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खदान में भरे पानी में डूबकर युवक और बच्ची की मौत
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झांसी। बृहस्पतिवार की दोपहर बिजौली इलाके के रावतयाना मोहल्ले के पास बनी एक पुरानी गहरी खदान में भरे पानी में नौ साल की बच्ची और युवक की डूबने से मौत हो गई। युवक खदान में नहाते वक्त डूब रही बच्ची को बचाने के लिए उतरा था, लेकिन गहरे पानी में समा गया। गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शवों को बाहर निकाला। युवक और बच्ची की मौत से इलाके में कोहराम मच गया।
नगर निगम के वार्ड संख्या 22 में शामिल रावतयाना मुहल्ले से करीब दो सौ मीटर दूर इस खदान से कई साल पहले पानी की झिर निकल पड़ी थी। इस वजह से यह खदान बंद कर दी गई। इसमें चालीस से पचास फुट तक पानी रहता है। आसपास मोहल्लों में पानी की कमी होने पर लोग यहीं आकर अपने रोजमर्रा के काम निपटाते हैं।
बृहस्पतिवार को दिन में करीब ग्यारह बजे अंशिका (9) पुत्री कल्लू और शिवानी (11) वहां नहाने पहुंची थीं। गांव की कई महिलाएं वहां पहले से मौजूद थीं। अचानक दोनों गहरे पानी की ओर चली गईं। वहां दोनों पानी में डूबने लगीं। उनको डूबता देख मौजूद लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। वहीं शिवानी का मामा अर्जुन(19) पुत्र रवि रायकवार भी खड़ा था। दोनों को बचाने के लिए वह पानी में कूद पड़ा। अर्जुन को तैरना नहीं आता था। किसी तरह घसीटकर उसने शिवानी को तो बाहर निकाल दिया, लेकिन अंशिका को निकालते समय वह भी फिसलकर गहरे पानी में चला गया। थोड़ी देर में ही दोनों डूब गए।
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यह देखकर वहां चीख-पुकार मच गई। करीब आधा घंटे बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर बिचौली चौकी इंचार्ज पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां किसी का कोई अता-पता नहीं चल रहा था। बाद में फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। रस्सी, जाल डालकर करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव बाहर निकाले जा सके। बाहर निकालने से पहले ही दोनों की मौत हो चुकी थी। उधर, दोनों की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी के मुताबिक पट्टे की अवधि खत्म हो चुकी है। अब यहां पानी भरा रहता है।
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नगर निगम के वार्ड संख्या 22 में शामिल रावतयाना मुहल्ले से करीब दो सौ मीटर दूर इस खदान से कई साल पहले पानी की झिर निकल पड़ी थी। इस वजह से यह खदान बंद कर दी गई। इसमें चालीस से पचास फुट तक पानी रहता है। आसपास मोहल्लों में पानी की कमी होने पर लोग यहीं आकर अपने रोजमर्रा के काम निपटाते हैं।
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बृहस्पतिवार को दिन में करीब ग्यारह बजे अंशिका (9) पुत्री कल्लू और शिवानी (11) वहां नहाने पहुंची थीं। गांव की कई महिलाएं वहां पहले से मौजूद थीं। अचानक दोनों गहरे पानी की ओर चली गईं। वहां दोनों पानी में डूबने लगीं। उनको डूबता देख मौजूद लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। वहीं शिवानी का मामा अर्जुन(19) पुत्र रवि रायकवार भी खड़ा था। दोनों को बचाने के लिए वह पानी में कूद पड़ा। अर्जुन को तैरना नहीं आता था। किसी तरह घसीटकर उसने शिवानी को तो बाहर निकाल दिया, लेकिन अंशिका को निकालते समय वह भी फिसलकर गहरे पानी में चला गया। थोड़ी देर में ही दोनों डूब गए।
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यह देखकर वहां चीख-पुकार मच गई। करीब आधा घंटे बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर बिचौली चौकी इंचार्ज पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां किसी का कोई अता-पता नहीं चल रहा था। बाद में फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। रस्सी, जाल डालकर करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव बाहर निकाले जा सके। बाहर निकालने से पहले ही दोनों की मौत हो चुकी थी। उधर, दोनों की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी के मुताबिक पट्टे की अवधि खत्म हो चुकी है। अब यहां पानी भरा रहता है।