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Kannauj News: 15 पौराणिक स्थलों का होगा कायाकल्प, पांच में काम शुरू
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कन्नौज। सरकार ने इत्रनगरी के 15 पौराणिक व ऐतिहासिक स्थलों के कायाकल्प का आदेश दिया हैं। खास बात यह है कि इनके चयन से लेकर जीर्णोद्धार कराने की जिम्मेदारी उपायुक्त मनरेगा को दी गई है। कायाकल्प के लिए पांच स्थलों का चयन कर लिया गया है जबकि 10 के लिए प्रक्रिया चल रही है। अफसरों की माने तो पांच स्थलों पर विकास कार्य शुरू करा दिया गया है।
जिले के प्रमुख पौराणिक स्थलों का कायाकल्प होगा। इसके लिए 15 पौराणिक स्थल चिह्नित कर वहां आवश्यक विकास करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी में सिद्धपीठ मां फूलमती देवी मंदिर, तिर्वा के मां अन्नपूर्णा मंदिर, चौधरियापुर के बाबा विश्वनाथ मंदिर, तालग्राम के ताहपुर सकरवारा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में काम चालू हो गया है। वहां मंदिर कमेटी व संभ्रांत नागरिकों के साथ सामंजस्य बनाकर पौराणिक स्थलों को सुधारने व संवारने के लिए काम कराया जा रहे हैं।
शासन ने गुरसहायगंज में रामजानकी मंदिर का कायाकल्प शुरू कराया है। इसमें कार्यदायी संस्था सी एंड डीएस काम कर रही है। इस मंदिर को भव्य बनाया जा रहा है, जो आने वाले दिनों में आस्था व पर्यटन का प्रमुख केंद्र होगा। इसी तरह तिर्वा के सिद्धपीठ मां अन्नपूर्णा देवी मंदिर की देश विदेश में मान्यता है। इस मंदिर के लिए भी 43 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है। सिद्धपीठ मां फूलमती देवी मंदिर की भी विशेष मान्यता है। ये देवी कन्नौज के राजा वेणु की ज्येष्ठ पुत्री थीं, जिन्होंने तपस्या कर भगवान विष्णु को पति के रूप में प्राप्त किया था। शासन ने 48 लाख रुपये से मंदिर का कायाकल्प करने का संकल्प लिया है। ताहपुर के प्राचीन हनुमान मंदिर को भी पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। इसके विकास के लिए भी तैयारी शुरू कर दी गईं हैं।
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उपायुक्त मनरेगा दिनेश कुमार यादव का कहना है कि 15 पौराणिक स्थलों को चिह्नित कर विकसित करने का लक्ष्य मिला है। पांच स्थलों पर काम शुरू हो चुका है। शेष पौराणिक स्थलों को चिह्नित कर जल्द ही उन्हें भी सजाने संवारने का कार्य किया जाएगा।
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जिले के प्रमुख पौराणिक स्थलों का कायाकल्प होगा। इसके लिए 15 पौराणिक स्थल चिह्नित कर वहां आवश्यक विकास करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी में सिद्धपीठ मां फूलमती देवी मंदिर, तिर्वा के मां अन्नपूर्णा मंदिर, चौधरियापुर के बाबा विश्वनाथ मंदिर, तालग्राम के ताहपुर सकरवारा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में काम चालू हो गया है। वहां मंदिर कमेटी व संभ्रांत नागरिकों के साथ सामंजस्य बनाकर पौराणिक स्थलों को सुधारने व संवारने के लिए काम कराया जा रहे हैं।
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शासन ने गुरसहायगंज में रामजानकी मंदिर का कायाकल्प शुरू कराया है। इसमें कार्यदायी संस्था सी एंड डीएस काम कर रही है। इस मंदिर को भव्य बनाया जा रहा है, जो आने वाले दिनों में आस्था व पर्यटन का प्रमुख केंद्र होगा। इसी तरह तिर्वा के सिद्धपीठ मां अन्नपूर्णा देवी मंदिर की देश विदेश में मान्यता है। इस मंदिर के लिए भी 43 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है। सिद्धपीठ मां फूलमती देवी मंदिर की भी विशेष मान्यता है। ये देवी कन्नौज के राजा वेणु की ज्येष्ठ पुत्री थीं, जिन्होंने तपस्या कर भगवान विष्णु को पति के रूप में प्राप्त किया था। शासन ने 48 लाख रुपये से मंदिर का कायाकल्प करने का संकल्प लिया है। ताहपुर के प्राचीन हनुमान मंदिर को भी पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। इसके विकास के लिए भी तैयारी शुरू कर दी गईं हैं।
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उपायुक्त मनरेगा दिनेश कुमार यादव का कहना है कि 15 पौराणिक स्थलों को चिह्नित कर विकसित करने का लक्ष्य मिला है। पांच स्थलों पर काम शुरू हो चुका है। शेष पौराणिक स्थलों को चिह्नित कर जल्द ही उन्हें भी सजाने संवारने का कार्य किया जाएगा।