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जांच में मिली लापरवाही, दो अधिकारियों की रोकी गई वेतनवृद्धि
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कन्नौज। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार के निर्देश पर शनिवार को जिला परियोजना अधिकारी ने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल रोहली का निरीक्षण किया। जांच में लापरवाही मिलने पर ग्राम पंचायत अधिकारी व पशु चिकित्साधिकारी की वेतनवृद्धि रोकने की संस्तुति की।
‘अमर उजाला’ ने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल रोहली में छह गोवंशों की मौत के मामले को प्रमुखता से छापा था। शनिवार को जिला परियोजना अधिकारी टीम के साथ निरीक्षण करने पहुंचे और जांच की। जांच के दौरान ग्रामीण अजय प्रताप सिंह ने बताया कि 17 मार्च को गायों की मौत हुई है। ग्राम प्रधान आत्मराम व केयर टेकर जोगराज ने बताया कि एक माह पूर्व दो बछिया सांड़ों के संघर्ष में घायल हो गई थीं। इनकी बाद में मौत हो गई। जांच में पाया गया कि 22 मार्च तक रजिस्टर में पशु संख्या 24 अंकित है। पशु चिकित्साधिकारी व ग्राम पंचायत सचिव के तीन माह में एक बार भी रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं हैं।
जांच में पशुओं की संख्या के अनुरूप छाया की समुचित व्यवस्था नहीं पाई गई। पूर्व पंचायत सचिव कृष्णकांत यादव, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विकराल सिंह ने अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। परियोजना अधिकारी रामचंद्र शर्मा ने लापरवाह अधिकारियों की वेतनवृद्धि रोकने की संस्तुति की है। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अस्थायी गोवंश में रह रहे अन्ना जानवरों की देखरेख की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। चारे-पानी, छाया की व्यवस्था में लापरवाही मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी।
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दो अधिकारियों की वेतनवृद्धि रोकने की संस्तुति
डीएम के निर्देश पर हुई जांच में लापरवाही मिली
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‘अमर उजाला’ ने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल रोहली में छह गोवंशों की मौत के मामले को प्रमुखता से छापा था। शनिवार को जिला परियोजना अधिकारी टीम के साथ निरीक्षण करने पहुंचे और जांच की। जांच के दौरान ग्रामीण अजय प्रताप सिंह ने बताया कि 17 मार्च को गायों की मौत हुई है। ग्राम प्रधान आत्मराम व केयर टेकर जोगराज ने बताया कि एक माह पूर्व दो बछिया सांड़ों के संघर्ष में घायल हो गई थीं। इनकी बाद में मौत हो गई। जांच में पाया गया कि 22 मार्च तक रजिस्टर में पशु संख्या 24 अंकित है। पशु चिकित्साधिकारी व ग्राम पंचायत सचिव के तीन माह में एक बार भी रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं हैं।
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जांच में पशुओं की संख्या के अनुरूप छाया की समुचित व्यवस्था नहीं पाई गई। पूर्व पंचायत सचिव कृष्णकांत यादव, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विकराल सिंह ने अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। परियोजना अधिकारी रामचंद्र शर्मा ने लापरवाह अधिकारियों की वेतनवृद्धि रोकने की संस्तुति की है। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अस्थायी गोवंश में रह रहे अन्ना जानवरों की देखरेख की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। चारे-पानी, छाया की व्यवस्था में लापरवाही मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी।
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दो अधिकारियों की वेतनवृद्धि रोकने की संस्तुति
डीएम के निर्देश पर हुई जांच में लापरवाही मिली