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कन्नौज: फर्जी गेमिंग एप में 14 सेविंग अकाउंट और फ्रीज, मिला सात करोड़ का ट्रांजेक्शन
Mon, 25 Aug 2025 11:34 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, कन्नौज
अमर उजाला नेटवर्क, कन्नौज
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 25 Aug 2025 11:34 PM IST
सार
गिरफ्तार ठग अजीत के खाते में एक दिन में 45 लाख रुपये पहुंचे थे। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो वह नहीं बता पा रहा था कि यह रकम किसने भेजी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फर्जी गेमिंग एप के जरिये करंट अकाउंट के अलावा 14 सेविंग बैंक अकाउंटों में भी करीब सात करोड़ रुपये की रकम भेजी गई। पुलिस ने जब ठगों से मिले डेबिट और क्रेडिट कार्डों के आधार पर बैंकों से संपर्क कर खातों का विवरण पता किया तो जानकारी हुई कि एक जनवरी 2023 से यह खेल चल रहा है। इसमें अब तक अरबों रुपये ठगी की जा चुकी है। पुलिस गेम के असली मास्टर माइंड तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जिससे पूरे गिरोह का जड़ से सफाया हो सके। फिलहाल पुलिस ने अब तक मिले 22 अकाउंट फ्रीज करा दिए हैं, जिनमें ठगी के करोड़ाें रुपये जमा हैं।
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देशव्यापी फर्जी गेमिंग एप में दस ठगों के गिरफ्तार होने के बाद पुलिस अब पूरे चक्रव्यूह को तोड़ने की जुगत भिड़ा रही है। सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पकड़े गए ठगों के पास से 18 डेबिट और क्रेडिट कार्ड मिले थे। इनके माध्यम से बैंकों से संपर्क कर खातों की डिटेल पता की तो जानकारी हुई कि कारपोरेट अकाउंट के अलावा ठगी की रकम सेविंग अकाउंटों में भी ट्रांसफर कराई गई है। अभी तक 14 अकाउंटों की डिटेल मिल पाई है, जिनमें ठगी के सात करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। पुलिस अब इन खाताधारकों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। इसके लिए दो टीमों का गठन किया गया है, जाे देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर जानकारी जुटाएगी। ये खाते गुजरात के भरूच, बड़ोदरा, अहमदाबाद, हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल व पानीपत, दिल्ली समेत यूपी के प्रयागराज, लखनऊ में राष्ट्रीयकृत बैंकों में खुले हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ोैदा, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक व आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं।
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आरटीजीएस व नेफ्ट से भी रकम की गई ट्रांसफर
सदर कोतवाल ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम ठगाें ने एक से दूसरे खाते में आरटीजीएस (रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) व नेफ्ट (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर) की भी मदद ली गई। आरटीजीएस से चार तो नेफ्ट से दो खातों में करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया। इन सभी खातों को होल्ड कर फ्रीज करवा दिया गया है।
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अजीत के खाते में एक दिन में पहुंचे 45 लाख रुपये
गिरफ्तार ठग अजीत के खाते में एक दिन में 45 लाख रुपये पहुंचे थे। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो वह नहीं बता पा रहा था कि यह रकम किसने भेजी। पुलिस के मुताबिक अजीत पैनल में शामिल ठग है, जो एक दिन में करोड़ों रुपयों का ट्रांजेक्शन करता है। इनमें से कई ठग ऐसे हैं जो बैंकों के साफ्टवेयर तक हैक करने की क्षमता रखते हैं। इससे पहले अजीत किट होल्डर था, लेकिन बैंकिग मामलों में अच्छा जानकार होने के चलते उसे पैनल में शामिल कर लिया गया।
जांच के लिए एसआईटी गठित
एसपी पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि यह एक देशव्यापी संगठित गिरोह है, जिसके लिए एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम) का गठन किया गया है, इसके प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ मिश्रा हैं। इसके अलावा स्वाट, सर्विलांस व सदर कोतवाल के नेतृत्व में टीमों का गठन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए किया है। जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।