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Jhansi News: युवाओं के दिल पर भारी पड़ रही धूम्रपान की लत
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झांसी। युवाओं के दिल पर धूम्रपान की लत भारी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज के आंकड़े देखें तो पिछले तीन महीने में हार्ट अटैक के 150 युवा भर्ती हुए हैं। इनमें से 50 फीसदी लंबे समय से धूम्रपान कर रहे हैं। ह्रदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि धूम्रपान करने से दिल की खून की नलियां संकरी हो जाती हैं और हार्ट अटैक आने की आशंका बढ़ जाती है।
कॉलेज में भर्ती हुए बाकी 50 फीसदी युवाओं में मधुमेह, ब्लड प्रेशर, फास्ट फूड का सेवन, व्यायाम न करना, परिवार में पहले किसी को हार्ट अटैक होना, तनाव आदि वजह से भी कई को दिल का दौरा पड़ा। डॉक्टरों ने बताया कि युवाओं में बदली लाइफस्टाइल की वजह से टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। वहीं, ऑफिस में काम या फिर व्यापार में प्रतिस्पर्धा के चलते तनाव ज्यादा रहता है। कई युवा पर्याप्त नींद भी नहीं ले पाते हैं। मेडिकल कॉलेज के ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रजत जैन ने बताया कि नींद की कमी से शरीर में हार्मोन असंतुलित होने लगते हैं। इससे मोटापा, मधुमेह, हाइपरटेंशन और दिल की बीमारियां होने लगती हैं, जो हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाती हैं। शोध में भी दावा किया गया है कि छह घंटे से कम सोने वालों को हार्ट अटैक का खतरा अधिक रहता है। दूसरी तरफ, जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनके ह्रदय की खून की नलियां संकरी हो जाती हैं। इनमें जो चर्बी इकट्ठी हो जाती है, धूम्रपान की वजह से उसमें वृद्धि होती है। फिर थक्का जमने से दिल का दौरा पड़ जाता है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक शर्मा ने बताया कि सर्दियों के सीजन में हार्ट अटैक के मामले काफी बढ़ जाते हैं। पिछले तीन महीने में हार्ट अटैक का शिकार हुए 50 फीसदी युवा धूम्रपान करने के आदी थे। उन्होंने कहा कि हार्ट अटैक से बचने के लिए लोगों को फास्ट फूड, ज्यादा तेल-घी नहीं खाना चाहिए। नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। अगर परिवार में किसी को हार्ट अटैक हुआ है तो साल में एक बार डॉक्टर के पास जाकर जांच कराएं।
कब जाएं डॉक्टर के पास
- सीने में भारीपन महसूस होना
- सीने में दर्द होना
- गले, जबड़े, पेट या कमर के ऊपरी हिस्से में दर्द होना
- सीने में खिंचाव या जलन महसूस होना
- किसी एक बांह या दोनों बांहों में दर्द होना
- सांस फूलना
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कॉलेज में भर्ती हुए बाकी 50 फीसदी युवाओं में मधुमेह, ब्लड प्रेशर, फास्ट फूड का सेवन, व्यायाम न करना, परिवार में पहले किसी को हार्ट अटैक होना, तनाव आदि वजह से भी कई को दिल का दौरा पड़ा। डॉक्टरों ने बताया कि युवाओं में बदली लाइफस्टाइल की वजह से टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। वहीं, ऑफिस में काम या फिर व्यापार में प्रतिस्पर्धा के चलते तनाव ज्यादा रहता है। कई युवा पर्याप्त नींद भी नहीं ले पाते हैं। मेडिकल कॉलेज के ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रजत जैन ने बताया कि नींद की कमी से शरीर में हार्मोन असंतुलित होने लगते हैं। इससे मोटापा, मधुमेह, हाइपरटेंशन और दिल की बीमारियां होने लगती हैं, जो हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाती हैं। शोध में भी दावा किया गया है कि छह घंटे से कम सोने वालों को हार्ट अटैक का खतरा अधिक रहता है। दूसरी तरफ, जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनके ह्रदय की खून की नलियां संकरी हो जाती हैं। इनमें जो चर्बी इकट्ठी हो जाती है, धूम्रपान की वजह से उसमें वृद्धि होती है। फिर थक्का जमने से दिल का दौरा पड़ जाता है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक शर्मा ने बताया कि सर्दियों के सीजन में हार्ट अटैक के मामले काफी बढ़ जाते हैं। पिछले तीन महीने में हार्ट अटैक का शिकार हुए 50 फीसदी युवा धूम्रपान करने के आदी थे। उन्होंने कहा कि हार्ट अटैक से बचने के लिए लोगों को फास्ट फूड, ज्यादा तेल-घी नहीं खाना चाहिए। नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। अगर परिवार में किसी को हार्ट अटैक हुआ है तो साल में एक बार डॉक्टर के पास जाकर जांच कराएं।
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कब जाएं डॉक्टर के पास
- सीने में भारीपन महसूस होना
- सीने में दर्द होना
- गले, जबड़े, पेट या कमर के ऊपरी हिस्से में दर्द होना
- सीने में खिंचाव या जलन महसूस होना
- किसी एक बांह या दोनों बांहों में दर्द होना
- सांस फूलना