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गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों का करीब साढ़े सात करोड़ बकाया

Mon, 10 May 2021 02:52 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 10 May 2021 02:52 AM IST
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wheat centre farmer debtor
झांसी। सरकारी गेहूं खरीद केंद्रोें पर किसानोें का करीब पौने तेरह करोड़ रुपया बकाया हो गया लेकिन, खरीद एजेंसियां भुगतान नहीं कर पा रही हैं। भुगतान डिफाल्ट के मामले में इस बार भी पीएसएफ सबसे ऊपर है। उस पर किसानों का करीब 4.82 करोड़ रुपया बकाया हो चुका। वहीं, एफपीओ भी किसानों को भुगतान करने में पीछे हैं।
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मंडल में एक अप्रैल से गेहूं खरीद आरंभ हुई लेकिन उसके दो दिन बाद शुरू हुए पंचायत चुनाव और बाद में कोरोना की बढ़ती रफ्तार की वजह से गेहूं खरीद पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है। अभी तक सिर्फ 33230.25 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी है जो पिछली बार के मुकाबले काफी कम है। संक्रमण के चलते किसान भी मंडी तक नहीं पहुंच रहे। उधर, जिन किसानों ने केंद्रोें में अपना गेहूं बेचा उनको भी एजेंसियां समय पर भुगतान नहीं कर रही हैं जबकि सरकार लगातार तीन दिन के भीतर भुगतान का दावा कर रही है। पिछले दिनों खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान भुगतान की स्थिति के बारे में पूछा था लेकिन, उस दौरान बताया गया कि किसानों को समय पर पैसा दिया जा रहा है। आज अफसरों के दावे की पोल खुल गई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक किसानों का कुल करीब 1275.13 लाख रुपये बकाया है। भुगतान करने में सबसे अधिक हीलाहवाली पीसीएफ की सामने आई। एजेंसी पर 452.710 लाख रुपये बकाया है। इसी तरह यूपीपीसीयू पर 154.837 लाख रुपये बकाया है। सरकार की खास पैरोकारी पर एफपीओ को खरीद करने का मौका दिया गया लेकिन, वह भी किसानों को भुगतान करने के मामले में पीछे साबित हो रही हैं। एफपीओ ने 154.837 लाख रुपये का भुगतान रोक रखा है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनूप कुमार सिंह के मुताबिक कुल 6562.97 लाख रुपये का भुगतान किया जाना है जबकि अब तक 5287.84 लाख का भुगतान किया जा चुका। जल्द ही शेष किसानों का भुगतान भी दिलाने की कोशिश की जा रही है।
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कोरोना संक्रमण के चलते खरीद काफी धीमी
गेहूं की सरकारी खरीद काफी धीमी गति से चल रही है। अभी तक जनपद के 67 खरीद केंद्रों में सिर्फ 33230 मैट्रिक टन ही खरीद हो सकी है जबकि पिछले वर्ष अधिक खरीद हुई थी। गेहूं खरीद के पिछड़ने की वजह से पंचायत चुनावों के साथ ही इस समय शुरू हुई कोविड की लहर भी बताई जा रही। इन दोनों वजहों से फसल पकने के बावजूद उसकी समय पर कटाई नहीं हो सकी। इस वजह से गेहूं विलंब से केंद्रों तक पहुंचना शुरू हुआ। अभी तक झांसी में 6431 किसानों से 33230.25 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी। वहीं, अब इन केंद्रों में ई-पॉप मशीनों से खरीद के लिए भी मशीनें आ गई हैं। बता दें, मंडल में दो सौ से अधिक क्रय केंद्र खोले गए हैं। आरएफसी नरेंद्र कुमार के मुताबिक चुनाव के चलते खरीद पर प्रभाव पड़ा है लेकिन, धीरे-धीरे इसमें तेजी आ रही है।
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5085 मीट्रिक टन गेहूं का नहीं हुआ उठान, डीएम ने लगाई फटकार
जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने गेहूं खरीद को लेकर कैंप कार्यालय में समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने लंबित भुगतान जल्द करने के निर्देश देते हुए उठान न होने पर भी नाराजगी जताई। बैठक में बताया गया कि जनपद में खरीद के मुकाबले 28036.55 मीट्रिक टन गेहूं का ही उठान हो सका है जबकि 5085 मीट्रिक टन गेहूं अभी बाहर ही पड़ा हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने एफसीआई अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द पूरा गेहूं उठावाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा गोदाम पर अनावश्यक ट्रकों को न रोका जाए। तत्काल उनकी अनलोडिंग कराई जाए। जिलाधिकारी ने कहा बरसात में गेहूं भीगने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। केंद्र प्रभारियों को भी तत्काल उठान कराने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम राम अक्षयवर चौहान, संयुक्त सहकारिता उदयभान सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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