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फिर काली नदी का कहर झेल रहे 30 हजार लोग

Wed, 23 Jul 2014 05:30 AM IST
Kannauj
Kannauj Updated Wed, 23 Jul 2014 05:30 AM IST
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गुरसहायगंज (कन्नौज)। कटरी क्षेत्र के तीन दर्जन गांवों के 25-30 हजार लोग इस साल भी काली नदी में पानी बढ़ने पर पैदा होने वाली दिक्कतें झेलने को मजबूर हैं, क्योंकि जिला प्रशासन की लापरवाही से पक्के पुल से आवागमन लेटलतीफी की भेंट चढ़ गया है। जिला मुख्यालय व कसबे तक पहुंचने के लिए वाहन सवारों को जहां 15 से 25 किमी. तक का चक्कर काटना पड़ रहा है वहीं नाव पर बैठकर आरपार जाने वालों को 5 से 10 रुपये प्रति चक्कर देकर जेब ढीली करनी पड़ रही है।
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मालूम हो कि राज्य योजना सामान्य से विकास खंड तालग्राम में फराहरन मार्ग पर इंदुइयागंज घाट पर काली नदी पर 24 सितंबर 2012 को पुल निर्माण को मंजूरी मिली। सीएम अखिलेश ने शिलान्यास किया। 5 करोड़ 16 लाख 42 हजार रुपये से पुल व 92 लाख 25 हजार रुपये से दोनों तरफ पहुंच मार्ग बनाने के लिए स्वीकृति देकर सेतु निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई। दिसंबर 2013 में काम शुरू हुआ। जुलाई 2013 में पुल बनाकर उसके ऊपर से आवागमन शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी काम अधूरा पड़ा है।
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सेतु निगम के जेई दशरथ सिंह का कहना है कि उत्तरी छोर पर पुल का सिरा बन गया है। सड़क बनवाई जा रही है। वहीं पुल के दक्षिणी सिरे पर इंदुइयागंज के कई मकान आ रहे हैं। गांव वालों के रास्ते से न हटने के कारण सड़क निर्माण कार्य बाधित है। एक-दो महीने के अंदर पुल से जुड़ा सारा कार्य पूरा करा दिया जाएगा। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुल और सड़क दोनों कंपलीट नहीं होगी तब तक जनता को कोई भी लाभ नहीं मिलने वाला है।
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ॎ पुल व सड़क निर्माण की बाधा दूर कराने के लिए युद्धस्तर से प्रयास करेंगे। सेतु निगम व लोकनिर्माण विभाग के अफसरों को बुलाकर आज ही निर्माण की प्रगति की समीक्षा करेंगे। ग्रामीणों से मिलकर उनकी भी समस्या दूर कराएंगे।

-एडीएम, रमेश चंद्र यादव

ॎ नदी में बांध का पानी छोड़ दिए जाने के कारण जल स्तर एकाएक काफी बढ़ गया था। इस वजह से शुरुआती दौर में ही काफी दिनों तक काम बाधित रहा। नदी का जल स्तर कम होने पर निर्माण में तेजी लाई गई। काम समाप्त होने तक पुल की लागत करीब 6 करोड़ रुपये बढ़ जाएगी। जल्द काम कंप्लीट कराने के निर्देश दे दिए हैं।
-पीके वर्मा प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम
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