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यस बैंक में रकम निकासी के लिए उमड़ी ग्राहकों की भीड़
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यस बैंक में पैसा निकालने के लिए बैठे खाताधारक।
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झांसी। पूंजी की कमी से जूझ रहा देश का पांचवें नंबर का निजी बैंक ‘यस बैंक’ डूबने के कगार पर पहुंच चुका है। संकट की इस घड़ी में यस बैंक की कमान रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपने हाथों में ले ली है। बैंक के उच्च प्रबंधन के साथ-साथ ग्राहकों में भी उथल-पुथल की स्थिति बनी हुई है। झांसी में बैंक की एक शाखा है, जिससे लगभग पांच हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। आरबीआई ने तीन अप्रैल तक के लिए धन निकासी की सीमा पचास हजार रुपये तय कर दी है। इसके साथ ही बैंक में धन निकासी के लिए ग्राहकों की लंबी - लंबी कतारें लगने लगी हैं। हालांकि, वित्त मंत्री द्वारा बैंक के ग्राहकों को उनकी जमा पूंजी सुरक्षित होने का भरोसा दिए जाने के बाद सभी अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित मान रहे हैं। लेकिन, हाल फिलहाल निकासी न होने की वजह से परेशान जरूर हैं। त्योहार सिर पर होने की वजह से ये परेशानी और बढ़ी हुई है।
बैंक ने पचास हजार रुपये का भुगतान तो कर दिया है, लेकिन ये रकम दस और बीस के नोटों में दी गई है। बैंक की ओर से बताया गया है कि उनके पास दस, बीस के नोट ही हैं, बड़े नोट नहीं हैं। जो उपलब्ध हैं, वो दे दिए गए हैं। बड़े नोट न मिलने से परेशानी हो रही है।
- नवीन शुक्ला, कारोबारी
पचास हजार रुपये की निकासी होने से फिलहाल तो काम चल गया है। लेकिन, पच्चीस अप्रैल को बहन की शादी है। तीन अप्रैल को मालूम चलेगा कि बैंक से कितना और पैसा निकाला जाएगा। अगर निकासी की सीमा नहीं बढ़ाई जाती, तो बड़ी परेशानी खड़ी हो जाएगी।
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- आनंद सिंह राठौर, कारोबारी
यस बैंक में करंट अकाउंट है। नकद निकासी की सीमा पचास हजार रुपये तय की हुई है, जो काफी कम है। इसके अलावा आरटीजीएस के जरिये भी पैसा ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है। कर्मचारियों को करीब डेढ़ लाख रुपये सेलरी देनी है, जबकि बैंक ने पचास हजार रुपये ही दिए हैं।
- दीपेंद्र श्रीवास्तव, कारोबारी
बैंक में सेलरी अकाउंट है। आगरा से ललितपुर स्थानांतरण हुआ है। झांसी आने पर बैंक के एटीएम से पैसा निकाल लिया है। क्योंकि, ये शंका है कि ललितपुर में पैसा निकल पाएगा या नहीं। लोग अपनी जमा पूंजी नहीं निकाल पा रहे हैं, ये स्थिति ठीक नहीं है।
- मधु शर्मा, कर्मचारी
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बैंक ने पचास हजार रुपये का भुगतान तो कर दिया है, लेकिन ये रकम दस और बीस के नोटों में दी गई है। बैंक की ओर से बताया गया है कि उनके पास दस, बीस के नोट ही हैं, बड़े नोट नहीं हैं। जो उपलब्ध हैं, वो दे दिए गए हैं। बड़े नोट न मिलने से परेशानी हो रही है।
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- नवीन शुक्ला, कारोबारी
पचास हजार रुपये की निकासी होने से फिलहाल तो काम चल गया है। लेकिन, पच्चीस अप्रैल को बहन की शादी है। तीन अप्रैल को मालूम चलेगा कि बैंक से कितना और पैसा निकाला जाएगा। अगर निकासी की सीमा नहीं बढ़ाई जाती, तो बड़ी परेशानी खड़ी हो जाएगी।
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- आनंद सिंह राठौर, कारोबारी
यस बैंक में करंट अकाउंट है। नकद निकासी की सीमा पचास हजार रुपये तय की हुई है, जो काफी कम है। इसके अलावा आरटीजीएस के जरिये भी पैसा ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है। कर्मचारियों को करीब डेढ़ लाख रुपये सेलरी देनी है, जबकि बैंक ने पचास हजार रुपये ही दिए हैं।
- दीपेंद्र श्रीवास्तव, कारोबारी
बैंक में सेलरी अकाउंट है। आगरा से ललितपुर स्थानांतरण हुआ है। झांसी आने पर बैंक के एटीएम से पैसा निकाल लिया है। क्योंकि, ये शंका है कि ललितपुर में पैसा निकल पाएगा या नहीं। लोग अपनी जमा पूंजी नहीं निकाल पा रहे हैं, ये स्थिति ठीक नहीं है।
- मधु शर्मा, कर्मचारी