{"_id":"604678d78ebc3ecbb54f6c91","slug":"when-arival-185-village-water-jhansi-news-jhs1903887111","type":"story","status":"publish","title_hn":"कब पहुंचेगा 185 गांवों में पानी, नहीं पता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कब पहुंचेगा 185 गांवों में पानी, नहीं पता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। बुंदेलखंड के प्रत्येक गांव में शुरू की गई हर घर जल योजना के अंतर्गत जिले के 648 गांवों में पेयजल योजना पहुंचाई जाएगी, लेकिन 185 गांवों में जलसंस्थान पानी की आपूर्ति करता है और विभाग के पास योजना से संबंधित कोई आदेश नहीं होने के कारण असमंजस की स्थिति है। जलसंस्थान को चार साल से पैसा नहीं मिला है, इस कारण योजनाओं की मरम्मत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
जलसंस्थान शहर के अलावा गांवों में भी पेयजल की आपूर्ति करता है। 27 ग्रामीण पेयजल योजनाओं के अंतर्गत 185 गांवों में योजना संचालित है। चार साल से विभाग को पैसा नहीं मिलने के कारण 104 गांवों में पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं। 44 गांवों में पेयजल योजनाएं रिपेयरिंग मांग रही हैं। दूसरा विभाग इन योजनाओं पर हाथ नहीं डाल रहा है और जलसंस्थान के पास योजना से संबंधित कोई आदेश नहीं आने के कारण असमंजस की स्थिति है।
योजना भारत सरकार के अधीन है, इसलिए प्रदेश स्तर पर कोई हस्तक्षेप नहीं कर पा रहा है। जलसंस्थान यह बात लगभग हर मीटिंग में उठाता रहा है, लेकिन अधिकारी भारत सरकार से काम कराने का आश्वासन दे देते हैं, लेकिन कोई लिखत- पढ़त में अधिकृत आदेश नहीं आने के कारण जलसंस्थान हाथ पर हाथ धरे बैठा है। यही कारण है कि ग्राम रक्सा, रानीपुर, रामनगर, मगरपुर, लक्ष्मनपुरा, सकरार, अम्मरगढ़, निनौरा, चुरारा, करगुंवा, बरुआसागर, बबीना, सपरार, भरोसा, बम्हरौली, ढिबकई, अंबाबाय, बाबई आदि गांवों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
विज्ञापन
बचत करने की आदत डालनी पड़ेगी
हर घर जल योजना के माध्यम से प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त पानी नहीं मिलेगा। ऐसे में पानी की फिजूलखर्ची बंद हो जाएगी। लोगों को भी पानी की कीमत समझनी होगी। इससे न केवल पानी की बचत होगी, बल्कि लोगों को पर्याप्त जलापूर्ति हो सकेगी। योजना के अंतर्गत ग्राम तिलैथा, बुढ़पुरा, कुरैचा, इमलौटा, भरथरी, टेहरका, गुलारा, बड़वार, पुरवा एवं बचावली में जल परियोजनाएं स्थापित होंगी। माताटीला बांध से पानी लिफ्ट कराकर पानी पहुंचा जाएगा।
विज्ञापन
जलसंस्थान शहर के अलावा गांवों में भी पेयजल की आपूर्ति करता है। 27 ग्रामीण पेयजल योजनाओं के अंतर्गत 185 गांवों में योजना संचालित है। चार साल से विभाग को पैसा नहीं मिलने के कारण 104 गांवों में पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं। 44 गांवों में पेयजल योजनाएं रिपेयरिंग मांग रही हैं। दूसरा विभाग इन योजनाओं पर हाथ नहीं डाल रहा है और जलसंस्थान के पास योजना से संबंधित कोई आदेश नहीं आने के कारण असमंजस की स्थिति है।
विज्ञापन
योजना भारत सरकार के अधीन है, इसलिए प्रदेश स्तर पर कोई हस्तक्षेप नहीं कर पा रहा है। जलसंस्थान यह बात लगभग हर मीटिंग में उठाता रहा है, लेकिन अधिकारी भारत सरकार से काम कराने का आश्वासन दे देते हैं, लेकिन कोई लिखत- पढ़त में अधिकृत आदेश नहीं आने के कारण जलसंस्थान हाथ पर हाथ धरे बैठा है। यही कारण है कि ग्राम रक्सा, रानीपुर, रामनगर, मगरपुर, लक्ष्मनपुरा, सकरार, अम्मरगढ़, निनौरा, चुरारा, करगुंवा, बरुआसागर, बबीना, सपरार, भरोसा, बम्हरौली, ढिबकई, अंबाबाय, बाबई आदि गांवों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
विज्ञापन
बचत करने की आदत डालनी पड़ेगी
हर घर जल योजना के माध्यम से प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त पानी नहीं मिलेगा। ऐसे में पानी की फिजूलखर्ची बंद हो जाएगी। लोगों को भी पानी की कीमत समझनी होगी। इससे न केवल पानी की बचत होगी, बल्कि लोगों को पर्याप्त जलापूर्ति हो सकेगी। योजना के अंतर्गत ग्राम तिलैथा, बुढ़पुरा, कुरैचा, इमलौटा, भरथरी, टेहरका, गुलारा, बड़वार, पुरवा एवं बचावली में जल परियोजनाएं स्थापित होंगी। माताटीला बांध से पानी लिफ्ट कराकर पानी पहुंचा जाएगा।