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40 बकाएदारों के यहां लगा आटोमैटिक सिस्टम
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sun, 08 Nov 2015 12:16 AM IST
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बिजली के बड़े कनेक्शनधारक उपभोक्ता अब बिजली चोरी
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नहीं कर सकेंगे। मीटर में छेड़छाड़ की गई तो सूचना विभाग के पास आटोमैटिक
मीटर रीडिंग सिस्टम से मिल जाएगी। जिले में 40 बड़े कनेक्शनधारकों के यहां
यह सिस्टम लगा दिया गया है।
इस बाबत अधिशासी अभियंता विद्युत पी राम ने बताया कि शासन ने बिजली चोरी रोकने के लिए सबसे पहले बड़े कनेक्शनधारकों के यहां आटोमैटिक मीटर रीडिंग सिस्टम लगाना शुरू कर दिया है। इसके तहत प्रत्येक आधा घंटे की डिटेल नेट के जरिए कंप्यूटर पर होगी।
यदि कोई उपभोक्ता मीटर से छेड़छाड़ करता है या मीटर जलकर नष्ट हो जाता है तो इसकी भी जानकारी तत्काल विभाग को मिल सकेगी। शासन की पहल सार्थक हुई तो जिले के सभी उपभोक्ताओं के यहां यह सिस्टम लगाया जाएगा। बताया कि सिस्टम में लगाए जाने वाले मोडम में एक चिप लगी हुई है।
इसके माध्यम से कंप्यूटर पर संबंधित उपभोक्ता का कोड डालते ही डिटेल आनी शुरू हो जाएगी। इसके बाद हर आधे घंटे में रीडिंग से लेकर खपत हुई बिजली की डिटेल मिलेगी। यही नहीं उपभोक्ता के यहां कितना लोड है, इसकी भी जानकारी सीधे मिल सकेगी। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी को उपभोक्ता के यहां मीटर की रीडिंग चेक करने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। बताया कि कार्यालय में बैठकर ही रीडिंग उपलब्ध होने लगी है।
इस बाबत अधिशासी अभियंता विद्युत पी राम ने बताया कि शासन ने बिजली चोरी रोकने के लिए सबसे पहले बड़े कनेक्शनधारकों के यहां आटोमैटिक मीटर रीडिंग सिस्टम लगाना शुरू कर दिया है। इसके तहत प्रत्येक आधा घंटे की डिटेल नेट के जरिए कंप्यूटर पर होगी।
यदि कोई उपभोक्ता मीटर से छेड़छाड़ करता है या मीटर जलकर नष्ट हो जाता है तो इसकी भी जानकारी तत्काल विभाग को मिल सकेगी। शासन की पहल सार्थक हुई तो जिले के सभी उपभोक्ताओं के यहां यह सिस्टम लगाया जाएगा। बताया कि सिस्टम में लगाए जाने वाले मोडम में एक चिप लगी हुई है।
इसके माध्यम से कंप्यूटर पर संबंधित उपभोक्ता का कोड डालते ही डिटेल आनी शुरू हो जाएगी। इसके बाद हर आधे घंटे में रीडिंग से लेकर खपत हुई बिजली की डिटेल मिलेगी। यही नहीं उपभोक्ता के यहां कितना लोड है, इसकी भी जानकारी सीधे मिल सकेगी। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी को उपभोक्ता के यहां मीटर की रीडिंग चेक करने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। बताया कि कार्यालय में बैठकर ही रीडिंग उपलब्ध होने लगी है।