{"_id":"6a4409fbad4856ee11092454","slug":"125-days-of-employment-will-be-provided-instead-of-100-kannauj-news-c-214-1-knj1006-151744-2026-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: 100 की जगह मिलेगा 125 दिन रोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: 100 की जगह मिलेगा 125 दिन रोजगार
विज्ञापन
कन्नौज। ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधनों को मजबूत करने और मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) योजना बुधवार से जिले में लागू होने जा रही है। इस नई योजना के तहत अब ग्रामीण मजदूरों को साल में 100 दिन के बजाय 125 दिन का गारंटीशुदा रोजगार मिलेगा। शासन से लेकर जिला स्तर तक इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
नई व्यवस्था में मजदूरों के हित को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब श्रमिकों को अपनी मजदूरी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि हर सप्ताह उनके बैंक खातों में मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, प्रतिदिन की मजदूरी में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह पूर्व की तरह 252 रुपये ही रहेगी लेकिन रोजगार के दिन 25 दिन बढ़ जाने से ग्रामीण परिवारों की वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
विभाग के अनुसार वीबी-जीरामजी योजना का उद्देश्य केवल गड्ढे खुदवाना या अस्थाई काम देना नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में टिकाऊ संपत्तियों का निर्माण कर स्थायी आजीविका के अवसर विकसित करना है। आंकड़ों की बात करें तो जिले में मनरेगा के तहत 1.97 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं, जिनमें से आठों ब्लॉकों को मिलाकर 75,279 जॉब कार्ड धारक पूरी तरह सक्रिय हैं, जिन्हें इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
कल से सजेंगी विकास की प्रदर्शनियां
योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए 26 जून को संयुक्त आयुक्त मनरेगा संजय कुमार पांडेय ने मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत दो जुलाई को सुबह 11 बजे से जनपद के प्रत्येक ब्लॉक की दो-दो चयनित ग्राम पंचायतों में भव्य जन सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इन सम्मेलनों में योजना के तहत होने वाले प्रस्तावित कार्यों और विकसित ग्राम पंचायत योजना का प्रदर्शन करने के साथ-साथ विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी।
वर्जन
एक जुलाई से जिले में वीबी-जीरामजी योजना का शुभारंभ हो रहा है। इसके सफल संचालन को लेकर विभागीय स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शासन की मंशानुरूप श्रमिकों को समय पर काम और हर सप्ताह भुगतान दिलाना हमारी प्राथमिकता होगी।
-दिनेश कुमार, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार
विज्ञापन
नई व्यवस्था में मजदूरों के हित को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब श्रमिकों को अपनी मजदूरी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि हर सप्ताह उनके बैंक खातों में मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, प्रतिदिन की मजदूरी में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह पूर्व की तरह 252 रुपये ही रहेगी लेकिन रोजगार के दिन 25 दिन बढ़ जाने से ग्रामीण परिवारों की वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
विज्ञापन
विभाग के अनुसार वीबी-जीरामजी योजना का उद्देश्य केवल गड्ढे खुदवाना या अस्थाई काम देना नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में टिकाऊ संपत्तियों का निर्माण कर स्थायी आजीविका के अवसर विकसित करना है। आंकड़ों की बात करें तो जिले में मनरेगा के तहत 1.97 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं, जिनमें से आठों ब्लॉकों को मिलाकर 75,279 जॉब कार्ड धारक पूरी तरह सक्रिय हैं, जिन्हें इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
कल से सजेंगी विकास की प्रदर्शनियां
योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए 26 जून को संयुक्त आयुक्त मनरेगा संजय कुमार पांडेय ने मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत दो जुलाई को सुबह 11 बजे से जनपद के प्रत्येक ब्लॉक की दो-दो चयनित ग्राम पंचायतों में भव्य जन सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इन सम्मेलनों में योजना के तहत होने वाले प्रस्तावित कार्यों और विकसित ग्राम पंचायत योजना का प्रदर्शन करने के साथ-साथ विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी।
वर्जन
एक जुलाई से जिले में वीबी-जीरामजी योजना का शुभारंभ हो रहा है। इसके सफल संचालन को लेकर विभागीय स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शासन की मंशानुरूप श्रमिकों को समय पर काम और हर सप्ताह भुगतान दिलाना हमारी प्राथमिकता होगी।
-दिनेश कुमार, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार