{"_id":"57041c754f1c1b7632c81790","slug":"wednesday-and-friday-for-small-farmers","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुधवार और शुक्रवार छोटे किसानों के नाम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुधवार और शुक्रवार छोटे किसानों के नाम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 Apr 2016 01:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। गेहूं खरीद के लिए सप्ताह में दो दिन बुधवार व शुक्रवार जिलाधिकारी ने लघु व सीमांत किसानों के लिए तय कर दिए हैं। इन दोनों दिनों में क्रय केंद्रों पर छोटे किसानों का प्राथमिकता के आधार पर गेहूं खरीदा जाएगा। इसका लाभ जिले के अस्सी फीसदी किसानों को मिलेगा।
एक हेक्टेअर से कम भूमि वाले किसान सीमांत व दो हेक्टेअर तक भूमि वाले लघु कृषक की श्रेणी में आते हैं। जबकि, दो हेक्टेअर से अधिक भूमि वाले किसान वृहद श्रेणी में आते हैं। जिले के तीन लाख बाइस हजार किसानों में अस्सी फीसदी लघु व सीमांत किसान हैं। इन किसानों का गेहूं क्रय केंद्रों पर तय दिवसों में प्राथमिकता से लिया जाएगा। बाद में वृहद किसानों को मौका मिलेगा। हालांकि, छोटे किसान अन्य दिवसों में भी गेहूं की बिक्री कर सकेंगे। जबकि, बड़े किसानों को उक्त दो दिवसों में भी बिक्री का मौका दिया जाएगा, लेेकिन उनका गेहूं छोटे किसानों की खरीद पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
मालूम हो कि बड़े किसान क्रय केंद्रों पर ज्यादा अनाज लेेकर आते हैं, जिसकी खरीद प्रक्रिया में काफी समय लगता है। जबकि, छोटे किसानों के पास कम अनाज होता है, बावजूद उन्हें इसकी बिक्री के लिए इंतजार करना पड़ जाता है। ऐसे में तमाम छोटे किसान बाजार की ओर रुख कर लेते हैं, जहां उन्हें अपनी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पाता है। छोटे कृषकों को इस असुविधा से बचाने के लिए उक्त दो दिन उनके लिए निर्धारित किए गए हैं।
विज्ञापन
76 हजार मीट्रिक टन खरीद का मिला लक्ष्य
झांसी। शासन ने जिले को 76 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया है। हालांकि, कृषि की विषम परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए यह लक्ष्य पूरा हो पाना मुश्किल दिख रहा है। मालूम हो कि जिले में पिछले साल भी गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया था। लक्ष्य 57 हजार के सापेक्ष 49 हजार मीट्रिक टन की ही खरीद हो पाई थी।
विज्ञापन
एक हेक्टेअर से कम भूमि वाले किसान सीमांत व दो हेक्टेअर तक भूमि वाले लघु कृषक की श्रेणी में आते हैं। जबकि, दो हेक्टेअर से अधिक भूमि वाले किसान वृहद श्रेणी में आते हैं। जिले के तीन लाख बाइस हजार किसानों में अस्सी फीसदी लघु व सीमांत किसान हैं। इन किसानों का गेहूं क्रय केंद्रों पर तय दिवसों में प्राथमिकता से लिया जाएगा। बाद में वृहद किसानों को मौका मिलेगा। हालांकि, छोटे किसान अन्य दिवसों में भी गेहूं की बिक्री कर सकेंगे। जबकि, बड़े किसानों को उक्त दो दिवसों में भी बिक्री का मौका दिया जाएगा, लेेकिन उनका गेहूं छोटे किसानों की खरीद पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
विज्ञापन
मालूम हो कि बड़े किसान क्रय केंद्रों पर ज्यादा अनाज लेेकर आते हैं, जिसकी खरीद प्रक्रिया में काफी समय लगता है। जबकि, छोटे किसानों के पास कम अनाज होता है, बावजूद उन्हें इसकी बिक्री के लिए इंतजार करना पड़ जाता है। ऐसे में तमाम छोटे किसान बाजार की ओर रुख कर लेते हैं, जहां उन्हें अपनी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पाता है। छोटे कृषकों को इस असुविधा से बचाने के लिए उक्त दो दिन उनके लिए निर्धारित किए गए हैं।
विज्ञापन
76 हजार मीट्रिक टन खरीद का मिला लक्ष्य
झांसी। शासन ने जिले को 76 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया है। हालांकि, कृषि की विषम परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए यह लक्ष्य पूरा हो पाना मुश्किल दिख रहा है। मालूम हो कि जिले में पिछले साल भी गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया था। लक्ष्य 57 हजार के सापेक्ष 49 हजार मीट्रिक टन की ही खरीद हो पाई थी।