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विश्व पार्किंसस डे : हाथ-पैर में कंपन या सूंघने की शक्ति कम हो रही है तो डॉक्टर को दिखाएं

Fri, 11 Apr 2025 01:52 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Apr 2025 01:52 AM IST
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World Parkinson's Day: If you are experiencing tremors in your hands and feet or loss of sense of smell, consult a doctor

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। यदि आपके हाथ-पैर में कंपन होती है। कार्य करने में धीमापन आ रहा है। सूंघने की शक्ति प्रभावित हो रही है। नींद की समस्या हो है तो डॉक्टर को दिखाएं। ये पार्किंसन बीमारी के शुरुआती लक्षण हैं, जो धीरे-धीरे पूरे शरीर को प्रभावित करती है। समय से उपचार, समुचित व्यायाम और पौष्टिक सुपाच्य भोजन से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। यह बीमारी युवाओं को भी चपेट में ले रही है। कइयों में इसकी वजह आनुवांशिक होती है।



मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कनकने का कहना है कि एक सप्ताह में ओपीडी में पार्किंसन के (55 वर्ष से ज्यादा) करीब 30 रोगी आ आते हैं। वहीं, एक माह में दो से ज्यादा युवा रोगी भी आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि यह न्यूरोडिजनरेटिव डिसऑर्डर है। यह बीमारी दिमाग के उस हिस्से को निशाना बनाती है, जो शरीर को संकेत देती हैं कि कोई भी काम कैसे करना है। दिमाग में वेसलगैग्लिया नामक हिस्सा होता है, जिसमें डोपामीन व एसिटाइलकोलाइन हार्मोन बनाते हैं। जब डोपामीन की कमी होती है या इसे बनाने वाली कोशिकाएं नष्ट होती हैं तो शरीर में कंपन और धीमापन आने लगता है, जो पार्किंसन की वजह है। डोपामाइन संदेशवाहक (न्यूरोट्रांसमीटर) है, जो मस्तिष्क में काम करता है।
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0- पार्किंसन के लक्षण

इसका प्रमुख लक्षण कंपन है। शुरुआत में कंपन आराम की अवस्था में होता है। इसके बाद कार्य करने की गति धीमी होने लगती है। याददाश्त में कमजोरी, व्यवहार में बदलाव, निगलने में तकलीफ, नींद न आना, अधिक पसीना आना व मलमूत्र पर नियंत्रण खत्म हो जाता है।
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0- ऐसा किया जाता है उपचार



पार्किंसन की रफ्तार को कम करने के लिए दवाएं दी जाती हैं, जो डोपामीन हार्मोन का स्तर बनाकर रखती हैं। बीमारी बढ़ती है, वैसे-वैसे दवाएं काम करना कम कर देती हैं। ऐसी अवस्था में सर्जरी या डीप ब्रेन स्टीमुलेशन (पेसमेकर) से नियंत्रित किया जाता है।


0- बचाव के उपाय

यदि आराम के समय कंपन होती है या फिर सुगंध में दिक्कत हो रही हैं, तो नियमित व्यायाम शुरू कर दें। पौष्टिक भोजन करें और तनाव कम लें। पार्किंसन के रोगियों के लिए व्यायाम बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह धीरे-धीरे बढ़ता है। व्यायाम में चलना चाहिए। इसके संतुलन, कंपन, लचीलापन, हाथों की पकड़ में ताकत आती है। मांसपेशियों को लचीला रखने के लिए स्ट्रेचिंग करें।
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