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क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Apr 2016 12:48 AM IST
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anaz, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक बढ़ गई है। अब तक 6,877 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में अधिक है। बाजार में समर्थन मूल्य से अधिक न मिलने की वजह से किसान क्रय केंद्रों की ओर रुख कर रहे हैं।
शुरुआती सन्नाटे के बाद अब जनपद में खोले गए 71 क्रय केंद्रों पर किसानों की आवाजाही नजर आने लगी है। एक अप्रैल से अब तक जिले के 1,222 किसान क्रय केंद्रों पर अपना 6872.60 मीट्रिक टन गेहूं बेच चुके हैं। जबकि, साल 2015 की इस अवधि पर 4,340 मीट्रिक टन गेहूं आया था।
सूखे के बावजूद क्रय केंद्रों पर गेहूं की ज्यादा आवक की वजह बाजार में सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य 1,525 रुपये से अधिक न मिलना बताई जा रही है। जबकि, पिछले साल समर्थन मूल्य 1,450 से बाजार में किसानों को अधिक कीमत मिली थी, जिससे वह क्रय केंद्रों की जगह बाजार में अपना माल बेच रहे थे। इस बार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू हो जाने से बाजार में गेहूं की मांग में अंतर आया है। इससे व्यापारी भी गेहूं की ज्यादा कीमत देना मुनाफे का सौदा नहीं समझ रहे हैं।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी दिनेश कुमार तिवारी ने बताया कि केंद्रों पर गेहूं की अच्छी आवक हो रही है। यहां उन्हें बाजार से अच्छी कीमत मिल रही है। इसके अलावा सहूलियत से गेहूं क्रय किया जा रहा है।
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शुरुआती सन्नाटे के बाद अब जनपद में खोले गए 71 क्रय केंद्रों पर किसानों की आवाजाही नजर आने लगी है। एक अप्रैल से अब तक जिले के 1,222 किसान क्रय केंद्रों पर अपना 6872.60 मीट्रिक टन गेहूं बेच चुके हैं। जबकि, साल 2015 की इस अवधि पर 4,340 मीट्रिक टन गेहूं आया था।
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सूखे के बावजूद क्रय केंद्रों पर गेहूं की ज्यादा आवक की वजह बाजार में सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य 1,525 रुपये से अधिक न मिलना बताई जा रही है। जबकि, पिछले साल समर्थन मूल्य 1,450 से बाजार में किसानों को अधिक कीमत मिली थी, जिससे वह क्रय केंद्रों की जगह बाजार में अपना माल बेच रहे थे। इस बार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू हो जाने से बाजार में गेहूं की मांग में अंतर आया है। इससे व्यापारी भी गेहूं की ज्यादा कीमत देना मुनाफे का सौदा नहीं समझ रहे हैं।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी दिनेश कुमार तिवारी ने बताया कि केंद्रों पर गेहूं की अच्छी आवक हो रही है। यहां उन्हें बाजार से अच्छी कीमत मिल रही है। इसके अलावा सहूलियत से गेहूं क्रय किया जा रहा है।