिस्टर में बच्चों की संख्या अंकित नहीं थी। आंगनबाड़ी केंद्र बंद था। कार्य में लापरवाही बरतने पर डीएम ने तीनों शिक्षामित्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका का एक दिन का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए हैं। प्रधानाध्यापक की लापरवाही मिलने पर बीएसओ को विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्र का सही ढंग से संचालन न होने पर बाल विकास परियोजना अधिकारी से भी स्पष्टीकरण लेने के निर्देश डीपीओ को दिए हैं।
मलिकापुर प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान डीएम को बच्चे मध्यांतर के बाद भी परिसर में खेलते मिले। उपस्थिति रजिस्टर में विद्यालय में कार्यरत तीनों शिक्षामित्र नीती चतुर्वेदी, विनय कुमार पांडेय एवं कुलदीप दुबे पंजिका में हस्ताक्षर होने के बावजूद विद्यालय में उपस्थित नहीं थे। प्रधानाध्यापक उचित जवाब नहीं दे सके। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। कक्षावार उपस्थिति रजिस्टर देखा, जिसमें कुल 122 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष मात्र 56 बच्चे उपस्थित थे। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अनुपस्थित बच्चों के अभिभावकों से वार्ता कर उन्हें रोजाना स्कूल लाया जाए। मिड-डे मील रजिस्टर में भोजन के बाद भी बच्चों की वास्तविक संख्या दर्ज नहीं थी। रसोईघर में साफ-सफाई व्यवस्था खराब मिली। अग्निशमन यंत्र की क्रियाशीलता तिथि भी अंकित नहीं थी, उन्होंने विद्यालय परिसर में भी काफी अधिक गंदगी पाई, जिस
पर उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जाए।
जिलाधिकारी ने शिक्षण कार्य में लापरवाही, साफ-सफाई की खराब व्यवस्था एवं मिडडे मील रजिस्टर एवं अन्य रजिस्टरों के रखरखाव में लापरवाही मिलने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई करने और अनुपस्थित सभी शिक्षामित्रों का एक दिन का मानदेय रोकने के निर्देश दिए। विद्यालय परिसर में ही संचालित आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाया गया। जिस पर उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी से स्पष्टीकरण लिया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए और तीन दिन के अंदर रिपोर्ट दी जाए। प्राथमिक विद्यालय में निर्माणाधीन नवीन आंगनबाड़ी केंद्र में निर्माण कार्य बंद पाया गया एवं प्लास्टर का कार्य भी अधूरा मिला, जिस पर जिलाधिकारी ने निर्धारित समय सीमा के में काम पूरा कर हस्तांतरण की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
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मलिकापुर प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान डीएम को बच्चे मध्यांतर के बाद भी परिसर में खेलते मिले। उपस्थिति रजिस्टर में विद्यालय में कार्यरत तीनों शिक्षामित्र नीती चतुर्वेदी, विनय कुमार पांडेय एवं कुलदीप दुबे पंजिका में हस्ताक्षर होने के बावजूद विद्यालय में उपस्थित नहीं थे। प्रधानाध्यापक उचित जवाब नहीं दे सके। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। कक्षावार उपस्थिति रजिस्टर देखा, जिसमें कुल 122 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष मात्र 56 बच्चे उपस्थित थे। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अनुपस्थित बच्चों के अभिभावकों से वार्ता कर उन्हें रोजाना स्कूल लाया जाए। मिड-डे मील रजिस्टर में भोजन के बाद भी बच्चों की वास्तविक संख्या दर्ज नहीं थी। रसोईघर में साफ-सफाई व्यवस्था खराब मिली। अग्निशमन यंत्र की क्रियाशीलता तिथि भी अंकित नहीं थी, उन्होंने विद्यालय परिसर में भी काफी अधिक गंदगी पाई, जिस
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पर उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जाए।
जिलाधिकारी ने शिक्षण कार्य में लापरवाही, साफ-सफाई की खराब व्यवस्था एवं मिडडे मील रजिस्टर एवं अन्य रजिस्टरों के रखरखाव में लापरवाही मिलने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई करने और अनुपस्थित सभी शिक्षामित्रों का एक दिन का मानदेय रोकने के निर्देश दिए। विद्यालय परिसर में ही संचालित आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाया गया। जिस पर उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी से स्पष्टीकरण लिया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए और तीन दिन के अंदर रिपोर्ट दी जाए। प्राथमिक विद्यालय में निर्माणाधीन नवीन आंगनबाड़ी केंद्र में निर्माण कार्य बंद पाया गया एवं प्लास्टर का कार्य भी अधूरा मिला, जिस पर जिलाधिकारी ने निर्धारित समय सीमा के में काम पूरा कर हस्तांतरण की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
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