{"_id":"62cf18229f6a435662839ab87b67b89d","slug":"6370-sanitation-target-of-25-thousand-turned-on-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शौचालय निर्माण का लक्ष्य 25 हजार पर बने 6,370","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शौचालय निर्माण का लक्ष्य 25 हजार पर बने 6,370
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sun, 31 Jan 2016 11:37 PM IST
विज्ञापन
सरकारी फाइलों और कागजों पर सरपट दौड़ रहा स्वच्छ
विज्ञापन
भारत मिशन अभियान जमीन पर रेंग रहा है। हालत यह है कि लक्ष्य के अनुरूप
शौचालयों का निर्माण ही पूरा नहीं हो पा रहा, जिससे गांवों को साफ-सुथरा
रखने की मुहिम को करारा झटका लग रहा है।
वित्तीय वर्ष 15-16 के 10 महीने बीत चुके हैं, पर लक्ष्य के अनुरूप 50 फीसदी भी शौचालय बनकर तैयार नहीं हो सके हैं। पटरी से उतरी स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण शौचालय निर्माण की योजना की पोल डीपीआरओ कार्यालय के आंकड़े ही खोल रहे हैं। जिले के हसेरन, उमर्दा, कन्नौज, जलालाबाद, गुगरापुर, छिबरामऊ, तालग्राम और सौरिख विकास खंड क्षेत्र में मार्च 16 तक 25 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य भारत सरकार से आया है, पर अभी तक मात्र 8,356 का ही बजट मिल पाया है।
इनमें भी सारे शौचालय बनकर पूर्ण नहीं हो पाए हैं। अब तक मात्र 6,370 शौचालय ही पूर्ण हो पाए हैं। ऐसी स्थिति में दो महीने के अंदर अवशेष शौचालय बनवाकर लक्ष्य पूरा होने के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। जिला पंचायत राज विभाग यह कहकर पल्ला झाड़ रहा कि शासन से बजट आवंटन में ही विलंब हो रहा है।
वहीं बजट आवंटन में हो रही देरी से शासन की योजना के लाभ से ग्रामीण वंचित हो रहे हैं। वहीं गंगा किनारे बसे दो दर्जन से अधिक गांवों को चिह्नित किया गया, पर इन गांवों में शौचालय निर्माण पर जोर देने के प्रयास गति नहीं पकड़ पा रहे हैं। डीपीआरओ जेके केसरवानी का कहना है कि हर माह बजट की डिमांड शासन स्तर पर भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि मुहैया बजट के सापेक्ष शौचालय पूर्ण करने को बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं।
वित्तीय वर्ष 15-16 के 10 महीने बीत चुके हैं, पर लक्ष्य के अनुरूप 50 फीसदी भी शौचालय बनकर तैयार नहीं हो सके हैं। पटरी से उतरी स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण शौचालय निर्माण की योजना की पोल डीपीआरओ कार्यालय के आंकड़े ही खोल रहे हैं। जिले के हसेरन, उमर्दा, कन्नौज, जलालाबाद, गुगरापुर, छिबरामऊ, तालग्राम और सौरिख विकास खंड क्षेत्र में मार्च 16 तक 25 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य भारत सरकार से आया है, पर अभी तक मात्र 8,356 का ही बजट मिल पाया है।
इनमें भी सारे शौचालय बनकर पूर्ण नहीं हो पाए हैं। अब तक मात्र 6,370 शौचालय ही पूर्ण हो पाए हैं। ऐसी स्थिति में दो महीने के अंदर अवशेष शौचालय बनवाकर लक्ष्य पूरा होने के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। जिला पंचायत राज विभाग यह कहकर पल्ला झाड़ रहा कि शासन से बजट आवंटन में ही विलंब हो रहा है।
वहीं बजट आवंटन में हो रही देरी से शासन की योजना के लाभ से ग्रामीण वंचित हो रहे हैं। वहीं गंगा किनारे बसे दो दर्जन से अधिक गांवों को चिह्नित किया गया, पर इन गांवों में शौचालय निर्माण पर जोर देने के प्रयास गति नहीं पकड़ पा रहे हैं। डीपीआरओ जेके केसरवानी का कहना है कि हर माह बजट की डिमांड शासन स्तर पर भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि मुहैया बजट के सापेक्ष शौचालय पूर्ण करने को बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं।