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विश्व प्लास्टिक सर्जरी-डे : मुरझाए चेहरों पर मुस्कान लाती है प्लास्टिक सर्जरी
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। चाहे किसी का जन्मजात अंग-भंग हो या हादसे में हुआ हो। घबराने अथवा चिंतित होने की कतई जरूरत नहीं है। इस दिशा में प्लास्टिक सर्जरी नित नए आयाम स्थापित कर रही है। यह बात मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में विश्व प्लास्टिक सर्जरी डे पर आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सकों ने कही।
मुख्य अतिथि डाॅ. राजीव सिन्हा ने कहा कि झांसी मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में कई ऐसी सर्जरी हुई हैं, जिन्होंने परेशान लोगों के चेहरे पर मुस्कान ली दी है। प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार ने कहा लोगों का भ्रम है कि प्लास्टिक सर्जरी से सिर्फ सुंदरता बढ़ाई जा सकती है। ऐसा कतई नहीं है, प्लास्टिक सर्जरी से शरीर की कई जन्मजात अथवा अनहोनी से शरीर में हुईं खामियों दूर किया जाता है। बच्चों के कटे होंठ, जुड़ी अंगुलियां, कान का छोटा अथवा नहीं होना आदि की समस्या बहुत आसान तरीके से दूर होती है। देखा जाता है कि शुगर के रोगियों के पैरों अथवा तलवा में दिक्कत होने लगती है, जिसकी वजह से संतुलन नहीं बन पाता है। इस समस्या का अस्थि रोग विशेषज्ञ के साथ प्लास्टिक सर्जन करते हैं। कई लोगों के हादसे में अंग भंग हो जाते हैं, उसे भी प्लास्टिक सर्जन सही करते हैं। महिला अथवा पुरुषों में हार्मोंन की गड़बड़ी की वजह से विकृति आ जाती है, वह भी प्लास्टिक सर्जरी से दूर होती है। इसके पूर्व शुभारंभ मुख्य अतिथि डाॅ. राजीव सिन्हा, विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य डाॅ. नरेंद्र सिंह सिंह सेंगर व प्रधानाचार्य डाॅ. मयंक सिंह ने दीप जलाकर किया।
कार्यक्रम के आयोजन में डाॅ. गौरव जसौरिया एवं डाॅ. प्राची वार्ष्णेय का सहयोग रहा। इस दौरान डाॅ. अंशुल जैन, डाॅ. सचिन माहुर, डाॅ. नूतन अग्रवाल, डाॅ. कुलदीप चन्देल, डाॅ. नीरज श्रीवास्तव, डाॅ. दिनेश राजपूत, डाॅ. अरविन्द कुमार कनकने, डाॅ. जकी सिददकी, डाॅ. मधुमय शास्त्री, डाॅ. पारस गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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झांसी। चाहे किसी का जन्मजात अंग-भंग हो या हादसे में हुआ हो। घबराने अथवा चिंतित होने की कतई जरूरत नहीं है। इस दिशा में प्लास्टिक सर्जरी नित नए आयाम स्थापित कर रही है। यह बात मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में विश्व प्लास्टिक सर्जरी डे पर आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सकों ने कही।
मुख्य अतिथि डाॅ. राजीव सिन्हा ने कहा कि झांसी मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में कई ऐसी सर्जरी हुई हैं, जिन्होंने परेशान लोगों के चेहरे पर मुस्कान ली दी है। प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार ने कहा लोगों का भ्रम है कि प्लास्टिक सर्जरी से सिर्फ सुंदरता बढ़ाई जा सकती है। ऐसा कतई नहीं है, प्लास्टिक सर्जरी से शरीर की कई जन्मजात अथवा अनहोनी से शरीर में हुईं खामियों दूर किया जाता है। बच्चों के कटे होंठ, जुड़ी अंगुलियां, कान का छोटा अथवा नहीं होना आदि की समस्या बहुत आसान तरीके से दूर होती है। देखा जाता है कि शुगर के रोगियों के पैरों अथवा तलवा में दिक्कत होने लगती है, जिसकी वजह से संतुलन नहीं बन पाता है। इस समस्या का अस्थि रोग विशेषज्ञ के साथ प्लास्टिक सर्जन करते हैं। कई लोगों के हादसे में अंग भंग हो जाते हैं, उसे भी प्लास्टिक सर्जन सही करते हैं। महिला अथवा पुरुषों में हार्मोंन की गड़बड़ी की वजह से विकृति आ जाती है, वह भी प्लास्टिक सर्जरी से दूर होती है। इसके पूर्व शुभारंभ मुख्य अतिथि डाॅ. राजीव सिन्हा, विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य डाॅ. नरेंद्र सिंह सिंह सेंगर व प्रधानाचार्य डाॅ. मयंक सिंह ने दीप जलाकर किया।
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कार्यक्रम के आयोजन में डाॅ. गौरव जसौरिया एवं डाॅ. प्राची वार्ष्णेय का सहयोग रहा। इस दौरान डाॅ. अंशुल जैन, डाॅ. सचिन माहुर, डाॅ. नूतन अग्रवाल, डाॅ. कुलदीप चन्देल, डाॅ. नीरज श्रीवास्तव, डाॅ. दिनेश राजपूत, डाॅ. अरविन्द कुमार कनकने, डाॅ. जकी सिददकी, डाॅ. मधुमय शास्त्री, डाॅ. पारस गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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