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मौसम के बदले मिजाज से किसान सहमे
Kannauj
Updated Wed, 15 Oct 2014 05:32 AM IST
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छिबरामऊ (कन्नौज)। 24 घंटे से लगातार पड़ रही फुहारों से किसान सहम गए हैं। उन्हें अपनी धान और आलू की फसल बरबाद होने की चिंता सताने लगी है। इस बीच किसान खेतों में पड़ी कटी हुई धान की फसल सुरक्षित स्थान पर ले जाने में जुटे हैं।
हुदहुद तूफान का असर सोमवार शाम से यहां भी दिखाई दिया। आसमान में अचानक बादल छा गए और फुआरें पड़नी शुरू हो गईं जो मंगलवार दिनभर जारी रही। इन दिनों धान की फसल तैयार खड़ी है और आलू की बोआई चल रही है। बारिश से एक सप्ताह पहले बोया गया आलू खराब होने की आशंका बढ़ती जा रही है। किसानों को चिंता सता रही है कि मौसम की बेरूखी से कहीं उनकी बोआई पिछड़ न जाए। बरसात हर तरह से नुकसानदेह साबित हो रही है। मंगलवार को भी पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे और धूप के दर्शन तक नहीं हुए। किसानों के अनुसार धान की फसल देर से बोए जाने के कारण इस समय काटी जा रही है। अधिकतर किसानों ने धान काटकर खेत में ही डाल रखा है। ऐसे में बारिश की फुहार से खेतों में खड़ी फसल भी नम हो गई है। इससे काटने में काफी दिक्कत आ रही है। वहीं जो फसल पड़ी है बारिश के कारण उसके भी बर्बाद होने का डर लगा है। इधर फुहारों और धूप नहीं निकलने से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। घरों में चल रहे पंखे, कूलर बंद हो गए हैं और लोगों ने ठंड से बचने के लिए गरम कपड़े निकाल लिए हैं। मंगलवार शाम तापमान घटकर 23 डिग्री पर पहुंच गया। पूरे दिन ठंडी हवाएं चलती रहीं। इससे लोग घरों से निकलने से बचते रहे।
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हुदहुद तूफान का असर सोमवार शाम से यहां भी दिखाई दिया। आसमान में अचानक बादल छा गए और फुआरें पड़नी शुरू हो गईं जो मंगलवार दिनभर जारी रही। इन दिनों धान की फसल तैयार खड़ी है और आलू की बोआई चल रही है। बारिश से एक सप्ताह पहले बोया गया आलू खराब होने की आशंका बढ़ती जा रही है। किसानों को चिंता सता रही है कि मौसम की बेरूखी से कहीं उनकी बोआई पिछड़ न जाए। बरसात हर तरह से नुकसानदेह साबित हो रही है। मंगलवार को भी पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे और धूप के दर्शन तक नहीं हुए। किसानों के अनुसार धान की फसल देर से बोए जाने के कारण इस समय काटी जा रही है। अधिकतर किसानों ने धान काटकर खेत में ही डाल रखा है। ऐसे में बारिश की फुहार से खेतों में खड़ी फसल भी नम हो गई है। इससे काटने में काफी दिक्कत आ रही है। वहीं जो फसल पड़ी है बारिश के कारण उसके भी बर्बाद होने का डर लगा है। इधर फुहारों और धूप नहीं निकलने से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। घरों में चल रहे पंखे, कूलर बंद हो गए हैं और लोगों ने ठंड से बचने के लिए गरम कपड़े निकाल लिए हैं। मंगलवार शाम तापमान घटकर 23 डिग्री पर पहुंच गया। पूरे दिन ठंडी हवाएं चलती रहीं। इससे लोग घरों से निकलने से बचते रहे।
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