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Jhansi News: झांसी में नहीं है सेफ, डराने लगे दिल्ली जैसे हादसे

Wed, 04 Jan 2023 11:46 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Jan 2023 11:46 PM IST
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women not safe in jhansi fare delhi hadse
झांसी। क्या रात को 10 बजे घर से बाहर घूमना! अरे शहर सेफ नहीं है। हम तो घर के बाहर के अपने सारे काम शाम को सात बजे तक ही निपटा लेते हैं। देख नहीं रहे हैं, दिल्ली के कंझावला इलाके में कार ने एक लड़की को करीब चार किमी तक घसीटा, लड़की की मौत हो गई। मंगलवार को ही दिल्ली में दिनदहाड़े 21 साल की लड़की पर सिरफिरे ने चाकू से आधा दर्जन वार कर दिए। अपने झांसी में ही क्राइम कितना बढ़ गया है, पहले तो यहां सिर्फ छेड़खानी की ही कुछ घटनाएं होती थीं, अब तो चाकू से वार कर रहे हैं, सीधे गोली मार देते हैं। शहरों में लड़कियों के प्रति बढ़ रहे इस तरह के जघन्य अपराधों को लेकर झांसी की लड़कियों में भी डर पनप रहा है। लड़कियां अकेले घर से बाहर निकलने से कतराने लगी हैं। उनके घरों में भी शाम को जल्दी लौटने की हिदायत दी जा रही है।
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इलाइट चौराहे पर कोचिंग बढ़ने वाली बीकॉम की छात्रा साक्षी और कक्षा 11 की छात्रा दिव्यांशी बताती हैं कि जब भी देर हो जाती है, उसे घर से कोई न कोई लेने आता है।
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सीन-1
समय 3.30 बजे: सिंधी तिराहे के पास मानिक चौक बाजार होने के कारण यहां महिलाओं की भीड़भाड़ रहती है। बाजार में कहीं भी पुलिस नहीं दिखी। भीड़ में धक्का-मुक्की आम बात थी। स्थिति यह दिखी कि दुकानों पर सामान पसंद कर रहीं महिलाओं तक को अलर्ट होना पड़ रहा था। कई लोग तो गाड़ी चलाते वक्त सिगरेट के छल्ले उड़ाते हुए निकल रहे थे। जबकि महिलाओं के कुछ कहने पर ऐसे बाइक सवार ठहाका लगाते हुए निकलते दिखे।
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सीन-2
समय 4.30 बजे : सीपरी बाजार में टैंपो में सवारी भरने की होड़ लगी थी। तीन युवतियां निकलीं तो टैंपो चालक उन्हें बुलाने लगे, एक चालक से लड़कियों ने कहा कि पीछे तीन ही सवारी बैठेंगी तो चालक ने कहा-चार बैठाएंगे मैडम। फिर बोला, चार का पैसा देना पड़ेगा। लड़कियां आगे बढ़ गईं तो चालक पीछे से उनकी चाल पर छींटाकशी करने लगा। उधर, इलाइट पर तीन महिलाएं टैंपो में बैठीं तो मना करने के बाद भी चालक ने उन्हें खिसका कर चौथी सवारी बैठा दी।
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13 जगह लगे पैनिक बटन, सबको जानकारी नहीं
इलाइट चौराहा, बीकेडी चौराहा, कचहरी चौराहा, बस स्टैंड, मेडिकल गेट नंबर एक, मिनर्वा चौराहा, जीवनशाह तिराहा, गोविंद चौराहा, रसबहार चौराहा, आवास विकास तिराहा, नगरा हाट का मैदान, खंडेराव गेट, सदर बाजार।
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छेड़खानी और दु्ष्कर्म के मामले
2022: दुष्कर्म - 39, छेड़खानी - 69
2021 : दुष्कर्म - 46, छेड़खानी - 65
2020 : दुष्कर्म - 42, छेड़खानी - 72
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झांसी में पिछले सालों में हुईं घटनाएं
01 दिसंबर : 2022 : छात्रा को लिफ्ट देने के बहाने बाइक पर बैठाया, चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर किया दुष्कर्म, वीडियो वायरल करने की धमकी।
12 नवंबर 2022 : अपनी शादी के कार्ड बांटने गई युवती को किडनैप कर तीन लोगों ने किया दुष्कर्म।
09 अक्तूबर 2022 : झांसी के सपरार डैम में तीन लड़कियों के शव मिले।
07 अक्तूबर 2022 : सीपरी बाजार में अपहरण के बाद चार दिन तक बंधक बनाकर नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म।
11 जुलाई 2022 : मिशन चौराहे से गुजर रही 12वीं की छात्रा पर दो सालों से परेशान कर रहे युवक ने सरेराह ब्लेड से हमला कर दिया।
03 मई 2022 : ललितपुर में सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता किशोरी से पाली थाने के एसओ ने दुष्कर्म किया।
19 फरवरी 2021 : बीकेडी कॉलेज में एक छात्र को गोली मारने के बाद सिरफिरे ने एक छात्रा को उसके घर के बाहर गोली मारकर उसकी जान ले ली।
11 अक्तूबर 2020 : राजकीय पॉलिटेक्निक में आठ छात्रों ने एक नाबालिग छात्रा को हॉस्टल में घसीटकर सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया था।
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शहर की किसी भी मार्केट में निकल जाइए, भीड़ में छेड़खानी की कई घटनाएं रोज होती हैं। चौराहों पर तो पुलिस दिखती है। हम तो शाम सात बजे के बाद घर से नहीं निकलते।
मनीषा
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पहले तो लड़कियों के साथ सिर्फ छेड़खानी ही होती थी। अब तो सिरफिरे चाकू से हमला कर देते हैं, गोली मार देते हैं। लड़कियां कितनी भी अलर्ट रहें, घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
शिवानी
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बड़े शहर में ही नहीं, छोटा सा झांसी भी महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है। यहां लड़कियां रात में कभी घर से अकेले नहीं निकलती हैं। बाजारों में भी पुलिस की व्यवस्था होनी चाहिए।
कल्पना
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शहर में आपात काल में सहायता के लिए पैनिक बटन लगाए गए हैं लेकिन अधिकांश लड़कियां इसके बारे में नहीं जानती हैं। टैंपो, ऑटो में आए दिन लड़कियां परेशान होती रहती हैं।

खुशबू
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महिला सुरक्षा के लिए कोई बेहतर इंतजाम नहीं है। बाजारों में और कॉलेजों के बाहर आए दिन छींटाकशी होती है। अक्सर लड़कियां इसे इग्नोर करती हैं क्योंकि घटनाएं कम ही नहीं हो रही हैं।
साक्षी
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