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Kannauj News: राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने 17 अवैध कट, पांच माह में 30 मौतें

Tue, 02 Jun 2026 11:44 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:44 PM IST
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17 illegal cuts made on National Highway, 30 deaths in five months
कन्नौज। जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग (अलीगढ़-कानपुर हाईवे) 34 पर बने 17 अवैध कट एक गंभीर समस्या बन गए हैं। ये कट यातायात के प्रवाह को बाधित करते हैं। पांच माह में सड़क हादसों में 30 मौतें हो चुकी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) बार-बार इन कटों को बंद कराता है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीण अपनी सुविधा के लिए इन्हें फिर से खोल देते हैं।
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राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षित और सुचारू यातायात के लिए बनाए जाते हैं। इन पर 17 अवैध कट नियमों का घोर उल्लंघन हैं। ये कट वाहनों के अचानक मुड़ने और राहगीरों के लिए अप्रत्याशित खतरे पैदा करते हैं। राजमार्ग पर तेज गति के कारण दुर्घटनाएं अक्सर गंभीर होती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वह इन कटों का उपयोग खेतों तक पहुंचने, गांवों में जाने या सड़क के दूसरी ओर स्थित दुकानों तक पहुंचने के लिए करते हैं। प्रशासन द्वारा हटाए जाने के कुछ ही समय बाद, ये कट फिर से खुल जाते हैं, जिससे सुरक्षा के सभी प्रयास व्यर्थ साबित होते हैं।
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केस : एक
मानीमऊ में हाईवे पर सोमवार को कार सवार दो युवकों की मौत उस समय हाे गई, जब वह अवैध कट से गुजर रहे एक वाहन से जा भिड़े। यह कट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बना है और वहां से यू-टर्न महज 500 मीटर दूर है। मगर चालक ने यू-टर्न की बजाय अवैध कट से वाहन को निकालना उचित समझा, जिससे यह हादसा हो गया।
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केस : दो
छिबरामऊ में पूर्वी बाईपास पर सौ शैया अस्पताल जाने वाली रोड के सामने अवैध कट बना है, जबकि यू-टर्न यहां से महज 200 मीटर दूर है। फिर भी शहर के अंदर जाने वाले लोग इसी कट का इस्तेमाल करते हैं। दो माह पहले एक बाइक सवार युवक की ट्रक की टक्कर से मौत हो गई थी। वह अवैध कट से मोहल्ला बिरतिया जाने की कोशिश कर रहा था।
विशेषज्ञों की राय----
फोटो:30: डॉ. उदयपाल सिंह
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती

नेहरू महाविद्यालय के समाज शास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. उदयपाल सिंह का कहना है कि एक ओर यह आम जनता की सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी को दर्शाता है, और दूसरी ओर यह प्रशासनिक एजेंसियों के लिए एक कठिन कार्य है कि वह इन अवैध कटों को स्थायी रूप से कैसे रोकें। ग्रामीण इलाकों में जहां लोग अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या के लिए इन कटों पर निर्भर हो सकते हैं, उन्हें वैकल्पिक और सुरक्षित मार्गों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी एक महत्वपूर्ण पहलू है।
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फोटो :31: आशीष पांडेय
सामुदायिक सहभागिता से निकलेगा हल
शहर के प्रमुख इत्र व्यवसायी एवं समाजसेवी आशीष पांडेय का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध कटों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। यदि लोग अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और नियमों का पालन करें, तो ही इन जिंदगियों को निगलने वाले अवैध कटों के जाल से मुक्ति पाई जा सकती है।

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अवैध कटों से हुए हादसे---
वर्ष माह हादसे मृतक
2025 जनवरी 42 24
2025 फरवरी 50 26
2025 मार्च 60 34
2025 अप्रैल 42 29
2025 मई 52 27
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वर्ष माह हादसों की संख्या मृतकों की संख्या
2026 जनवरी 34 22
2026 फरवरी 47 27
2026 मार्च 60 34
2026 अप्रैल 14 06
2026 मई 39 30
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वर्जन
हाइवे पर जो भी कट बनाए गए हैं, वह एनएचएआई द्वारा बनाए गए हैं। आम जनता ने अपनी सुविधा के लिए जो अवैध कट बनाए गए हैं। इनकी निरंतर निगरानी की जाती है। कई कट बंद भी कराए गए हैं और लोगों को यू-टर्न, अंडरपास, ओवरब्रिज और जेब्रा लाइन के बारे में जागरूक किया जा रहा है। दो साल में अब तक 250 से अधिक चालान भी किए जा चुके हैं।
-रविशंकर त्रिपाठी, यातायात प्रभारी, कन्नौज
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