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नासूर बनी कचरे की आग, धुएं के आगोश में इलाका
Fri, 05 Apr 2019 07:49 AM IST
vivek shukla
jhansi
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Published by: vivek shukla
Updated Fri, 05 Apr 2019 07:49 AM IST
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westage fog in jhansi
- फोटो : amarujala
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मसीहागंज में मैला की टौरिया स्थित नगर निगम के डंपिंग जोन में कचरे में आए दिन लगने वाली आग नासूर बन गई है। मंगलवार की रात आग बड़ी मशक्कत से काबू पाया जा सका था। लेकिन, बुधवार की रात एक बार फिर कचरा धधकने लगा, जिससे उठने वाले धुएं ने पूरे इलाके को अपने आगोश में ले लिया। क्षेत्रीय लोगों का हाल बेहाल है। वे समस्या के स्थायी समाधान के इंतजार में हैं।
सीपरी बाजार के मसीहागंज इलाके की मैला की टौरिया मुहल्ले में नगर निगम की गाड़ियां शहर भर से इकट्ठा किया जाने वाला कचरा डालती हैं। मंगलवार की रात कचरे में आ लग गई थी, जिस पर घंटों मशक्कत के बाद दमकल और नगर निगम की टीमें काबू पा पाईं थीं। बुधवार - बृहस्पतिवार की दरम्यानी रात दोबारा उसमें से धुआं उठने लगा और बाद में स्थितियां दुबारा बदतर हो गई। स्थिति ये रही कि दमकल दस्ते के लिए भी आग पर काबू पाना आसान नहीं रहा। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला और जेट मशीनों से पानी की बौछार कर सुलग रही आग को बृहस्पतिवार की शाम को बुझाया जा सका। इधर, क्षेत्रवासियों को रात बमुश्किल काटनी पड़ी। नगर निगम के अधिकारियों ने आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्था करने के साथ ही डंपिंग जोन की निगरानी करने का आश्वासन दिया है।
आग से होता है हानिकारक गैसों का उत्सर्जन
बुंदेलखंड अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईईटी) के केमिकल इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रो. रविंद्र ने बताया कि मिश्रित कचरे में विभिन्न प्रकार के रसायन संपर्क में आते हैं और कई रासायनिक क्रियाएं होतीं हैं। फलस्वरूप बदबूदार गैसें पैदा होने लगतीं हैं, जिन्हें लैंडफिल गैस कहा जाता है। इससे हाइड्रोजन सल्फाइड, नाइट्रोकजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड प्रमुख हैं। लेकिन जब उसमें आग लग जाती है तो उससे कार्बन डाईऑक्साइड, सल्फाइड और नाइट्रोजन जैसी खतरनाक यौगिक गैस निकलती हैं, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक है।
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ये होती हैं बीमारियां
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि वायु प्रदूषण से एक नहीं बल्कि अनेक बीमारियां पनपतीं हैं। कचरे से उठने वाले धुएं से खांसी, बलगम, जुकाम और बाद में सांस फूलने की समस्या पैदा होती है। इसके अलावा आंखों में जलन तथा दमा व टीबी के मरीजों के लिए निकलने वाली गैसें हानिकारक होतीं हैं।
नहीं संभले तो होगा जुर्माना
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी बीके मिश्रा ने बताया कि कचरे में आग लगाना गैर कानूनी है। नगर निगम के डंपिंग जोन में आग लगने की घटना को गंभीरता से लिया जाएगा। वैकल्पिक व्यवस्था कर उसे रोकने के लिए पहले चेतावनी दी जाएगी। समयावधि में यदि आग लगने की घटना नहीं रुकी तो नगर निगम पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा।
नगर निगम की तरफ से डंपिंग जोन में लगने वाली आग को गंभीरता से लिया गया है। जल्द ही वहां पर आग बुझाने की उचित व्यवस्था की जाएगी। साथ ही निगरानी की जाएगी। डंपिंग जोन में कोई भी आग लगाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त
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सीपरी बाजार के मसीहागंज इलाके की मैला की टौरिया मुहल्ले में नगर निगम की गाड़ियां शहर भर से इकट्ठा किया जाने वाला कचरा डालती हैं। मंगलवार की रात कचरे में आ लग गई थी, जिस पर घंटों मशक्कत के बाद दमकल और नगर निगम की टीमें काबू पा पाईं थीं। बुधवार - बृहस्पतिवार की दरम्यानी रात दोबारा उसमें से धुआं उठने लगा और बाद में स्थितियां दुबारा बदतर हो गई। स्थिति ये रही कि दमकल दस्ते के लिए भी आग पर काबू पाना आसान नहीं रहा। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला और जेट मशीनों से पानी की बौछार कर सुलग रही आग को बृहस्पतिवार की शाम को बुझाया जा सका। इधर, क्षेत्रवासियों को रात बमुश्किल काटनी पड़ी। नगर निगम के अधिकारियों ने आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्था करने के साथ ही डंपिंग जोन की निगरानी करने का आश्वासन दिया है।
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आग से होता है हानिकारक गैसों का उत्सर्जन
बुंदेलखंड अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईईटी) के केमिकल इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रो. रविंद्र ने बताया कि मिश्रित कचरे में विभिन्न प्रकार के रसायन संपर्क में आते हैं और कई रासायनिक क्रियाएं होतीं हैं। फलस्वरूप बदबूदार गैसें पैदा होने लगतीं हैं, जिन्हें लैंडफिल गैस कहा जाता है। इससे हाइड्रोजन सल्फाइड, नाइट्रोकजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड प्रमुख हैं। लेकिन जब उसमें आग लग जाती है तो उससे कार्बन डाईऑक्साइड, सल्फाइड और नाइट्रोजन जैसी खतरनाक यौगिक गैस निकलती हैं, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक है।
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ये होती हैं बीमारियां
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि वायु प्रदूषण से एक नहीं बल्कि अनेक बीमारियां पनपतीं हैं। कचरे से उठने वाले धुएं से खांसी, बलगम, जुकाम और बाद में सांस फूलने की समस्या पैदा होती है। इसके अलावा आंखों में जलन तथा दमा व टीबी के मरीजों के लिए निकलने वाली गैसें हानिकारक होतीं हैं।
नहीं संभले तो होगा जुर्माना
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी बीके मिश्रा ने बताया कि कचरे में आग लगाना गैर कानूनी है। नगर निगम के डंपिंग जोन में आग लगने की घटना को गंभीरता से लिया जाएगा। वैकल्पिक व्यवस्था कर उसे रोकने के लिए पहले चेतावनी दी जाएगी। समयावधि में यदि आग लगने की घटना नहीं रुकी तो नगर निगम पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा।
नगर निगम की तरफ से डंपिंग जोन में लगने वाली आग को गंभीरता से लिया गया है। जल्द ही वहां पर आग बुझाने की उचित व्यवस्था की जाएगी। साथ ही निगरानी की जाएगी। डंपिंग जोन में कोई भी आग लगाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त