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तो एफआईआर क्यों नहीं कराते
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jun 2017 12:18 AM IST
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sipri bajar, jhansi news
- फोटो : demo
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जिम्मेदारों के गैरजिम्मेदाराना रवैये के कारण सीपरी बाजार एक बार फिर अतिक्रमण का शिकार हो गया है। बुधवार को यहां अतिक्रमण हटाया गया था और चेतावनी दी गई थी कि दोबारा कब्जे हुए तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ एफआईआर होगी पर कुछ नहीं हुआ। शायद इसी वजह से कब्जेदारों के हौसले बुलंद हैं। साथ ही नगर निगम और पुलिस पर उंगलियां भी उठ रही हैं।
सीपरी बाजार में अवैध कब्जाधारकों को चिह्नित किया गया था। नगर निगम ने ऐसे 127 अतिक्रमणकारियों की सूची तैयार कर सीपरी बाजार थाना पुलिस को सौंपी गई थी कि यदि दुबारा कोई अतिक्रमण करता है तो इसके लिए स्थानीय पुलिस जिम्मेदार होगी। पुलिस उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मुकदमा कायम करेगी, लेकिन इसका असर नहीं हुआ और सब्जी, फल, चाट, परांठा और फूल बेचने वाले फिर से अपनी जगह काबिज हो गए। ताला-चाबी वाले भी जगह घेरकर खड़े होने लगे हैं। चित्रा चौराहा के पास ओवरब्रिज के नीचे फिर से सब्जी और फल मार्केट गुलजार हो गया है, लेकिन इस ओर न तो पुलिस का ध्यान है और न ही अतिक्रमण हटाने वाले प्रशासनिक अमले का।
बड़ा खर्च पर बेकार
नगर निगम, पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियाें की टीम ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर हजारों रुपये खर्च कर दिए थे। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ, थानेदार, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम के चार कर अधीक्षक, अधीनस्थ स्टाफ, आधा सैकड़ा पुलिस कर्मी समेत करीब सौ कर्मचारी अतिक्रमण हटाने के दौरान लगाए गए थे। इनका एक दिन का वेतन जोड़ा जाए तो लगभग 30 हजार होगा। इसके अलावा बज्र वाहन, अफसरों की गाड़ियां, क्यूआरटी, जेसीबी, ट्रैक्टर समेत पंद्रह गाड़ियां लगी थीं। इन गाड़ियों में डीजल का खर्च भी कम से कम पांच हजार रुपये हुआ होगा।
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हमारी नहीं, पुलिस की जिम्मेदारी
अतिक्रमण हटाकर पूरी सूची सीपरी बाजार थाना पुलिस को सौंप दी गई है। अब हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। क्योंकि, नगर निगम का काम सिर्फ अतिक्रमण हटाना है। दोबारा अतिक्रमण होता है तो उसे हटाना पुलिस की जिम्मेदारी होती है। अतिक्रमण हटाने के समय सीओ सिटी से इस बारे में स्पष्ट बात हो गई थी। अब अतिक्रमण रोकना पुलिस का काम है।
- रोहन सिंह
अपर नगर आयुक्त
अब मुकदमा दर्ज किया जाएगा
अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है। देखा जा रहा है कि कौन - कौन हाथ ठेला वाले और सब्जी वाले फिर से अतिक्रमण कर रहे हैं। एक- दो दिन के अंदर सभी के खिलाफ मुकदमा कायम होगा।
- जंगबहादुर यादव
सीओ सिटी
दुकानदारों को जगह की जाए
सीपरी बाजार में अतिक्रमण हटाने के बाद हाथ ठेला वालों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जगह देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि फुटपाथ से हाथ ठेला और खोमचा वालों को हटा दिया गया, जिससे परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। उन्होंने रोजगार के लिए जगह देने की मांग की। इस मौके पर राहुल सैनी, विक्की रजक उपस्थित रहे।
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जिम्मेदारों के गैरजिम्मेदाराना रवैये के कारण सीपरी बाजार एक बार फिर अतिक्रमण का शिकार हो गया है। बुधवार को यहां अतिक्रमण हटाया गया था और चेतावनी दी गई थी कि दोबारा कब्जे हुए तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ एफआईआर होगी पर कुछ नहीं हुआ। शायद इसी वजह से कब्जेदारों के हौसले बुलंद हैं। साथ ही नगर निगम और पुलिस पर उंगलियां भी उठ रही हैं।
सीपरी बाजार में अवैध कब्जाधारकों को चिह्नित किया गया था। नगर निगम ने ऐसे 127 अतिक्रमणकारियों की सूची तैयार कर सीपरी बाजार थाना पुलिस को सौंपी गई थी कि यदि दुबारा कोई अतिक्रमण करता है तो इसके लिए स्थानीय पुलिस जिम्मेदार होगी। पुलिस उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मुकदमा कायम करेगी, लेकिन इसका असर नहीं हुआ और सब्जी, फल, चाट, परांठा और फूल बेचने वाले फिर से अपनी जगह काबिज हो गए। ताला-चाबी वाले भी जगह घेरकर खड़े होने लगे हैं। चित्रा चौराहा के पास ओवरब्रिज के नीचे फिर से सब्जी और फल मार्केट गुलजार हो गया है, लेकिन इस ओर न तो पुलिस का ध्यान है और न ही अतिक्रमण हटाने वाले प्रशासनिक अमले का।
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बड़ा खर्च पर बेकार
नगर निगम, पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियाें की टीम ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर हजारों रुपये खर्च कर दिए थे। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ, थानेदार, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम के चार कर अधीक्षक, अधीनस्थ स्टाफ, आधा सैकड़ा पुलिस कर्मी समेत करीब सौ कर्मचारी अतिक्रमण हटाने के दौरान लगाए गए थे। इनका एक दिन का वेतन जोड़ा जाए तो लगभग 30 हजार होगा। इसके अलावा बज्र वाहन, अफसरों की गाड़ियां, क्यूआरटी, जेसीबी, ट्रैक्टर समेत पंद्रह गाड़ियां लगी थीं। इन गाड़ियों में डीजल का खर्च भी कम से कम पांच हजार रुपये हुआ होगा।
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हमारी नहीं, पुलिस की जिम्मेदारी
अतिक्रमण हटाकर पूरी सूची सीपरी बाजार थाना पुलिस को सौंप दी गई है। अब हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। क्योंकि, नगर निगम का काम सिर्फ अतिक्रमण हटाना है। दोबारा अतिक्रमण होता है तो उसे हटाना पुलिस की जिम्मेदारी होती है। अतिक्रमण हटाने के समय सीओ सिटी से इस बारे में स्पष्ट बात हो गई थी। अब अतिक्रमण रोकना पुलिस का काम है।
- रोहन सिंह
अपर नगर आयुक्त
अब मुकदमा दर्ज किया जाएगा
अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है। देखा जा रहा है कि कौन - कौन हाथ ठेला वाले और सब्जी वाले फिर से अतिक्रमण कर रहे हैं। एक- दो दिन के अंदर सभी के खिलाफ मुकदमा कायम होगा।
- जंगबहादुर यादव
सीओ सिटी
दुकानदारों को जगह की जाए
सीपरी बाजार में अतिक्रमण हटाने के बाद हाथ ठेला वालों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जगह देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि फुटपाथ से हाथ ठेला और खोमचा वालों को हटा दिया गया, जिससे परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। उन्होंने रोजगार के लिए जगह देने की मांग की। इस मौके पर राहुल सैनी, विक्की रजक उपस्थित रहे।