{"_id":"65d8fc0d76a0ded0f6000369","slug":"you-can-prevent-cardiac-arrest-by-treating-low-blood-pressure-and-oxygen-in-time-jhansi-news-c-11-1-jhs1004-268491-2024-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: समय पर बीपी, ऑक्सीजन कम होने का इलाज कर कार्डियक अरेस्ट से बचा सकते","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: समय पर बीपी, ऑक्सीजन कम होने का इलाज कर कार्डियक अरेस्ट से बचा सकते
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पैरामेडिकल कॉलेज में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त एसीएलएस कोर्स शुरू हो गया। इसमें लखनऊ के एसजीपीजीआई के एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. संदीप साहू ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीज का ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन लेवल कम होने पर समय पर इलाज शुरू कर देने से उसे कार्डियक अरेस्ट (दिल अचानक से काम करना बंद कर देना) से बचाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि बच्चाें, युवाओं, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को कार्डियक अरेस्ट आने के अलग-अलग कारण होते हैं। मगर अस्पताल में भर्ती युवाओं से लेकर बुजुर्गों में अधिकतर दो कारणों से ही कार्डियक अरेस्ट आता है। पहला बीपी कम होने और दूसरा ऑक्सीजन की कमी से। उन्होंने कहा कि इन दोनों का ही ध्यान रखना जरूरी है। मरीज का 94 फीसदी से नीचे ऑक्सीजन लेवल जाए तो ऑक्सीजन थेरेपी दें। ब्लड प्रेशर कम हो तो उसे बढ़ाने की दवा दें। समय पर ऐसा करने से मरीजों को कार्डियक अरेस्ट से बचाया जा सकता है। पैरामेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. अंशुल जैन ने बताया कि शुक्रवार को एसजीपीजीआई लखनऊ और झांसी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान रीवा, ग्वालियर, लखनऊ के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहे। इस दौरान राम नरेश यादव, डॉ. नूतन अग्रवाल, डॉ. छवि सेठी, डॉ. जकी सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
झांसी। पैरामेडिकल कॉलेज में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त एसीएलएस कोर्स शुरू हो गया। इसमें लखनऊ के एसजीपीजीआई के एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. संदीप साहू ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीज का ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन लेवल कम होने पर समय पर इलाज शुरू कर देने से उसे कार्डियक अरेस्ट (दिल अचानक से काम करना बंद कर देना) से बचाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि बच्चाें, युवाओं, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को कार्डियक अरेस्ट आने के अलग-अलग कारण होते हैं। मगर अस्पताल में भर्ती युवाओं से लेकर बुजुर्गों में अधिकतर दो कारणों से ही कार्डियक अरेस्ट आता है। पहला बीपी कम होने और दूसरा ऑक्सीजन की कमी से। उन्होंने कहा कि इन दोनों का ही ध्यान रखना जरूरी है। मरीज का 94 फीसदी से नीचे ऑक्सीजन लेवल जाए तो ऑक्सीजन थेरेपी दें। ब्लड प्रेशर कम हो तो उसे बढ़ाने की दवा दें। समय पर ऐसा करने से मरीजों को कार्डियक अरेस्ट से बचाया जा सकता है। पैरामेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. अंशुल जैन ने बताया कि शुक्रवार को एसजीपीजीआई लखनऊ और झांसी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान रीवा, ग्वालियर, लखनऊ के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहे। इस दौरान राम नरेश यादव, डॉ. नूतन अग्रवाल, डॉ. छवि सेठी, डॉ. जकी सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन