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बचपन, ममता व लाड़ली दूर भगाएंगे कुपोषण
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गुगरापुर (कन्नौज)। शासन की ओर से कुपोषण को दूर करने के लिए तमाम प्रयास किए जाते रहे हैं। कुपोषण को दूर करने की कड़ी में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बचपन, ममता व लाडली दिवस आयोजित किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। शासन इन दिवसों के जरिये बच्चों, युवतियों व महिलाओं का पोषण स्तर सुधारने की कवायद में है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा संयुक्त रूप से घरों में जाकर यह सुनिश्चित करेंगी कि इन दिवसों के आयोजनों के दौरान दिए गए संदेशों का पालन पात्र लोग कर रहे हैं या नहीं। इसके साथ ही गर्भवती और बच्चों की सेहत में सुधार व पोषण के उपाय भी बताए जाएंगे। शासन की ओर से निर्देश मिलने के बाद बाल विकास परियोजना अधिकारी इस मुहिम को धार देने के लिए लग गए हैं।
बचपन दिवस पर होंगे ये कार्यक्रम
बचपन दिवस कार्यक्रम प्रत्येक महीने के पहले पोषाहार वितरण दिवस अर्थात माह की पांच तारीख को मनाया जाएगा। इसमें छह माह की आयु पूरी करने वाले बच्चों का अन्न प्राशन होगा। इसके साथ ही माह में पड़ने वाले बच्चों का जन्मदिन मनाया जाएगा। स्वच्छता व पोषाहार के उपयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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ममता दिवस का महत्व
शासन की ओर से जारी दिशा निर्देश के तहत ममता दिवस का आयोजन महीने के प्रत्येक दूसरे पोषाहार वितरण दिवस अर्थात 15 तारीख को होगा। इस दिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, गायन, नृत्य, अभिनय, रोड प्ले का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, गर्भवती के माथे पर बिंदी व टीकालगाकर मातृत्व का सम्मान करेंगी। इसके साथ ही उन्हें स्थानीय मौसमी फल अनाज, गुड़, भुना चना व अन्य पोषक आहार भोजन में शामिल करने की सलाह देंगी। इसके साथ ही गर्भावस्था के दौरान प्रसव पूर्व जांच के संबंध में बताया जाएगा।
क्या है लाडली दिवस
अन्न प्राशन में बच्चों को ऊपरी आहार देने की शुरुआत होगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चतुरंगी आहार अर्थात लाल, सफेद, हरा, पीला रंग के अनाज, दिन में गाढ़ी दाल, अनाज, हरी पत्तेदार सब्जी, स्थानीय मौसमी फल, दूध व दूध से बने उत्पादों को तैयार करने का परामर्श देंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यह भी बताएंगी, कि भोजन की मात्रा धीरे-धीरे कैसे बढ़ाई जाए। इसके अलावा बच्चों में होने वाली बीमारियां जिनमें डायरिया, न्यूमोनिया, खसरा आदि से बचाव के लिए एएनएम से जानकारी दिलाई जाएगी।
कोट
आंगनबाड़ी केंद्रों पर बचपन, ममता व लाडली दिवस मनाए जाने के दिशा-निर्देश मिले हैं। इस कार्यक्रम को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर शत प्रतिशत तरीके से कराने के लिए सुपरवाइजरों को बता दिया गया है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी, एएनएम व आशा के अलावा स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों से सहयोग लिया जाएगा। जिससे शासन की ओर से जारी कुपोषण को हटाने के लिए कार्यक्रम को सफल बनाने का प्रयास करें। - मनोज कुमार मौर्या (जिला कार्यक्रम अधिकारी, कन्नौज)
- जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जारी किए दिशा-निर्देश
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गुगरापुर (कन्नौज)। शासन की ओर से कुपोषण को दूर करने के लिए तमाम प्रयास किए जाते रहे हैं। कुपोषण को दूर करने की कड़ी में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बचपन, ममता व लाडली दिवस आयोजित किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। शासन इन दिवसों के जरिये बच्चों, युवतियों व महिलाओं का पोषण स्तर सुधारने की कवायद में है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा संयुक्त रूप से घरों में जाकर यह सुनिश्चित करेंगी कि इन दिवसों के आयोजनों के दौरान दिए गए संदेशों का पालन पात्र लोग कर रहे हैं या नहीं। इसके साथ ही गर्भवती और बच्चों की सेहत में सुधार व पोषण के उपाय भी बताए जाएंगे। शासन की ओर से निर्देश मिलने के बाद बाल विकास परियोजना अधिकारी इस मुहिम को धार देने के लिए लग गए हैं।
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बचपन दिवस पर होंगे ये कार्यक्रम
बचपन दिवस कार्यक्रम प्रत्येक महीने के पहले पोषाहार वितरण दिवस अर्थात माह की पांच तारीख को मनाया जाएगा। इसमें छह माह की आयु पूरी करने वाले बच्चों का अन्न प्राशन होगा। इसके साथ ही माह में पड़ने वाले बच्चों का जन्मदिन मनाया जाएगा। स्वच्छता व पोषाहार के उपयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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ममता दिवस का महत्व
शासन की ओर से जारी दिशा निर्देश के तहत ममता दिवस का आयोजन महीने के प्रत्येक दूसरे पोषाहार वितरण दिवस अर्थात 15 तारीख को होगा। इस दिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, गायन, नृत्य, अभिनय, रोड प्ले का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, गर्भवती के माथे पर बिंदी व टीकालगाकर मातृत्व का सम्मान करेंगी। इसके साथ ही उन्हें स्थानीय मौसमी फल अनाज, गुड़, भुना चना व अन्य पोषक आहार भोजन में शामिल करने की सलाह देंगी। इसके साथ ही गर्भावस्था के दौरान प्रसव पूर्व जांच के संबंध में बताया जाएगा।
क्या है लाडली दिवस
अन्न प्राशन में बच्चों को ऊपरी आहार देने की शुरुआत होगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चतुरंगी आहार अर्थात लाल, सफेद, हरा, पीला रंग के अनाज, दिन में गाढ़ी दाल, अनाज, हरी पत्तेदार सब्जी, स्थानीय मौसमी फल, दूध व दूध से बने उत्पादों को तैयार करने का परामर्श देंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यह भी बताएंगी, कि भोजन की मात्रा धीरे-धीरे कैसे बढ़ाई जाए। इसके अलावा बच्चों में होने वाली बीमारियां जिनमें डायरिया, न्यूमोनिया, खसरा आदि से बचाव के लिए एएनएम से जानकारी दिलाई जाएगी।
कोट
आंगनबाड़ी केंद्रों पर बचपन, ममता व लाडली दिवस मनाए जाने के दिशा-निर्देश मिले हैं। इस कार्यक्रम को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर शत प्रतिशत तरीके से कराने के लिए सुपरवाइजरों को बता दिया गया है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी, एएनएम व आशा के अलावा स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों से सहयोग लिया जाएगा। जिससे शासन की ओर से जारी कुपोषण को हटाने के लिए कार्यक्रम को सफल बनाने का प्रयास करें। - मनोज कुमार मौर्या (जिला कार्यक्रम अधिकारी, कन्नौज)
- जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जारी किए दिशा-निर्देश