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Kannauj News: 250 किसानों को दिया गया 19.75 करोड़ का अधिक मुआवजा

Thu, 27 Nov 2025 12:22 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 27 Nov 2025 12:22 AM IST
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250 farmers were given additional compensation of Rs 19.75 crore.
कन्नौज। प्रदेश का पहला एक्सप्रेसवे अब जांच की जद में आ गया है। लैंड यूज बदलकर सर्किल रेट के नियमों को ताक पर पर रखकर जिले में 250 किसानों को 19.75 करोड़ रुपये का अधिक मुआवजा दिया गया। महालेखाकार (आर्थिक एवं राजस्व लेखा परीक्षा) की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने बुधवार को जांच के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि इसमें कई अधिकारी, कर्मचारी फंस सकते हैं। एक बार फिर जांच तेज होने राजस्व महकमे में खलबली मची है।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के लिए जमीन के अधिग्रहण में भारी पैमाने पर गोलमाल किया गया है। छिबरामऊ तहसील क्षेत्र में अधिग्रहण से पहले जमीन का मनमाने तरीके से श्रेणी परिवर्तन किया गया। इसके बाद मुआवजा बांटा गया था। इसके मुताबिक जिन किसानों की जमीन कृषि या बागान में दर्ज थी, उसे कामर्शियल में कराने के बाद मुआवजा दिया गया। इसमें तत्कालिन अधिकारियाें और कर्मचारियों की भी संलिप्तता रही थी। अब लखनऊ में जब इसी तरह का मामला पकड़ा गया तो राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार ने लखनऊ के डीएम विशाखजी को मुआवजे की जांच सौंपी है।
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इससे पहले वर्ष 2017 में एक्सप्रेसवे का ऑडिट किया गया था जिसमें महालेखाकार (आर्थिक एवं राजस्व लेखा परीक्षा) ने कन्नौज जिले में 250 किसानों को गलत तरीके से मुआवजा देने की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि मुआवजे में 19.75 करोड़ रुपये की धनराशि अधिक दी गई। इसमें लैंड यूज को बदला गया और सर्किल रेट के नियमों का पालन भी नहीं किया गया था। रिपोर्ट में सिफारिश की गई थी कि एसडीएम व तहसीलदार के माध्यम से सर्किल रेट का पुनरीक्षण कराया जाए और किसानों से अधिक धनराशि की रिकवरी कराई जाए।
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इस रिपोर्ट के बाद कई किसान कोर्ट चले गए, तब से यह मामला ठंडे बस्ते में था। उस समय यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राम सिंहासन प्रेम ने जिला प्रशासन को भी पत्र भेजकर सर्किल रेट के पुनरीक्षण कराने की मांग की थी। साथ ही बताया गया था कि कई किसानों ने लेखपालों से साठगांठ कर बैनामा करने से पहले अपनी भूमि को आबादी व व्यवसायिक में परिवर्तित करा लिया, जिससे उनकी मुआवजे की धनराशि बढ़ गई थी। अब लखनऊ में हो रही जांच की आंच इत्रनगरी तक पहुंच गई है।

वर्जन
शासन ने अभी जांच के लिए कोई पत्र नहीं आया है। राजस्व परिषद से कोई पत्र आता है कि इस प्रकरण की समीक्षा कर गहन जांच कराई जाएगी। यदि मुआवजे की धनराशि अधिक है तो उसकी रिकवरी होगी।
-आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, जिलाधिकारी
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