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शीघ्र दूर होगी बालू की किल्लत, जारी होंगे परमिट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 May 2017 01:07 AM IST
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sand ghat
- फोटो : demo
लंबे समय से ठप बालू खनन अब फिर विधिवत शुरू होगा। इसके लिए खदान आवंटन के लिए ई-टेंडरिंग होगी। गौरतलब है कि बालू की किल्लत के कारण ज्यादातर विकास कार्य ठप हैं।
शासन ने 6 महीने के लिए बालू खदान के परमिट जारी करने के निर्देश जारी किए हैं। इसी के साथ खनिज विभाग ने बालू खदानों के परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया को ई-टेंडरिंग के जरिए ही पूर्ण किया जाएगा। जनपद में 25 क्षेत्रों को बालू की उपलब्धता के मद्देनजर चिन्हित किया गया है। इसके लिए परमिट देने से पहले वन विभाग काअनापत्ति प्रमाणपत्र जरूरी है। वर्तमान में वन विभाग ने 14 क्षेत्रों को एनओसी जारी कर दी है। दो क्षेत्रों का सर्वे रविवार को किया गया है। इसकी एनओसी सोमवार तक जारी होगी। इस प्रकार अभी जनपद में 16 बालू खदानों के परमिट जारी करने की तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
कोर्ट को बताएंगे
उच्च न्यायालय ने शासन को ई टेंडरिंग के जरिए बालू खदान के परमिट जारी करने का मसौदा तैयार दो मई तक पेश करने के निर्देश दिए गए थे। इस कड़ी में हर जनपद से रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा रही है। दो मई को कोर्ट में मसौदा पेश होने के बाद परमिट की कार्यवाही को अमल में लाया जाएगा। इसके बाद ही ई-टेंडरिंग पर नोटिफिकेशन जारी होगा। इसी क्रम में यूपी इलेक्ट्रानिक्स को अन्य विभागों की तरह खनिज विभाग के लिए भी ई-टेंडरिंग सॉफ्टवेयर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। परमिट के इच्छुक को डिजिटल हस्ताक्षर के साथ सॉफ्टवेयर पर पंजीयन कराना होगा।
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तैयारी पूरी है
जनपद में बालू खदानों के परमिट ई-टेंडरिंग के जरिए दिए जाएंगे। विभाग की ओर से इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गईं है। वन विभाग की ओर से अभी 14 बालू क्षेत्रों के लिए एनओसी जारी कर दी गईं है औक दो क्षेत्रों का सर्वे पूरा हो गया है।
आरबी सिंह, जिला खनिज अधिकारी
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शासन ने 6 महीने के लिए बालू खदान के परमिट जारी करने के निर्देश जारी किए हैं। इसी के साथ खनिज विभाग ने बालू खदानों के परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया को ई-टेंडरिंग के जरिए ही पूर्ण किया जाएगा। जनपद में 25 क्षेत्रों को बालू की उपलब्धता के मद्देनजर चिन्हित किया गया है। इसके लिए परमिट देने से पहले वन विभाग काअनापत्ति प्रमाणपत्र जरूरी है। वर्तमान में वन विभाग ने 14 क्षेत्रों को एनओसी जारी कर दी है। दो क्षेत्रों का सर्वे रविवार को किया गया है। इसकी एनओसी सोमवार तक जारी होगी। इस प्रकार अभी जनपद में 16 बालू खदानों के परमिट जारी करने की तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
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कोर्ट को बताएंगे
उच्च न्यायालय ने शासन को ई टेंडरिंग के जरिए बालू खदान के परमिट जारी करने का मसौदा तैयार दो मई तक पेश करने के निर्देश दिए गए थे। इस कड़ी में हर जनपद से रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा रही है। दो मई को कोर्ट में मसौदा पेश होने के बाद परमिट की कार्यवाही को अमल में लाया जाएगा। इसके बाद ही ई-टेंडरिंग पर नोटिफिकेशन जारी होगा। इसी क्रम में यूपी इलेक्ट्रानिक्स को अन्य विभागों की तरह खनिज विभाग के लिए भी ई-टेंडरिंग सॉफ्टवेयर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। परमिट के इच्छुक को डिजिटल हस्ताक्षर के साथ सॉफ्टवेयर पर पंजीयन कराना होगा।
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तैयारी पूरी है
जनपद में बालू खदानों के परमिट ई-टेंडरिंग के जरिए दिए जाएंगे। विभाग की ओर से इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गईं है। वन विभाग की ओर से अभी 14 बालू क्षेत्रों के लिए एनओसी जारी कर दी गईं है औक दो क्षेत्रों का सर्वे पूरा हो गया है।
आरबी सिंह, जिला खनिज अधिकारी