फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   What will happen to the patients in this so called Yogi

इतने में रोगियों का क्या होगा योगी जी

Wed, 03 May 2017 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 03 May 2017 01:10 AM IST
विज्ञापन
What will happen to the patients in this so called Yogi
medicine - फोटो : demo
प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों की मुफ्त दवा के लिए बजट तो उपलब्ध करा दिया है, लेकिन यह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज को आवश्यकता थी बीस करोड़ की और दिए गए हैं सिर्फ डेढ़ करोड़।
विज्ञापन

महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज की ओपीडी में प्रतिदिन तीन सौ से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इसके अलावा रोजाना साठ - सत्तर मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। अस्पताल में मरीजों को मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके लिए हर साल लगभग बीस करोड़ रुपये की आवश्यकता होती है। सरकार द्वारा दवाओं के लिए पूर्व में उपलब्ध कराया गया बजट पिछले साल के अक्तूबर माह में खत्म हो गया था। इसके बाद कुछ समय तक दूसरे मदों की रकम से दवाइयों का प्रबंध किया गया। लेकिन, यह खत्म हो जाने के बाद से मरीजों को अस्पताल से दवाएं मिलना बंद हो गईं। मजबूरी में उन्हें बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ीं। हालांकि, इस दौरान कई बार शासन से बजट की डिमांड की गई, परंतु विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते यह मिल नहीं पाया।
विज्ञापन

 प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद पहली बार बजट उपलब्ध कराया गया है, वह भी ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। अस्पताल को दवाइयों के लिए बीस करोड़ रुपये की आवश्यकता है, मिले हैं महज डेढ़ करोड़ ही। मेडिकल कालेज के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. हरिश्चंद्र ने बताया कि जरूरत के मुताबिक बजट नहीं मिला है, लेकिन इससे कुछ राहत जरूर मिलेगी। डिमांड भेजी गई है। उम्मीद है कि जल्द और बजट मिलेगा। मिले हुए बजट से जल्द अस्पताल में दवाओं की व्यवस्था की जाएगी।   
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला अस्पताल का भी यही हाल
जिला अस्पताल में भी दवाइयों के लिए बजट का टोटा है। यहां दवाओं के लिए प्रति तिमाही अड़तीस लाख रुपये की आवश्यकता होती है। जबकि, अभी दिए गए हैं सिर्फ 18.72 लाख रुपये। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. बी के गुप्ता ने बताया कि मरीजों को अस्पताल से ही दवा दी जा रही हैं। अन्य मदों से भी दवाइयों का बंदोबस्त किया जा रहा है। जून तक दवाओं के बजट की अगली किस्त आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed